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वानखेड़े में किसका बजेगा डंका?: भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल से पहले पिच का पूरा गणित; दोनों दो बार यहां भिड़ चुके
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Swapnil Shashank
Updated Thu, 05 Mar 2026 11:29 AM IST
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सार
टी20 विश्व कप 2026 का भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा, जो परंपरागत रूप से बल्लेबाजों के लिए अनुकूल पिच माना जाता है। छोटी बाउंड्री और तेज आउटफील्ड के कारण यहां हाई-स्कोरिंग मुकाबले देखने को मिलते हैं। भारत और इंग्लैंड का हेड-टू-हेड रिकॉर्ड भी कड़ा है, जिससे यह सेमीफाइनल बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। इस मैच का विजेता न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में खेलेगा और टी20 विश्व कप इतिहास में चौथी बार फाइनल में पहुंचने का रिकॉर्ड बनाएगा।
भारत बनाम इंग्लैंड सेमीफाइनल
- फोटो : IANS
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विस्तार
टी20 विश्वकप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल आज यानी पांच मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। भारत और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला शाम सात बजे शुरू होगा और टॉस इससे आधे घंटे पहले यानी शाम साढ़े छह बजे होगा। यह मुकाबला सिर्फ सेमीफाइनल नहीं बल्कि इतिहास बनाने का मौका भी है, क्योंकि इस मैच का विजेता टीम टी20 विश्व कप के इतिहास में चौथी बार यानी सबसे ज्यादा बार फाइनल में पहुंचेगी। पहले सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीको को नौ विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। अब दुनिया की नजर भारत-इंग्लैंड की टक्कर पर है।
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टी20 विश्वकप फाइनल में सबसे ज्यादा बार पहुंचने वाली टीमें
- भारत – 3 बार (2007, 2014, 2024)
- इंग्लैंड – 3 बार (2010, 2016, 2022)
- पाकिस्तान – 3 बार (2007, 2009, 2022)
- श्रीलंका – 3 बार (2009, 2012, 2014)
- न्यूजीलैंड – 2 बार (2021, 2026*)
- वेस्टइंडीज – 2 बार (2012, 2016)
- ऑस्ट्रेलिया – 2 बार (2010, 2021)
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वानखेड़े स्टेडियम: बल्लेबाजों का स्वर्ग
मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम दुनिया के सबसे हाई-स्कोरिंग मैदानों में गिना जाता है। इसकी स्थापना 1974 में हुई थी। इस स्टेडियम में दर्शकों के बैठने की क्षमता करीब 32 हजार की है। यहां पहला टेस्ट साल 1975 में खेला गया था। जबकि पहला वनडे 1987 में खेला गया। इस मैदान पर पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच 2012 में खेला गया। यह मैदान पारंपरिक रूप से फ्लैट पिच और छोटी बाउंड्री के लिए जाना जाता है। यहां गेंद सीधे बल्ले पर आती है, जिससे बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने में आसानी होती है। आईपीएल और टी20 अंतरराष्ट्रीय में छक्के-चौकों और रनों की बारिश होते हमने देखा है। यहां दोनों पारियों में बल्लेबाजों को बराबर की मदद मिलती है। यहां कोई भी बड़ा स्कोर बनाकर खुद को सुरक्षित महसूस नहीं किया जा सकता।
मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम दुनिया के सबसे हाई-स्कोरिंग मैदानों में गिना जाता है। इसकी स्थापना 1974 में हुई थी। इस स्टेडियम में दर्शकों के बैठने की क्षमता करीब 32 हजार की है। यहां पहला टेस्ट साल 1975 में खेला गया था। जबकि पहला वनडे 1987 में खेला गया। इस मैदान पर पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच 2012 में खेला गया। यह मैदान पारंपरिक रूप से फ्लैट पिच और छोटी बाउंड्री के लिए जाना जाता है। यहां गेंद सीधे बल्ले पर आती है, जिससे बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने में आसानी होती है। आईपीएल और टी20 अंतरराष्ट्रीय में छक्के-चौकों और रनों की बारिश होते हमने देखा है। यहां दोनों पारियों में बल्लेबाजों को बराबर की मदद मिलती है। यहां कोई भी बड़ा स्कोर बनाकर खुद को सुरक्षित महसूस नहीं किया जा सकता।
पिच रिपोर्ट: रन बरसने की पूरी उम्मीद
वानखेड़े की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल रहती है। नई गेंद से तेज गेंदबाजों को हल्की स्विंग मिल सकती है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है बल्लेबाजी आसान होती जाती है। लाल मिट्टी की पिच होने के कारण अच्छा उछाल मिलता है। छोटी बाउंड्री पावर-हिटर्स के लिए मददगार हैं। यही कारण है कि यहां अक्सर 200 से ज्यादा का स्कोर देखने को मिलता है। भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव और इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक जैसे आक्रामक बल्लेबाज इस पिच पर बड़ा अंतर पैदा कर सकते हैं।
सूर्यकुमार के लिए तो यह होमग्राउंड है। वह और हार्दिक इस मैदान को बखूबी जानते हैं। वानखेड़े स्टेडियम को अक्सर पावर-हिटर्स के लिए आदर्श मैदान माना जाता है, जहां बल्लेबाज खुलकर खेलते हैं और मैच के शुरुआती चरण में ही अपनी टीम का दबदबा बना सकते हैं। ऐसे में अभिषेक और सॉल्ट पर भी नजरें होंगी। इसके अलावा, रात के मैचों में ओस (ड्यू) भी थोड़ा असर डाल सकती है। यही कारण है कि यहां टॉस जीतने वाली टीम अक्सर पहले गेंदबाजी करना पसंद करती है।
वानखेड़े की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल रहती है। नई गेंद से तेज गेंदबाजों को हल्की स्विंग मिल सकती है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है बल्लेबाजी आसान होती जाती है। लाल मिट्टी की पिच होने के कारण अच्छा उछाल मिलता है। छोटी बाउंड्री पावर-हिटर्स के लिए मददगार हैं। यही कारण है कि यहां अक्सर 200 से ज्यादा का स्कोर देखने को मिलता है। भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव और इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक जैसे आक्रामक बल्लेबाज इस पिच पर बड़ा अंतर पैदा कर सकते हैं।
सूर्यकुमार के लिए तो यह होमग्राउंड है। वह और हार्दिक इस मैदान को बखूबी जानते हैं। वानखेड़े स्टेडियम को अक्सर पावर-हिटर्स के लिए आदर्श मैदान माना जाता है, जहां बल्लेबाज खुलकर खेलते हैं और मैच के शुरुआती चरण में ही अपनी टीम का दबदबा बना सकते हैं। ऐसे में अभिषेक और सॉल्ट पर भी नजरें होंगी। इसके अलावा, रात के मैचों में ओस (ड्यू) भी थोड़ा असर डाल सकती है। यही कारण है कि यहां टॉस जीतने वाली टीम अक्सर पहले गेंदबाजी करना पसंद करती है।
टॉस की भूमिका कितनी अहम?
टी20 क्रिकेट में टॉस कई बार मैच का रुख तय करता है। वानखेड़े में खेले गए 16 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में, पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम आठ बार जीती, जबकि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम भी आठ बार जीती है। इससे साफ है कि यहां टॉस निर्णायक नहीं रहा है। हालांकि, कई कप्तान पहले बल्लेबाजी करके स्कोरबोर्ड प्रेशर बनाने की कोशिश कर सकते हैं।
टी20 क्रिकेट में टॉस कई बार मैच का रुख तय करता है। वानखेड़े में खेले गए 16 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में, पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम आठ बार जीती, जबकि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम भी आठ बार जीती है। इससे साफ है कि यहां टॉस निर्णायक नहीं रहा है। हालांकि, कई कप्तान पहले बल्लेबाजी करके स्कोरबोर्ड प्रेशर बनाने की कोशिश कर सकते हैं।
वानखेड़े के बड़े रिकॉर्ड
यह मैदान बड़े स्कोर के लिए मशहूर है। यहां के कुछ अहम आंकड़े जानते हैं-
यह मैदान बड़े स्कोर के लिए मशहूर है। यहां के कुछ अहम आंकड़े जानते हैं-
भारत बनाम इंग्लैंड: हेड-टू-हेड रिकॉर्ड
दोनों टीमों के बीच टी20 मुकाबले हमेशा रोमांचक रहे हैं। दोनों के बीच अब तक कुल 29 टी20 मैच खेले गए हैं। इसमें से भारत ने 17 और इंग्लैंड ने 12 मैच जीते हैं। टी20 विश्वकप में दोनों टीमें पांच बार आमने-सामने आ चुकी हैं। इनमें से टीम इंडिया ने तीन और इंग्लैंड ने दो मैच जीते हैं। वानखेड़े के मैदान पर दोनों टीमें दो बार आमने-सामने आई हैं। इनमें भारत और इंग्लैंड ने एक-एक मैच जीते हैं। वानखेड़े में भारत-इंग्लैंड के दोनों मैच बेहद यादगार रहे हैं।
दोनों टीमों के बीच टी20 मुकाबले हमेशा रोमांचक रहे हैं। दोनों के बीच अब तक कुल 29 टी20 मैच खेले गए हैं। इसमें से भारत ने 17 और इंग्लैंड ने 12 मैच जीते हैं। टी20 विश्वकप में दोनों टीमें पांच बार आमने-सामने आ चुकी हैं। इनमें से टीम इंडिया ने तीन और इंग्लैंड ने दो मैच जीते हैं। वानखेड़े के मैदान पर दोनों टीमें दो बार आमने-सामने आई हैं। इनमें भारत और इंग्लैंड ने एक-एक मैच जीते हैं। वानखेड़े में भारत-इंग्लैंड के दोनों मैच बेहद यादगार रहे हैं।
- 2012 मुकाबला: इंग्लैंड ने अंतिम गेंद पर 178 रन का लक्ष्य हासिल किया था। कप्तान इयोन मॉर्गन ने विजयी छक्का लगाया था।
- 2025 मुकाबला: भारत ने 150 रन से बड़ी जीत दर्ज की थी। उस मैच में अभिषेक शर्मा ने शानदार शतक लगाया था।
वानखेड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड का रिकॉर्ड क्या है?
अगर दोनों टीमों के वानखेड़े स्टेडियम पर अलग-अलग टी20 स्टैट देखें तो इंग्लैंड की टीम ने यहां पर खेले गए अब तक छह टी20 मैचों में तीन मैच जीते हैं और तीन में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं टीम इंडिया ने इस मैदान पर अब तक सात टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं, जिनमें से पांच मैच जीते हैं और दो मैच हारे हैं। दोनों टीमें टी20 विश्वकप के नॉकआउट स्टेज में दो बार आमने-सामने आई हैं। ऐसा 2022 और 2024 के टी20 विश्वकप सेमीफाइनल में हुआ। एक मैच इंग्लैंड ने और एक मैच भारत ने जीता। दोनों टीमें किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट के नॉकआउट में पांच बार आमने-सामने आई हैं। इनमें भारत ने तीन मैच और इंग्लैंड ने दो मैच जीते हैं।
आईसीसी नॉकआउट्स में भारत बनाम इंग्लैंड
अगर दोनों टीमों के वानखेड़े स्टेडियम पर अलग-अलग टी20 स्टैट देखें तो इंग्लैंड की टीम ने यहां पर खेले गए अब तक छह टी20 मैचों में तीन मैच जीते हैं और तीन में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं टीम इंडिया ने इस मैदान पर अब तक सात टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं, जिनमें से पांच मैच जीते हैं और दो मैच हारे हैं। दोनों टीमें टी20 विश्वकप के नॉकआउट स्टेज में दो बार आमने-सामने आई हैं। ऐसा 2022 और 2024 के टी20 विश्वकप सेमीफाइनल में हुआ। एक मैच इंग्लैंड ने और एक मैच भारत ने जीता। दोनों टीमें किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट के नॉकआउट में पांच बार आमने-सामने आई हैं। इनमें भारत ने तीन मैच और इंग्लैंड ने दो मैच जीते हैं।
आईसीसी नॉकआउट्स में भारत बनाम इंग्लैंड
| टूर्नामेंट | जीती टीम | अंतर | साल | जगह |
|---|---|---|---|---|
| वनडे विश्वकप | भारत | 6 विकेट | 1983 | मैनचेस्टर |
| वनडे विश्वकप | इंग्लैंड | 35 रन | 1987 | मुंबई |
| चैंपियंस ट्रॉफी | भारत | 5 रन | 2013 | बर्मिंघम |
| टी20 विश्वकप | इंग्लैंड | 10 विकेट | 2022 | एडिलेड |
| टी20 विश्वकप | भारत | 68 रन | 2024 | प्रोविडेंस |
भारत और इंग्लैंड के बीच वनडे विश्व कप में भी कड़ी प्रतिद्वंद्विता रही है। दोनों टीमें अब तक दो बार सेमीफाइनल में आमने-सामने आ चुकी हैं। 1983 वनडे विश्वकप के सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को छह विकेट से हराया था। यह मुकाबला ओल्ड ट्रैफर्ड में खेला गया था। इसके बाद 1987 वनडे विश्वकप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने भारत को 35 रन से हराया था। यह मैच वानखेड़े में खेला गया था।

दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11
- भारत: संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह।
- इंग्लैंड: फिल सॉल्ट, जोस बटलर, हैरी ब्रूक, जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, जेमी ओवरटन/रेहान अहमद, लियाम डॉसन, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद
मौसम रिपोर्ट
मुंबई में मैच के दिन मौसम साफ रहने की उम्मीद है। तापमान 27°C – 37°C तक रहने की संभावना है। मैदान में 60 प्रतिशत नमी रहने की संभावना है। बारिश की संभावना न के बराबर है। यानी क्रिकेट के लिए लगभग आदर्श परिस्थितियां रहेंगी।
किसे मिलेगा पिच का फायदा?
कागज पर देखें तो भारत को हल्का फायदा मिल सकता है क्योंकि टीम के बल्लेबाज इस मैदान और परिस्थितियों से बेहतर परिचित हैं। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह नई गेंद से मैच का रुख बदल सकते हैं, लेकिन इंग्लैंड की आक्रामक बल्लेबाजी लाइन-अप भी किसी भी बड़े स्कोर का पीछा करने में सक्षम है। इसलिए मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। भारतीय टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही विभागों में मजबूत खिलाड़ी मौजूद हैं, जो मैच में बड़ा फर्क पैदा कर सकते हैं।
मुंबई में मैच के दिन मौसम साफ रहने की उम्मीद है। तापमान 27°C – 37°C तक रहने की संभावना है। मैदान में 60 प्रतिशत नमी रहने की संभावना है। बारिश की संभावना न के बराबर है। यानी क्रिकेट के लिए लगभग आदर्श परिस्थितियां रहेंगी।
किसे मिलेगा पिच का फायदा?
कागज पर देखें तो भारत को हल्का फायदा मिल सकता है क्योंकि टीम के बल्लेबाज इस मैदान और परिस्थितियों से बेहतर परिचित हैं। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह नई गेंद से मैच का रुख बदल सकते हैं, लेकिन इंग्लैंड की आक्रामक बल्लेबाजी लाइन-अप भी किसी भी बड़े स्कोर का पीछा करने में सक्षम है। इसलिए मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। भारतीय टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही विभागों में मजबूत खिलाड़ी मौजूद हैं, जो मैच में बड़ा फर्क पैदा कर सकते हैं।