PM Modi Australia Visit: भारत-ऑस्ट्रेलिया रिश्तों पर बोले अल्बनीज, कहा- PM मोदी की मेजबानी करना सम्मान की बात
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने संसद में पीएम नरेंद्र मोदी के जल्द ऑस्ट्रेलिया दौरे की घोषणा की। उन्होंने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों, व्यापार, रक्षा और हिंद-प्रशांत सहयोग को मजबूत बताया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल्द ऑस्ट्रेलिया दौरे को लेकर बड़ा बयान दिया है। कैनबरा में संसद को संबोधित करते हुए अल्बनीज ने कहा कि भारत, जो पहले ही दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन चुका है, इस दशक में वैश्विक अर्थव्यवस्था की तीसरी सबसे बड़ी शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भारत को ऑस्ट्रेलिया का बेहद महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों की जमकर तारीफ की।
वहीं, ऑस्ट्रेलिया में भारत के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अल्बनीज के संबोधन का वीडियो साझा किया। उन्होंने लिखा कि जब ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री भारत के बारे में इतनी मजबूती और उत्साह के साथ बात करते हैं, तो भारत में उच्चायुक्त के रूप में काम करना और भी गर्व की बात बन जाता है।
भारत की विकास यात्रा को बताया क्षेत्र के लिए अवसर
प्रधानमंत्री अल्बनीज ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि सिर्फ एक देश की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए एक बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया केवल प्रशांत महासागर का देश नहीं, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और गहरे होते हैं। उन्होंने 2022 में हुए आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि इस समझौते ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती दी है। साथ ही शिक्षा, संस्कृति और क्रिकेट जैसे क्षेत्रों ने भी दोनों देशों को आपस में करीब लाने का काम किया है।
भारत यात्रा और मोदी से मुलाकात का अनुभव साझा किया
अल्बनीज ने अपने पुराने भारत दौरों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने पहली बार 1991 में एक बैकपैकर के रूप में भारत की यात्रा की थी। इसके बाद प्रधानमंत्री बनने के बाद भी वे दो बार भारत आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत को वास्तव में समझने के लिए बस या ट्रेन से यात्रा करना सबसे बेहतर अनुभव होता है, क्योंकि इससे देश की विविधता और गर्मजोशी को करीब से महसूस किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा मुझे जल्द ही प्रधानमंत्री मोदी की मेजबानी करने का अवसर मिलेगा, और यह मेरे लिए बेहद सम्मान की बात होगी।
भारतीय समुदाय को बताया रिश्तों की ताकत
अल्बनीज ने ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि लगभग दस लाख भारतीय मूल के लोग न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि छोटे व्यापारों और समाज में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा "हमारा देश आप सभी की वजह से बेहतर हुआ है। मेरी सरकार हमेशा आपके हितों की रक्षा करेगी और किसी भी तरह के विभाजनकारी प्रयासों का विरोध करेगी।"
When your Prime Minister @AlboMP
— Philip Green OAM (@AusHCIndia) May 28, 2026
speaks with so much conviction & passion about India - the country where you serve as the High Commissioner - it makes your job infinitely more meaningful.
We look forward to welcoming you to Australia, Prime Minister @narendramodi ji. 🇦🇺🤝🇮🇳 pic.twitter.com/FVhoemiosE
पीएम मोदी और पेनी वोंग की हुई मुलाकात
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार, तकनीक और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर सकारात्मक बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया एक स्वतंत्र, सुरक्षित और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।
क्वाड बैठक में शामिल होने भारत आई थीं पेनी वोंग
ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने भारत आई थीं। इस दौरान उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ 17वीं विदेश मंत्री फ्रेमवर्क डायलॉग में भी भाग लिया। बैठक में ऊर्जा, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, साइबर टेक्नोलॉजी, स्पेस, क्रिटिकल मिनरल्स और खेल समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और वैश्विक चुनौतियों पर भी अपने विचार साझा किए। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी आने वाले समय में दोनों देशों के लिए आर्थिक और सामरिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है।