सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) सवाई माधोपुर इकाई ने खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी (BCMHO) गंगापुर सिटी डॉ. बत्तीलाल मीणा को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद चिकित्सा विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप की स्थिति बन गई।
पदस्थापन के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता के अनुसार एसीबी चौकी सवाई माधोपुर को एक परिवाद प्राप्त हुआ था। शिकायतकर्ता एएनएम ने आरोप लगाया कि उसे व्यवस्थार्थ पदस्थापन स्थान से वापस मूल पदस्थापन स्थान पर लगाने के बदले 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। आरोप था कि रिश्वत नहीं देने पर उसे लगातार परेशान किया जा रहा था।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी टीम ने पहले सत्यापन किया। जांच में सामने आया कि आरोपी द्वारा 5 हजार रुपये पूर्व में प्राप्त किए जा चुके थे। इसके बाद शेष 25 हजार रुपये लेने की पुष्टि होने पर ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।
एसीबी टीम ने बिछाया जाल
एसीबी भरतपुर रेंज के उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान सिंह चौधरी के नेतृत्व में सोमवार को कार्रवाई की गई। टीम ने डॉ. बत्तीलाल मीणा को परिवादी से 25 हजार रुपये रिश्वत लेते ही दबोच लिया। आरोपी को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। कार्रवाई गंगापुर सिटी स्थित कार्यालय में की गई, जहां एसीबी टीम द्वारा दस्तावेजों की जांच, साक्ष्य संकलन और अन्य कानूनी प्रक्रिया जारी है।
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उच्च अधिकारियों की निगरानी में जांच
पूरी कार्रवाई एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन तथा महानिरीक्षक पुलिस राजेश सिंह के निर्देशन में की गई। एसीबी द्वारा आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
सेवानिवृत्ति से पहले कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार डॉ. बत्तीलाल मीणा का कुछ महीनों बाद सेवानिवृत्त होना प्रस्तावित था। ऐसे में रिटायरमेंट से पहले हुई इस कार्रवाई ने चिकित्सा विभाग में चर्चाओं को तेज कर दिया है। एसीबी ने आमजन से अपील की है कि किसी भी सरकारी कार्यालय में रिश्वत मांगने की स्थिति में तुरंत एसीबी से संपर्क करें, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।