जयपुर में आयोजित विदेशी भाषा संचार कौशल कार्यक्रम के तहत राज्य सरकार ने युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं को नुकसान हुआ, लेकिन वर्तमान सरकार ने 351 परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित कर युवाओं का विश्वास बहाल किया है।
बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेजेज यूनिवर्सिटी, हैदराबाद और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन सहित विभिन्न संस्थाओं के साथ हुए एमओयू को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश के युवाओं को फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, जापानी और कोरियन भाषाएं सीखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के विचारों को अपनाते हुए वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में विदेशी भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार और व्यापार का महत्वपूर्ण साधन बन चुकी है। राजस्थान जैसे पर्यटन प्रधान राज्य में विदेशी भाषाओं का ज्ञान गाइड, होटल मैनेजर, ट्रैवल एजेंट और व्यापारियों के लिए नए अवसर खोलता है।
कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश का युवा अब डिग्री से आगे बढ़कर कौशल विकास पर ध्यान दे रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए शिक्षा को बहुभाषी और अंतरराष्ट्रीय बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यूरोपीय देशों के साथ बढ़ते आर्थिक संबंधों से विदेशी भाषा जानने वाले युवाओं की मांग बढ़ेगी।
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केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक मंच प्रदान करेगी और उनके हुनर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएगी। उन्होंने मातृभाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि स्थानीय भाषाएं हमारी पहचान और संस्कृति को मजबूत करती हैं।
इस दौरान स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर जयपुर की स्थापना के लिए भी एमओयू किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, मंत्री के.के. विश्नोई सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। सरकार का लक्ष्य युवाओं को कौशल, रोजगार और उद्यमिता से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।