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TMC Koel Mallick Resignation: TMC की राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक ने पद से दिया इस्तीफा। Mamata
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: Adarsh Jha Updated Thu, 16 Jul 2026 05:37 PM IST
पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस का संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी लगातार टूट रही है। अब ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका लगा है। टीएमसी की राज्यसभा सांसद और अभिनेत्री कोयल मलिक ने अपने पद से आधिकारिक तौर पर इस्तीफा दे दिया है। सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक इस्तीफा है या फिर टीएमसी के भीतर बढ़ती बगावत की एक और कड़ी?
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के सामने राजनीतिक संकट लगातार गहराता जा रहा है। पार्टी की राज्यसभा सांसद और अभिनेत्री कोयल मलिक ने गुरुवार को राज्यसभा सदस्यता से आधिकारिक तौर पर इस्तीफा दे दिया। हालांकि उन्होंने करीब एक महीने पहले ही इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया था, लेकिन अब औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा भेज दिया है।
कोयल मलिक को इसी साल अप्रैल में ममता बनर्जी ने राज्यसभा भेजा था। लेकिन महज कुछ महीनों के भीतर उनका इस्तीफा पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
इससे पहले भी टीएमसी के कई बड़े चेहरे पार्टी का साथ छोड़ चुके हैं। सुष्मिता देव और शुखेंदु शेखर जैसे नेताओं ने राज्यसभा से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया और अब वे भाजपा के टिकट पर फिर से राज्यसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी में बगावत लगातार बढ़ती गई। पार्टी के कई सांसद और विधायक या तो अलग गुट में शामिल हो गए या दूसरे दलों के साथ चले गए। लोकसभा में 20 से अधिक सांसद काकोली के नेतृत्व वाले गुट के साथ एनसीपीआई में शामिल हो चुके हैं, जबकि 60 से ज्यादा विधायक भी ममता बनर्जी के नेतृत्व से दूरी बना चुके हैं।
इसी कड़ी में बुधवार को ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले वरिष्ठ नेता और कामरहाटी से विधायक मदन मित्रा भी नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट में शामिल हो गए।
हालांकि मदन मित्रा ने साफ किया कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के विधायक बने रहेंगे, लेकिन ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की सभी राष्ट्रीय और संगठनात्मक जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे रहे हैं। साथ ही उन्होंने विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक पद से भी तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया।
मदन मित्रा का बयान भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने कहा, "मैंने अपना कमरा बदला है, मकान नहीं।" उनका कहना था कि वह अब भी टीएमसी का हिस्सा हैं, लेकिन उन्होंने संगठन के भीतर अपनी जगह बदलने का फैसला किया है।
लगातार हो रहे इस्तीफे और बगावत ने ममता बनर्जी के सामने संगठन को एकजुट रखने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यही सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में टीएमसी की संगठनात्मक ताकत पर इसका गहरा असर पड़ सकता है।
कोयल मलिक का इस्तीफा और मदन मित्रा का बागी गुट में जाना, टीएमसी के भीतर जारी राजनीतिक उथल-पुथल की नई तस्वीर पेश करता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि ममता बनर्जी इस संकट से पार्टी को कैसे उबारती हैं और क्या आने वाले दिनों में बगावत का यह सिलसिला थमेगा।
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