Artemis II: आर्टेमिस 2 चंद्रमा पर पहुंचा, मानव अंतरिक्ष में सबसे लंबी दूरी की उड़ान का रिकॉर्ड तोड़ा
आर्टेमिस 2 मिशन चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में पहुंच चुका है। इस मिशन ने 1970 में अपोलो 13 के रिकॉर्ड तोड़ा दिया है।
विस्तार
आर्टेमिस-2 का दल चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में पहुंच चुका है। इस मिशन ने पृथ्वी से 4,06,773 किलोमीटर की दूरी तय करके मानव अंतरिक्ष उड़ान का अब तक का सबसे लंबा रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यह 1970 में अपोलो 13 द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड से लगभग 2,500 किलोमीटर अधिक है। पिछले 53 वर्षों से अंतरिक्ष में जाने वाला प्रत्येक मनुष्य आकाश के एक संकीर्ण क्षेत्र में ही सीमित रहा है, जो ब्रह्मांड की सतह का नगण्य स्पर्श है। हालांकि सोमवार को आर्टेमिस-2 के चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में पहुंच गए।
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आर्टेमिस -2 चंद्रमा के पास से कब गुजरेगी?
आर्टेमिस-2 का दल 7 अप्रैल, 2026 को भारतीय समयानुसार रात 12:15 बजे चंद्रमा के पास से गुजरेगा। यह दल घर लौटने से पहले चंद्रमा के दूर के हिस्से का चक्कर लगाएगा। तुलना के लिए, अंतरराष्ट्रय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पृथ्वी से 400 किलोमीटर ऊपर परिक्रमा करता है। चंद्रमा स्वयं पृथ्वी से लगभग 3,84,633 किलोमीटर दूर स्थित है। आर्टेमिस-2 चंद्रमा से भी आगे निकलकर उस क्षेत्र में प्रवेश करेगा, जहां अपोलो युग के बाद से कोई मानव नहीं पहुंचा है। अपोलो 13 का रिकॉर्ड 4,00,171 किलोमीटर का है। पूरी तैयारी औरयोजना के साथ आर्टेमिस 2 इस रिकॉर्ड को लगभग 2,500 किलोमीटर से पार कर जाएगा।
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अब जानें- चांद पर क्यों नहीं उतरेगा आर्टेमिस-2?
नासा ने आर्टेमिस-2 के मानव मिशन होने के बावजूद इसके चांद पर न उतरने की बात पहले ही कही थी। एजेंसी के मुताबिक...
- इस मिशन में इस्तेमाल होने वाला ओरायन अंतरिक्ष यान एक लूनर लैंडर यानी चंद्रमा पर उतरने वाला यान नहीं है। इसलिए इसमें चंद्रमा की सतह पर उतरने की क्षमता ही नहीं है।
- आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत चांद पर इंसानों की लैंडिंग के लिए जिस पहले लूनर लैंडर का इस्तेमाल होना है, वह अभी विकास के चरण में है।
- नए लैंडर को एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स तैयार कर रही है और इसे स्टारशिप एचएलएस का नाम दिया गया है। इसका इस्तेमाल आर्टेमिस-3 मिशन में किया जाएगा।
- अपोलो-8 मिशन के दौरान भी लूनर मॉड्यूल तैयार नहीं था। इस लिहाज से आर्टेमिस-2 चांद पर उतरने की तैयारी परखने और जांच के लिए एक अहम मिशन है।