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UGC New Rule 2026 Row: Supreme Court puts a stay on the new rules of UGC, Brijbhushan Singh gave this reaction
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UGC New Rule 2026 Row: UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, बृजभूषण सिंह ने दी ये प्रतिक्रिया!
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Fri, 30 Jan 2026 04:30 AM IST
साल 2026 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने और समानता बढ़ाने के उद्देश्य से नए Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 नामक नियम बनाए गए थे, जिनका उद्देश्य यह था कि सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इक्विटी कमेटियाँ और शिकायत निवारण प्रणाली स्थापित हो, ताकि भेदभाव की शिकायतों का प्रभावी समाधान हो सके और सामाजिक समावेशन सुनिश्चित किया जा सके; लेकिन जब ये नियम 13 जनवरी 2026 को लागू किए गए तो छात्रों, शिक्षकों और राजनीतिक दलों के बीच इन पर तीव्र विवाद शुरू हो गया क्योंकि आलोचकों ने इन नए प्रावधानों को अस्पष्ट, पक्षपाती और भेदभावपूर्ण बताया, खासकर इसलिए कि इन नियमों में जातिगत भेदभाव की परिभाषा सीमित रखी गई थी और उसमें सामान्य श्रेणी (General Category) के छात्रों को संस्थागत संरक्षा से बाहर रखा गया था, जिससे कई लोग मानते थे कि यह नियम एक वर्ग के खिलाफ अन्य वर्गों को बाहर रखकर भेदभाव बढ़ा सकते हैं और गलत इस्तेमाल के विवाद को जन्म दे सकते हैं;
इसी विवाद के चलते कई जनहित याचिकाएँ सुप्रीम कोर्ट में दायर की गईं और 29 जनवरी 2026 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने इन नए यूजीसी नियमों पर रोक (Stay) लगा दी, यह निर्णय यह कहते हुए दिया गया कि नए नियमों की भाषा अस्पष्ट है, उनके दुरुपयोग का खतरा है, और यदि इन्हें बिना समीक्षा लागू किया गया तो वे समाज में विभाजन और तनाव पैदा कर सकते हैं, इसलिए इस रोक के दौरान 2012 के पुराने नियम ही लागू रहेंगे और अगली सुनवाई के लिए मामला 19 मार्च 2026 तक टाला गया है; इस फैसले से स्पष्ट होता है कि संवैधानिक अधिकारों और समता के सिद्धांतों का संतुलन बनाए रखना ज़रूरी है, नीति निर्माण में पारदर्शिता और विस्तृत परामर्श होना चाहिए और ऐसा कोई भी नियम जो विभाजन या भेदभाव को बढ़ावा दे सकता हो, उसके प्रभावों की गहन समीक्षा आवश्यक है।
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