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Nepal Election: आम चुनाव के लिए उम्मीदवारों से शुरू किया प्रचार, बालेन और प्रचंड भी मैदान में उतरे
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 31 Jan 2026 10:56 PM IST
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सार
Nepal Election: नेपाल में पांच मार्च को आम चुनाव होने हैं। उसके लिए उम्मीदवार प्रचार शुरू कर चुके हैं। बालेंद्र शाह 'बालेन' अपने निर्वाचन क्षेत्रों में घर-घर जाकर अनोखे तरीके से मतदाताओं से मिल रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड ने वाम दलों की एकता पर जोर देते हुए देश की संप्रभुता की रक्षा की बात कही। पढ़िए रिपोर्ट-
बालेंद्र शाह।
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
नेपाल में पांच मार्च को आम चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले उम्मीदवारों ने प्रचार शुरू कर दिया है। काठमांडो के पूर्व मेयर बालेंद्र शाह 'बालेन' और पूर्व प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहल 'प्रचंड' भी मैदान में उतर चुके हैं। दोनों नेता अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और लोगों से मुलाकात कर रहे हैं।
चुनाव आयोग ने दलों को प्रचार की अनुमति दी
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को राजनीतिक दलों को प्रचार की अनुमति दी। यह प्रचार 16 फरवरी से शुरू होगा और 15 दिनों तक चलेगा। लेकिन उम्मीदवारों को इस तारीख से पहले भी घर-घर जाकर प्रचार करने की इजाजत है।
ये भी पढ़ें: चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच जापान-ब्रिटेन की नई रणनीति, साइबर सुरक्षा और खनिज पर मजबूत साझेदारी
इन इलाकों का बालेन ने किया चुनावी दौरा
बालेन (35 वर्षीय) राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। वह अपने चुनावी दौरे पर हैं। इस दौरान वह सुदूर पश्चिम प्रांत के दादेलधुरा, दार्चुला, अछाम और बैतड़ी जिलों में प्रचार कर रहे हैं। इसके अलावा, वह कर्णाली प्रांत के दैलेख, सुर्खेत और कालिकोट जिलों में भी लोगों से मिल रहे हैं।
बालेन का किसके साथ मुकाबला है?
अनोखे तरीके से प्रचार कर रहे बालेन
पूर्वी और पश्चिमी नेपाल के जिलों में दो सप्ताह तक अपने 'मौन प्रचार' के बाद बालेन शनिवार को काठमांडो लौटे। बालेन का प्रचार किसी 'सेलिब्रिटी जैसा' था। यह अलग था क्योंकि वह आमतौर पर मतदाताओं से औपचारिक रूप से बात नहीं करते थे। भाषण भी नहीं देते थे। वह सिर्फ लोगों से हाथ मिलाते या हाथ हिलाकर अभिवादन करते थे और भीड़ के सामने अपने साथ लाई घंटी बजाते थे, जिससे मतदाताओं को उनके चुनाव चिन्ह 'घंटी' पर वोट देने का संकेत मिलता था।
बालेन के दौरे पर जनता कैसे प्रतिक्रिया दे रही?
उनकी पार्टी के सूत्रों के अनुसार, वह जहां भी जाते हैं, वहां बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सहित हर उम्र के सैकड़ों लोग उनका स्वागत करते हैं, उनकी कार के पास आते हैं। एक झलक पाने, 'सेल्फी' लेने और यहां तक कि ऑटोग्राफ लेने की कोशिश करते हैं। सूत्रों ने बताया कि लोग अपने आप ही उनके समर्थन में नारे भी लगाने लगते हैं।
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पार्टी सूत्रों ने बताया, जब बालेन पश्चिमी नेपाल के सुदूर पश्चिम क्षेत्र में सड़कों पर लोगों से मिल रहे थे, उसी समय उनकी पत्नी सबीना काफ्ले झापा-5 में घर-घर जाकर प्रचार में जुटी हुई थीं। पिछले दो हफ्तों में बालेन ने पूर्वी और पश्चिमी नेपाल के कम से कम 16 निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा किया है, जहां उन्होंने आरएसपी के उम्मीदवारों और मतदाताओं से मुलाकात की।
वाम दलों के बीच एकता जरूरी: प्रचंड
इस बीच, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहल 'प्रचंड' ने शनिवार को कहा कि देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिक्रियावादी ताकतों और विदेशी तत्वों की सभी साजिशों को हराने हेतु कम्युनिस्ट दलों के बीच एकता जरूरी है। उन्होंने ये बातें काठमांडू में पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में एक चुनावी बैठक को संबोधित करते हुए कहीं।
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चुनाव आयोग ने दलों को प्रचार की अनुमति दी
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को राजनीतिक दलों को प्रचार की अनुमति दी। यह प्रचार 16 फरवरी से शुरू होगा और 15 दिनों तक चलेगा। लेकिन उम्मीदवारों को इस तारीख से पहले भी घर-घर जाकर प्रचार करने की इजाजत है।
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इन इलाकों का बालेन ने किया चुनावी दौरा
बालेन (35 वर्षीय) राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। वह अपने चुनावी दौरे पर हैं। इस दौरान वह सुदूर पश्चिम प्रांत के दादेलधुरा, दार्चुला, अछाम और बैतड़ी जिलों में प्रचार कर रहे हैं। इसके अलावा, वह कर्णाली प्रांत के दैलेख, सुर्खेत और कालिकोट जिलों में भी लोगों से मिल रहे हैं।
बालेन का किसके साथ मुकाबला है?
- रैपर से नेता बने बालेन अब सक्रिय राजनीति में हैं। वह झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं।
- यहां उनका मुकाबला पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली से है।
- इससे पहले बालेन मधेश प्रांत के अपने पैतृक जिला धनुषा और कोशी प्रदेश के झापा जिले में अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं।
अनोखे तरीके से प्रचार कर रहे बालेन
पूर्वी और पश्चिमी नेपाल के जिलों में दो सप्ताह तक अपने 'मौन प्रचार' के बाद बालेन शनिवार को काठमांडो लौटे। बालेन का प्रचार किसी 'सेलिब्रिटी जैसा' था। यह अलग था क्योंकि वह आमतौर पर मतदाताओं से औपचारिक रूप से बात नहीं करते थे। भाषण भी नहीं देते थे। वह सिर्फ लोगों से हाथ मिलाते या हाथ हिलाकर अभिवादन करते थे और भीड़ के सामने अपने साथ लाई घंटी बजाते थे, जिससे मतदाताओं को उनके चुनाव चिन्ह 'घंटी' पर वोट देने का संकेत मिलता था।
बालेन के दौरे पर जनता कैसे प्रतिक्रिया दे रही?
उनकी पार्टी के सूत्रों के अनुसार, वह जहां भी जाते हैं, वहां बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सहित हर उम्र के सैकड़ों लोग उनका स्वागत करते हैं, उनकी कार के पास आते हैं। एक झलक पाने, 'सेल्फी' लेने और यहां तक कि ऑटोग्राफ लेने की कोशिश करते हैं। सूत्रों ने बताया कि लोग अपने आप ही उनके समर्थन में नारे भी लगाने लगते हैं।
ये भी पढ़ें: अमेरिका ने अतिथि कर्मचारियों के लिए 65 हजार वीजा बढ़ाए, ट्रंप की इस नीति का कारण क्या?
पार्टी सूत्रों ने बताया, जब बालेन पश्चिमी नेपाल के सुदूर पश्चिम क्षेत्र में सड़कों पर लोगों से मिल रहे थे, उसी समय उनकी पत्नी सबीना काफ्ले झापा-5 में घर-घर जाकर प्रचार में जुटी हुई थीं। पिछले दो हफ्तों में बालेन ने पूर्वी और पश्चिमी नेपाल के कम से कम 16 निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा किया है, जहां उन्होंने आरएसपी के उम्मीदवारों और मतदाताओं से मुलाकात की।
वाम दलों के बीच एकता जरूरी: प्रचंड
इस बीच, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहल 'प्रचंड' ने शनिवार को कहा कि देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिक्रियावादी ताकतों और विदेशी तत्वों की सभी साजिशों को हराने हेतु कम्युनिस्ट दलों के बीच एकता जरूरी है। उन्होंने ये बातें काठमांडू में पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में एक चुनावी बैठक को संबोधित करते हुए कहीं।
