Hindi News
›
Video
›
India News
›
Why was the nomination of Tej Pratap's candidate, Veena Manvi, cancelled in Bankipur? Bankipur By-Election.
{"_id":"6a56330eb654079b86034770","slug":"why-was-the-nomination-of-tej-pratap-s-candidate-veena-manvi-cancelled-in-bankipur-bankipur-by-election-2026-07-14","type":"video","status":"publish","title_hn":"बांकीपुर में तेज प्रताप की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन क्यों हुआ रद्द? Bankipur By-Poll Election","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बांकीपुर में तेज प्रताप की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन क्यों हुआ रद्द? Bankipur By-Poll Election
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: Adarsh Jha Updated Tue, 14 Jul 2026 06:31 PM IST
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बड़ा चुनावी उलटफेर हुआ है। जनशक्ति जनता दल की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन रद्द कर दिया गया है। अब इस फैसले पर सियासत भी तेज हो गई है। पार्टी प्रमुख तेज प्रताप यादव ने इसे साजिश बताया है और अदालत जाने का ऐलान कर दिया है। आखिर नामांकन क्यों खारिज हुआ और अब आगे क्या होगा?
बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जनशक्ति जनता दल को बड़ा झटका लगा है। पार्टी की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन पत्र निर्वाचन अधिकारियों ने रद्द कर दिया है। नामांकन खारिज होने की खबर मिलते ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव पटना कलेक्ट्रेट पहुंचे और निर्वाची पदाधिकारी से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली।
निर्वाची पदाधिकारी से मुलाकात के बाद तेज प्रताप यादव ने मीडिया से बातचीत में इस फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी की उम्मीदवार के खिलाफ साजिश रची गई है और जानबूझकर उनका नामांकन निरस्त कराया गया है। तेज प्रताप ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और इस फैसले को अदालत में चुनौती दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि उनकी उम्मीदवार के साथ अन्याय हुआ है और पार्टी कानूनी लड़ाई लड़ेगी। उनके मुताबिक, अंतिम फैसला अब अदालत में होगा।
दरअसल, वीणा मानवी ने 13 जुलाई को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए जनशक्ति जनता दल के उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया था। नामांकन के कुछ ही समय बाद पटना पुलिस ने उन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के विरोध में उनके समर्थकों ने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर प्रदर्शन भी किया। हालांकि, उसी दिन देर शाम अदालत से उन्हें जमानत मिल गई थी।
अब नामांकन रद्द होने की वजह उनके चुनावी हलफनामे को बताया जा रहा है। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, वीणा मानवी ने अपने शपथपत्र में अपने खिलाफ दर्ज एक आपराधिक मामले की जानकारी का उल्लेख नहीं किया। आरोप है कि वर्ष 2009 के एक मामले में उन्हें पहले ही अदालत से जमानत मिल चुकी थी, लेकिन हलफनामे में इस मामले का खुलासा नहीं किया गया।
निर्वाचन अधिकारियों ने इसी आधार पर उनके नामांकन को अमान्य घोषित कर दिया। चुनावी नियमों के तहत उम्मीदवार को अपने खिलाफ लंबित या दर्ज मामलों की पूरी जानकारी शपथपत्र में देना अनिवार्य होता है।
नामांकन रद्द होने के बाद अब यह मामला कानूनी लड़ाई की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। जनशक्ति जनता दल ने स्पष्ट कर दिया है कि वह निर्वाचन अधिकारी के फैसले को अदालत में चुनौती देगी। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि न्यायालय इस मामले में क्या फैसला सुनाता है और क्या वीणा मानवी को चुनाव लड़ने का मौका मिल पाएगा।
फिलहाल बांकीपुर उपचुनाव में वीणा मानवी का नामांकन रद्द होने से सियासी माहौल गर्म हो गया है। एक तरफ निर्वाचन अधिकारी हलफनामे में जानकारी छिपाने को वजह बता रहे हैं, तो दूसरी ओर जनशक्ति जनता दल इसे राजनीतिक साजिश करार दे रही है। अब इस विवाद का अगला पड़ाव अदालत होगी, जहां इस पूरे मामले की कानूनी परीक्षा होगी।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।