Hindi News
›
Video
›
India News
›
Sonam Raghuvanshi Bail: Brother Govind said this shocking thing after Sonam Raghuvanshi got bail!
{"_id":"69f119eaf9329f790b06f0a2","slug":"sonam-raghuvanshi-bail-brother-govind-said-this-shocking-thing-after-sonam-raghuvanshi-got-bail-2026-04-29","type":"video","status":"publish","title_hn":"Sonam Raghuvanshi Bail: सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने पर भाई गोविंद ने कह दी ये चौंकाने वाली बात!","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Sonam Raghuvanshi Bail: सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने पर भाई गोविंद ने कह दी ये चौंकाने वाली बात!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Wed, 29 Apr 2026 02:45 AM IST
Link Copied
राजा रघुवंशी हत्याकांड | आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत पर रिहाई पर उनके भाई गोविंद रघुवंशी ने कहा, "मुझे भी पता चला है कि सोनम को जमानत मिल गई है, लेकिन अदालत का आदेश अभी आना बाकी है.हमारे पास अभी तक कोई निजी वकील नहीं है। सरकार द्वारा नियुक्त वकील फिलहाल व्यस्त हैं। मुझे नहीं पता कि वह कब रिहा होंगी, कहां रहेंगी या शिलांग में रहेंगी या नहीं.जेल में सोनम से मिलने से पहले मैंने उन्हें (राजा के भाई को) साफ-साफ बता दिया था कि मुझे कुछ कागजी कार्रवाई करनी है। मैंने उन्हें पहले ही साफ-साफ बता दिया था.हम उसे अभी घर में नहीं रखेंगे। यह संभव नहीं है.अगर यह सरकार का फैसला है, तो मैं इस बारे में कुछ नहीं कहूंगा.अगर मेरे माता-पिता उसे घर लाना चाहते हैं, तो मैं घर पर नहीं रहूंगा.एक प्रक्रिया है; अगर वे (राजा का परिवार) जाना चाहते हैं तो उन्हें उच्च न्यायालय जाना चाहिए।"
आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत को लेकर सामने आया बयान उनके भाई गोविंद रघुवंशी द्वारा दिया गया है, जिसमें उन्होंने स्थिति को लेकर अनिश्चितता और सीमित जानकारी की बात कही। गोविंद के अनुसार, उन्हें यह सूचना मिली है कि सोनम को जमानत मिल चुकी है, लेकिन अभी तक अदालत का आधिकारिक आदेश उनके पास नहीं पहुँचा है। भारत की न्यायिक प्रक्रिया में यह एक महत्वपूर्ण पहलू होता है कि केवल मौखिक जानकारी या मीडिया रिपोर्ट के आधार पर किसी फैसले को अंतिम नहीं माना जाता, बल्कि अदालत द्वारा जारी लिखित आदेश ही कानूनी रूप से मान्य होता है। ऐसे मामलों में आदेश की प्रति मिलने के बाद ही आरोपी की वास्तविक रिहाई की प्रक्रिया शुरू होती है, जिसमें जेल प्रशासन को निर्देश भेजे जाते हैं और औपचारिकताएँ पूरी की जाती हैं।
गोविंद रघुवंशी ने यह भी बताया कि परिवार के पास फिलहाल कोई निजी वकील नहीं है, जिससे यह संकेत मिलता है कि वे कानूनी सहायता के लिए पूरी तरह सरकारी तंत्र पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा नियुक्त वकील इस समय व्यस्त हैं, जिसके कारण मामले की जानकारी और आगे की प्रक्रिया को समझने में भी देरी हो रही है। भारत में ऐसे कई मामले होते हैं जहाँ आर्थिक या अन्य कारणों से परिवार निजी वकील नियुक्त नहीं कर पाते और उन्हें राज्य द्वारा उपलब्ध कराए गए अधिवक्ताओं पर निर्भर रहना पड़ता है। हालांकि, सरकारी वकील भी कानूनी रूप से उतने ही सक्षम होते हैं, लेकिन एक साथ कई मामलों को संभालने के कारण कभी-कभी संचार और समन्वय में देरी हो सकती है।
इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि जमानत मिलने की खबर और उसकी वास्तविक क्रियान्वयन प्रक्रिया के बीच अंतर हो सकता है। जब तक अदालत का आदेश आधिकारिक रूप से जारी नहीं होता, तब तक किसी भी प्रकार की रिहाई केवल संभावित मानी जाती है। इसके अलावा, जमानत मिलना यह भी नहीं दर्शाता कि आरोपी दोषमुक्त हो गया है, बल्कि यह केवल मुकदमे के दौरान कुछ शर्तों के साथ अस्थायी राहत होती है। ऐसे मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया जैसे सुनवाई, साक्ष्य और अदालत का अंतिम निर्णय ही यह तय करते हैं कि आरोपी दोषी है या निर्दोष।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।