Iran War Updates: ईरान का अस्थायी युद्धविराम के बदले होर्मुज खोलने से इनकार, ठुकराया US का 15 सूत्री प्रस्ताव
ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग हर दिन नए मोड़ ले रहे हैं। जहां अमेरिका राष्ट्रपति ने डील न करने पर ईरान पर मंगलवार को बड़े हमले की चेतावनी दी है, तो वहीं ईरान ने अमेरिकी की ओर से भेजे गए शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। पढ़ें दिनभर के बड़े अपडेट्स...
विस्तार
पिछले एक महीने से अधिक समय से ईरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच जारी युद्ध ने पूरी दुनिया पर गंभीर असर डाला है। लगातार हो रहे हवाई हमलों, मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाइयों ने पश्चिम एशिया के हालातों को और गंभीर बना दिया है। इसी बीच ऐसी खबरें भी सामने आ रही हैं कि ईरान और अमेरिका दोनों ही संघर्ष रोकने के लिए बातचीत कर सकते हैं। इससे पहले रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को डील करने के लिए सोमवार तक का वक्त दिया है। आइए जानते हैं ईरान-अमेरिका संघर्ष से जुड़े अहम अपडेट्स...
ईरान ने ठुकराया अमेरिका का 15 सूत्री शांति प्रस्ताव
ईरान ने अमेरिका के 15 पॉइंट वाले शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। ईरान ने कहा कि प्रस्ताव में मांगों को बहुत बढ़ाचढ़ाकर पेश किया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघाई ने बताया कि यह प्रस्ताव अलग-अलग देशों के जरिए ईरान तक पहुंचा था, लेकिन इसमें कई ऐसी शर्तें हैं जिन्हें ईरान नहीं मान सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने अपनी तरफ से भी कुछ शर्तें तैयार कर ली हैं, जिन्हें सही समय आने पर बताया जाएगा। बाघाई ने साफ किया कि किसी प्रस्ताव पर जवाब देना कमजोरी नहीं होती, बल्कि यह बातचीत का सामान्य हिस्सा है। ईरान ने दोहराया कि वह किसी भी दबाव में आकर फैसला नहीं करेगा और जो भी निर्णय होगा, वह सिर्फ देश के हित को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।
ईरान का अस्थायी युद्धविराम के बदले होर्मुज खोलने से किया इनकार
ईरान ने कहा है कि वह अस्थायी युद्ध के बदले होर्मुज स्ट्रेट खोलने को मना कर दिया है। रॉयटर्स के मुताबिक एक सीनियर ईरानी अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान के प्रस्ताव की समीक्षा चल रही है, लेकिन दबाव में फैसला नहीं लिया जाएगा।अधिकारी के मुताबिक, तेहरान अस्थायी युद्धविराम के बदले कोई रियायत नहीं देगा और होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलेगा। उन्होंने कहा कि ईरान को लगता है कि अमेरिका स्थायी युद्धविराम के लिए तैयार नहीं है, इसलिए अस्थायी डील का कोई मतलब नहीं है। अधिकारी ने पुष्टि की कि पाकिस्तान की ओर से तत्काल युद्धविराम का प्रस्ताव मिला है, जिस पर विचार किया जा रहा है।
ईरान के विदेश मंत्री की भारतीय और रूसी समकक्षों के साथ फोन पर बातचीत
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे क्षेत्रीय संघर्ष पर रूस और भारत के विदेश मंत्रियों से बातचीत की। ईरानी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयानों के अनुसार, रविवार को हुई दो अलग-अलग फोन कॉल में अराघची ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ पश्चिम एशिया की ताज़ा स्थिति और अमेरिका व इजराइल के हमलों के सुरक्षा और आर्थिक असर पर चर्चा की।
अराघची ने बताया कि पिछले 37 दिनों में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के लोगों के खिलाफ कई हमले किए हैं। इनमें औद्योगिक ढांचे, फैक्ट्रियों, अस्पतालों, स्कूलों, रिहायशी इलाकों और परमाणु केंद्रों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से जुड़े प्रभावशाली देशों से अपील की कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर जिम्मेदार रवैया अपनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की जनता और उसकी सेना अपने देश के हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका और इजरायल के हमलों का असर पूरे क्षेत्र और दुनिया की स्थिरता और सुरक्षा पर पड़ सकता है।
आईआरजीसी के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल खदेमी की मौत
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की खुफिया विंग के प्रमुख मेजर जनरल खदेमी की मौत हो गई है। ईरानी स्टेट मीडिया ने बयान जारी कर इसकी पुष्टि की। ईरान ने इस हमले के लिए अमेरिका और इस्राइल को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे देश को अस्थिर करने की साजिश करार दिया है। आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग ने सोमवार को घोषणा की।
तस्नीम न्यूज एजेंसी ने खदेमी की मौत को क्रांति की हत्या बताते हुए एक्स पोस्ट में बताया कि ब्रिगेडियर खदेमी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की खुफिया शाखा के शक्तिशाली और शिक्षित प्रमुख सोमवार सुबह एक अमेरिकी-इजरायली हमले में शहीद हो गए। ईरान ने खदेमी की मौत को बड़ा नुकसान बताते हुए कहा कि उनकी विरासत देश की सुरक्षा नीतियों को आगे भी दिशा देती रहेगी। उनके अंतिम संस्कार को लेकर जल्द ही आधिकारिक घोषणा की जाएगी। वहीं, इस्राइली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने भी खुफिया प्रमुख खदेमी के मारे जाने की पुष्टि करते हुए अपनी सैन्य बल की तारीफ की।
ईरान ने अपने एकमात्र सक्रिय परमाणु ऊर्जा प्लांट बुशेहर पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की भूमिका पर सवाल उठाए। ईरान के परमाणु प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने एजेंसी के डायरेक्टर को लेटर लिखकर कहा कि इस तरह की घटनाओं पर सिर्फ चिंता जताना काफी नहीं है। उन्होंने बताया कि इस प्लांट को अब तक चार बार निशाना बनाया जा चुका है, जिसमें हाल ही में 4 अप्रैल को हुए हमले में एक सुरक्षा कर्मी की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। ईरान ने चेतावनी दी कि अगर ऐसे हमले जारी रहते हैं, तो इससे रेडियोएक्टिव रिसाव का खतरा बढ़ सकता है, जो न सिर्फ ईरान बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है।