सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   china rejects invitation of joining board of peace said firmly committed to safeguard system

China: बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने से चीन का इनकार, कहा- चाहे जो हो, अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा करेंगे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 22 Jan 2026 02:46 PM IST
विज्ञापन
सार

चीन ने बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने से इनकार कर दिया है। चीन ने कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के संकेत दिए हैं। 

china rejects invitation of joining board of peace said firmly committed to safeguard system
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग - फोटो : Ani Photos
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

चीन ने बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के अमेरिकी आमंत्रण को ठुकरा दिया है। चीन ने कहा कि बीजिंग, अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। भारत में चीन के दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में यू जिंग ने चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से लिखा, 'चीन को बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के लिए अमेरिका का आमंत्रण प्राप्त हुआ। चीन हमेशा से बहुपक्षवाद का पालन करता आया है। अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में चाहे जो बदलाव आएं, चीन, संयुक्त राष्ट्र के केंद्र में रखकर बनाई गई अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।'
Trending Videos


ट्रंप ने कहा- बोर्ड ऑफ पीस संयुक्त राष्ट्र से भी ज्यादा काम करेगा
  • चीन का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को दावोस में विश्व आर्थिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए बोर्ड ऑफ पीस को अब तक का सबसे प्रतिष्ठित बोर्ड बताया था और कहा कि यह बोर्ड ऑफ पीस संयुक्त राष्ट्र से भी ज्यादा काम करेगा।
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • ट्रंप ने कहा कि हम संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम करेंगे, लेकिन यह बोर्ड ऑफ पीस खास होगा। 
  • ट्रंप ने गाजा में संघर्ष विराम की 20 सूत्रीय योजना को लागू करने के लिए बोर्ड ऑफ पीस का गठन किया है। अब ट्रंप इस बोर्ड ऑफ पीस के उद्देश्य को व्यापक करते हुए इसके जरिए वैश्विक संघर्षों में मध्यस्थता करना चाहते हैं।
  • व्हाइट हाउस द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि प्रस्तावित बोर्ड के सदस्य गाजा में स्थिरीकरण और दीर्घकालिक सफलता की निगरानी करेंगे। इनमें गाजा में शासन क्षमता निर्माण, क्षेत्रीय संबंध, पुनिर्निर्माण, निवेश, बड़े पैमाने पर वित्तपोषण और पूंजी जुटाने का काम शामिल है। बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के लिए अमेरिका ने 60 से ज्यादा देशों को न्योता भेजा है। 
पुतिन ने बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने को लेकर कही ये बात
  • बुधवार रात को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा, 'बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने को लेकर विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया गया है कि वे हमें मिले दस्तावेजों का ठीक से अध्ययन करें। हम इस बारे में रूस के रणनीतिक साझेदारों से भी चर्चा करेंगे और उसके बाद ही इस बारे में कुछ फैसला करेंगे।'
  • पुतिन ने कहा हम हमेशा अंतरराष्ट्रीय स्थिरता को मजबूत करने के पक्ष में रहे हैं। साथ ही हम यूक्रेन संकट हल करने के लिए अमेरिका के प्रयासों की भी सराहना करते हैं।
  • राष्ट्रपति पुतिन ने बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के आमंत्रण के लिए भी धन्यवाद कहा।
ये भी पढ़ें- ग्रीनलैंड पर डेनमार्क की दो टूक: पीएम बोलीं- संप्रभुता से समझौता नहीं, सुरक्षा के मुद्दे पर बात को तैयार

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed