Hindi News
›
Video
›
India News
›
Vedanta Group Chairman Anil Agarwal Net Worth: How rich is Vedanta Group Chairman Anil Agarwal?
{"_id":"69612b5a8499f1704a0ec2c0","slug":"vedanta-group-chairman-anil-agarwal-net-worth-how-rich-is-vedanta-group-chairman-anil-agarwal-2026-01-09","type":"video","status":"publish","title_hn":"Vedanta Group Chairman Anil Agarwal Net Worth: कितने अमीर है वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Vedanta Group Chairman Anil Agarwal Net Worth: कितने अमीर है वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल?
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: आदर्श Updated Fri, 09 Jan 2026 09:52 PM IST
Link Copied
वेदांता ग्रुप के चेयरमैन और देश-दुनिया में ‘मेटल किंग’ के नाम से मशहूर अनिल अग्रवाल इन दिनों अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। न्यूयॉर्क में उनके बेटे अग्निवेश अग्रवाल के अचानक निधन ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है। यह निजी त्रासदी उस शख्स के लिए और भी भारी है, जिसने जीवन भर संघर्ष, जोखिम और बड़े फैसलों के सहारे एक विशाल कारोबारी साम्राज्य खड़ा किया।
इस अपार दुख के बीच अनिल अग्रवाल एक बार फिर अपनी दरियादिली और सोच की वजह से चर्चा में हैं। उन्होंने भावुक होकर अपने उस संकल्प को दोहराया है, जिसमें उन्होंने अपनी कुल संपत्ति का 75 फीसदी हिस्सा समाज के नाम करने की बात कही थी। यह वही अनिल अग्रवाल हैं, जिन्होंने बिहार के पटना की तंग गलियों से निकलकर लंदन के ग्लोबल बिजनेस जगत में अपनी पहचान बनाई और आज दुनिया के सबसे प्रभावशाली उद्योगपतियों में गिने जाते हैं।
अनिल अग्रवाल का जीवन किसी प्रेरक कहानी से कम नहीं है। सीमित संसाधनों में पले-बढ़े अनिल अग्रवाल ने बेहद कम उम्र में कारोबार की दुनिया में कदम रखा। एक समय साइकिल पर घूमने वाले अनिल अग्रवाल ने मेटल और माइनिंग सेक्टर में ऐसी पकड़ बनाई कि आज उनका नाम दुनिया की बड़ी कॉर्पोरेट हस्तियों में शुमार है। वेदांता ग्रुप की नींव उन्होंने जोखिम उठाकर रखी और धीरे-धीरे इसे एक मल्टीनेशनल माइनिंग जायंट बना दिया।
अनिल अग्रवाल की मुख्य कंपनी वेदांता लिमिटेड आज दुनिया की सबसे बड़ी माइनिंग कंपनियों में गिनी जाती है। कंपनी की मार्केट वैल्यू 2.23 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। भारत में इस्तेमाल होने वाले करीब 81 प्रतिशत जिंक का उत्पादन अकेले वेदांता ग्रुप करता है। इसके अलावा चांदी, तांबा, एल्युमिनियम और लौह अयस्क के कारोबार में भी ग्रुप की मजबूत पकड़ है।
वेदांता ग्रुप के अंतर्गत हिंदुस्तान जिंक, केयर्न ऑयल एंड गैस और स्टरलाइट कॉपर जैसी दिग्गज कंपनियां आती हैं। सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और जाम्बिया जैसे देशों में भी ग्रुप की खदानें हैं, जो विदेशी मुद्रा में अरबों की कमाई करती हैं।
ग्रुप की सबसे ज्यादा कमाई कराने वाली कंपनी हिंदुस्तान जिंक है, जहां से चांदी, सीसा और जस्ता का उत्पादन होता है। केयर्न इंडिया राजस्थान समेत कई इलाकों से कच्चा तेल और गैस निकालती है, जो वेदांता की ऊर्जा जरूरतों की रीढ़ है।
बालको और वेदांता एल्युमिनियम के प्लांट ओडिशा और छत्तीसगढ़ में स्थित हैं, जहां बड़े पैमाने पर एल्युमिनियम का उत्पादन होता है। इसके अलावा स्टरलाइट कॉपर और स्टील बिजनेस के जरिए तांबा और लोहे का कारोबार चलता है। हाल के वर्षों में वेदांता ने सेमीकंडक्टर यानी चिप निर्माण के क्षेत्र में भी कदम रखा है, जिसे भविष्य की बड़ी कमाई का स्रोत माना जा रहा है।
फोर्ब्स के मुताबिक अनिल अग्रवाल और उनके परिवार की कुल नेटवर्थ करीब 4.2 अरब डॉलर यानी लगभग 35,000 करोड़ रुपये है। यह संपत्ति सिर्फ पैसे का आंकड़ा नहीं, बल्कि दशकों की मेहनत, जोखिम और फैसलों का नतीजा है। इसके बावजूद अनिल अग्रवाल खुद को जमीन से जुड़ा मानते हैं और समाज को लौटाने की बात खुलकर करते हैं।
बेटे के निधन के बाद अनिल अग्रवाल ने एक बार फिर अपने उस वादे को दोहराया है, जिसमें उन्होंने अपनी कुल संपत्ति का 75 फीसदी हिस्सा समाज के कल्याण में देने की बात कही थी। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास उनके दान के प्रमुख क्षेत्र रहे हैं। उनके मुताबिक, संपत्ति का असली अर्थ तभी है जब वह समाज के काम आए।
अनिल अग्रवाल अब वेदांता ग्रुप को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी में हैं। कंपनी को पांच अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बांटने की योजना को एनसीएलटी से मंजूरी मिल चुकी है। एल्युमिनियम, तेल-गैस, बिजली और स्टील के लिए अलग-अलग कंपनियां बनाई जाएंगी। लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक यह पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाए।
अनिल अग्रवाल कहते हैं कि वेदांता एक बड़ा बरगद है और अब इसकी हर शाखा को एक स्वतंत्र और मजबूत पेड़ बनाने का समय आ गया है। इसके साथ ही वे अगले पांच वर्षों में करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना पर भी काम कर रहे हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
$video_url='';
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।