Hindi News
›
Video
›
India News
›
Swami Avimukteshwaranand Controversy: Swami Avimukteshwaranand's lawyer told how he got relief!
{"_id":"69a219392fd5ae534f03d294","slug":"swami-avimukteshwaranand-controversy-swami-avimukteshwaranand-s-lawyer-told-how-he-got-relief-2026-02-28","type":"video","status":"publish","title_hn":"Swami Avimukteshwaranand Controversy: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के वकील ने बताया कैसे मिली राहत!","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Swami Avimukteshwaranand Controversy: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के वकील ने बताया कैसे मिली राहत!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Sat, 28 Feb 2026 06:30 AM IST
नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़े मामले में द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी राहत देते हुए Allahabad High Court ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित किया है। अदालत ने मामले में विस्तृत सुनवाई के बाद फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी और अंतिम निर्णय सुरक्षित रख लिया है, जिससे उन्हें तात्कालिक कानूनी सुरक्षा मिल गई है।
अदालत ने यह स्पष्ट किया कि जब तक अग्रिम जमानत अर्जी पर अंतिम आदेश नहीं आ जाता, तब तक याचिकाकर्ता को गिरफ्तार न किया जाए, हालांकि उन्हें जांच में पूरा सहयोग करना होगा। यह मामला उस शिकायत से जुड़ा है जिसमें कुछ नाबालिगों के शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसके आधार पर संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। याचिका में शंकराचार्य की ओर से दलील दी गई कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार और राजनीतिक अथवा व्यक्तिगत द्वेष से प्रेरित हैं तथा उन्हें बदनाम करने की साजिश के तहत मामला दर्ज कराया गया है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि वे जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करने को तैयार हैं और फरार होने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने का कोई इरादा नहीं है।
वहीं राज्य पक्ष ने अदालत के समक्ष मामले की गंभीरता का हवाला देते हुए कहा कि आरोप संवेदनशील प्रकृति के हैं और जांच प्रभावित न हो, इसका ध्यान रखा जाना चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने संतुलित रुख अपनाते हुए गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई और कहा कि अंतिम आदेश बाद में पारित किया जाएगा। अदालत के इस आदेश के बाद शंकराचार्य के समर्थकों में उत्साह का माहौल देखा गया।
न्यायालय परिसर के बाहर और उनके आश्रम में समर्थकों ने प्रसन्नता व्यक्त की, मिठाइयाँ बांटीं और इसे “सत्य की जीत” बताया। समर्थकों का कहना है कि उन्हें न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास था और अदालत ने निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाया है। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निर्णय अग्रिम जमानत याचिका पर विस्तृत आदेश आने के बाद ही स्पष्ट होगा। इस प्रकरण ने धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा छेड़ दी है, क्योंकि एक ओर आरोपों की गंभीरता है तो दूसरी ओर एक प्रमुख धार्मिक पदाधिकारी को मिली अंतरिम राहत, जिससे आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।