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बांग्लादेश चुनाव की तैयारी: आधे से ज्यादा मतदान केंद्र संवेदनशील, कड़ी सुरक्षा के बीच लोकतंत्र की अग्निपरीक्षा

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: शुभम कुमार Updated Wed, 11 Feb 2026 07:48 AM IST
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सार

Bangladesh Elections: बांग्लादेश में महीनों से चला आ रहा सियासी तनाव अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। कल होने वाले आम चुनाव न सिर्फ सत्ता का फैसला करेंगे, बल्कि देश की स्थिरता की भी परीक्षा लेंगे। ऐसे में मतदान को लेकर क्या तैयारियां है? ये एक बड़ा सवाल बना हुआ है। इसका बड़ा कारण ये भी है कि देश के आधे से ज्यादा मतदान केंद्र संवेदनशील माने जा रहे हैं।

Bangladesh elections Over 50% polling centres considered risky CCTV installed at most stations
बांग्लादेश चुनाव की तैयारी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

बांग्लादेश महीनों से उबलते सियासी घमासान के बाद अब फैसले की दहलीज पर खड़ा है। कल यानी 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव केवल सरकार चुनने की कवायद नहीं, बल्कि देश की कानून-व्यवस्था, लोकतंत्र और स्थिरता की भी अग्निपरीक्षा हैं। ऐसे में चुनाव आयोग का हालिया बयान इस चुनाव और मतदान को लेकर सियासी टकराव और इसकी गंभीरता को उजागर कर रहा है। बांग्लादेश चुनाव आयोग का मानना है कि देश के आधे से ज्यादा मतदान केंद्र संवेदनशील घोषित किए गए हैं। इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

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साथ ही इन केंद्रों पर खास निगरानी भी रखी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, करीब 90 प्रतिशत मतदान केंद्रों पर सीसीवीटी कैमरे लगाए गए हैं। राजधानी ढाका में तैनात कई पुलिसकर्मी पहली बार बॉडी कैमरा पहनकर ड्यूटी करेंगे, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

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जोखिम के आधार पर सुरक्षा
चुनाव आयुक्त अबुल फजल मोहम्मद सनाउल्लाह ने मंगलवार देर रात मीडिया को बताया कि चुनाव आयोग की सुरक्षा योजना जोखिम के आकलन पर आधारित है। उन्होंने कहा कि हर इलाके की स्थिति को देखकर सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है। चुनाव आयोग का कहना है कि यह चुनाव देश के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा तैनाती के साथ कराया जा रहा है और तकनीक का भी सबसे ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है।


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पुलिस और सेना के अलग-अलग आंकड़े
पुलिस महानिरीक्षक बहादुरुल आलम ने बताया कि देश के करीब 43,000 मतदान केंद्रों में से 24,000 केंद्र उच्च या मध्यम स्तर के संवेदनशील हैं। पुलिस के अनुसार ढाका के 2,131 मतदान केंद्रों में से 1,614 केंद्र संवेदनशील हैं। हालांकि, सेना ने एक अलग मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि ढाका शहर में केवल दो केंद्र ही जोखिम भरे हैं। ऐसे में इन आंकड़ों में अंतर को लेकर सवाल भी उठे हैं।

बांग्लादेश चुनाव में पहली बार बॉडी कैमरा
अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील मतदान केंद्रों पर तैनात पुलिसकर्मी पहली बार बॉडी-वॉर्न कैमरा इस्तेमाल करेंगे। इससे किसी भी तरह की गड़बड़ी को रिकॉर्ड किया जा सकेगा। वहीं चुनाव आयुक्त सनाउल्लाह ने कहा कि चुनाव आयोग मौजूदा कानून-व्यवस्था से काफी हद तक संतुष्ट है। उनका कहना है कि पहले के मुकाबले इस बार स्थिति कहीं बेहतर है।

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मतदाता और पहली बार वोट देने वाले
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार इस बार के चुनाव में कुल 12 करोड़ 77 लाख से ज्यादा मतदाता मतदान करेंगे। पहली बार वोट देने वाले मतदाता करीब 3.58 प्रतिशत हैं। खास बात यह भी है कि इस बार चुनाव एक जनमत संग्रह के साथ हो रहे हैं, जिसमें 84 बिंदुओं वाले जटिल सुधार प्रस्ताव पर जनता की राय ली जा रही है। दूसरी ओर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी (जो पहले बीएनपी की सहयोगी थी) के बीच कड़ा मुकाबला भी माना जा रहा है।

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