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Putin: ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल हो सकते हैं पुतिन, ग्रीनलैंड विवाद पर बोले- हमें इससे कोई मतलब नहीं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 22 Jan 2026 07:58 AM IST
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सार
ट्रंप द्वारा गठित बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के लिए रूस को न्योता भेजा गया है। अब इसे लेकर रूसी राष्ट्रपति ने कहा है कि उनका विदेश मंत्रालय इसका अध्ययन कर रहा है और रूस के रणनीतिक साझेदारों से चर्चा के बाद ही इसमें शामिल होने के लेकर कोई फैसला करेंगे।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गठित बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के लिए दुनियाभर के विभिन्न देशों को न्योता भेजा गया है। जिन देशों को न्योता मिला है, उनमें रूस भी शामिल है। अब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने की संभावनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा है कि वे बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के लिए रूस के रणनीतिक साझेदारों से बातचीत करेंगे और उसके बाद फैसला लेंगे।
पुतिन ने बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने को लेकर कही ये बात
बुधवार रात को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा, 'बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने को लेकर विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया गया है कि वे हमें मिले दस्तावेजों का ठीक से अध्ययन करें। हम इस बारे में रूस के रणनीतिक साझेदारों से भी चर्चा करेंगे और उसके बाद ही इस बारे में कुछ फैसला करेंगे।'
पुतिन ने कहा हम हमेशा अंतरराष्ट्रीय स्थिरता को मजबूत करने के पक्ष में रहे हैं। साथ ही हम यूक्रेन संकट हल करने के लिए अमेरिका के प्रयासों की भी सराहना करते हैं।
राष्ट्रपति पुतिन ने बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के आमंत्रण के लिए भी धन्यवाद कहा।
क्या है गाजा बोर्ड ऑफ पीस?
बोर्ड ऑफ पीस को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से शांति स्थापित करने के अंतरराष्ट्रीय संगठन के तौर पर पेश किया जा रहा है। व्हाइट हाउस का दावा है कि इसे मुख्यतः गाजा में इस्राइल-फलस्तीन के बीच शांति स्थापित करने के लिए प्रस्तावित किया गया है। हालांकि, अब इसे एक स्थायी बोर्ड बनाने और इसमें शामिल होने के लिए एक के बाद एक देशों को न्योता भेजे जाने के ट्रंप प्रशासन के कदमों ने दुनियाभर का ध्यान इस ओर खींचा है।
ये भी पढ़ें- Russia-Ukraine War: 'रूस और यूक्रेन चाहते हैं समझौता', ट्रंप का दावा- शांति के प्रयास काफी हद तक सफल
क्या है बोर्ड ऑफ पीस का लक्ष्य?
यह बोर्ड ट्रंप की 20-सूत्रीय गाजा शांति योजना को लागू करने के लिए बनाया गया था। ट्रंप अपनी इस योजना के तहत संघर्ष वाले क्षेत्रों में स्थिरता को बढ़ावा देने, इस्राइल और फलस्तीन के अधिकारियों की मदद से कानूनी शासन बहाल करने और स्थायी शांति सुनिश्चित करने पर जोर दे रहे हैं।
'ग्रीनलैंड से हमारा कोई लेना-देना नहीं'
यूक्रेन के पुनर्निर्माण के लिए फ्रीज की गई संपत्ति देने को तैयार पुतिन
गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ बातचीत से पहले, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने युद्धग्रस्त यूक्रेन के पुनर्निर्माण के लिए फ्रीज की गई रूसी संपत्तियों को देने पर सहमति जताई है। पुतिन ने फ्रीज की गई संपत्तियों से बोर्ड ऑफ पीस को 1 अरब अमेरिकी डॉलर दान करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा, 'अमेरिका में हमारी फ्रीज की गई संपत्ति से बचे हुए फंड का इस्तेमाल रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौता होने के बाद लड़ाई से तबाह हुए इलाकों को फिर से बनाने के लिए किया जा सकता है। हम अमेरिकी प्रशासन के प्रतिनिधियों के साथ इस संभावना पर भी चर्चा कर रहे हैं।'
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पुतिन ने बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने को लेकर कही ये बात
बुधवार रात को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा, 'बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने को लेकर विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया गया है कि वे हमें मिले दस्तावेजों का ठीक से अध्ययन करें। हम इस बारे में रूस के रणनीतिक साझेदारों से भी चर्चा करेंगे और उसके बाद ही इस बारे में कुछ फैसला करेंगे।'
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पुतिन ने कहा हम हमेशा अंतरराष्ट्रीय स्थिरता को मजबूत करने के पक्ष में रहे हैं। साथ ही हम यूक्रेन संकट हल करने के लिए अमेरिका के प्रयासों की भी सराहना करते हैं।
राष्ट्रपति पुतिन ने बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के आमंत्रण के लिए भी धन्यवाद कहा।
क्या है गाजा बोर्ड ऑफ पीस?
बोर्ड ऑफ पीस को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से शांति स्थापित करने के अंतरराष्ट्रीय संगठन के तौर पर पेश किया जा रहा है। व्हाइट हाउस का दावा है कि इसे मुख्यतः गाजा में इस्राइल-फलस्तीन के बीच शांति स्थापित करने के लिए प्रस्तावित किया गया है। हालांकि, अब इसे एक स्थायी बोर्ड बनाने और इसमें शामिल होने के लिए एक के बाद एक देशों को न्योता भेजे जाने के ट्रंप प्रशासन के कदमों ने दुनियाभर का ध्यान इस ओर खींचा है।
ये भी पढ़ें- Russia-Ukraine War: 'रूस और यूक्रेन चाहते हैं समझौता', ट्रंप का दावा- शांति के प्रयास काफी हद तक सफल
क्या है बोर्ड ऑफ पीस का लक्ष्य?
यह बोर्ड ट्रंप की 20-सूत्रीय गाजा शांति योजना को लागू करने के लिए बनाया गया था। ट्रंप अपनी इस योजना के तहत संघर्ष वाले क्षेत्रों में स्थिरता को बढ़ावा देने, इस्राइल और फलस्तीन के अधिकारियों की मदद से कानूनी शासन बहाल करने और स्थायी शांति सुनिश्चित करने पर जोर दे रहे हैं।
'ग्रीनलैंड से हमारा कोई लेना-देना नहीं'
- ग्रीनलैंड पर कब्जे की अमेरिकी जिद के कारण नाटो की एकता में दरार पड़ गई है। पूरे यूरोप में इन दिनों ग्रीनलैंड का मुद्दा छाया हुआ है। हालांकि रूसी राष्ट्रपति ने इस मुद्दे को तूल देने से इनकार कर दिया।
- पुतिन ने कहा कि उन्हें इस मुद्दे कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा, 'ग्रीनलैंड का क्या होता है, इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है।'
- उन्होंने कहा, 'डेनमार्क ने हमेशा ग्रीनलैंड को एक उपनिवेश के रूप में माना है और इसके प्रति काफी कठोर रहा है लेकिन यह पूरी तरह से एक अलग मामला है, और मुझे संदेह है कि अभी इसमें किसी की दिलचस्पी है। निश्चित रूप से यह हमसे संबंधित नहीं है। मुझे लगता है कि वे इसे आपस में सुलझा लेंगे।'
यूक्रेन के पुनर्निर्माण के लिए फ्रीज की गई संपत्ति देने को तैयार पुतिन
गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ बातचीत से पहले, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने युद्धग्रस्त यूक्रेन के पुनर्निर्माण के लिए फ्रीज की गई रूसी संपत्तियों को देने पर सहमति जताई है। पुतिन ने फ्रीज की गई संपत्तियों से बोर्ड ऑफ पीस को 1 अरब अमेरिकी डॉलर दान करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा, 'अमेरिका में हमारी फ्रीज की गई संपत्ति से बचे हुए फंड का इस्तेमाल रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौता होने के बाद लड़ाई से तबाह हुए इलाकों को फिर से बनाने के लिए किया जा सकता है। हम अमेरिकी प्रशासन के प्रतिनिधियों के साथ इस संभावना पर भी चर्चा कर रहे हैं।'
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