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क्या वेनेजुएला में मादुरो की वापसी?: सड़कों पर देखे गए समर्थन वाले पोस्टर, राजधानी कराकास में दिखा ऐसा नजारा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काराकास
Published by: अमन तिवारी
Updated Thu, 22 Jan 2026 09:48 AM IST
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सार
वेनेजुएला की राजधानी काराकास में निकोलस मादुरो की सत्ता में वापसी के लिए पोस्टर लगाए गए हैं। मादुरो अभी न्यूयॉर्क की जेल में बंद हैं। उन पर अमेरिका ने ड्रग तस्करी और तानाशाही के आरोप लगाए हैं। जानकारों का मानना है कि यह दृश्य वेनेजुएला में आने वाले बड़े राजनीतिक फैसलों और जनमत की दिशा तय कर सकती है।
वेनेजुएला में हो रही राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की वापसी की मांग
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
वेनेजुएला की राजधानी काराकास इन दिनों राजनीतिक पोस्टरों से भर गई है। शहर की मुख्य सड़कों, चौराहों, इमारतों और विज्ञापन पट पर लगे पोस्टर में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सत्ता में वापसी की मांग की जा रही है। स्थानीय इलाकों से लेकर व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्रों तक हर जगह ये पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में मादुरो को देश की स्थिरता और संप्रभुता के प्रतीक के रूप में पेश किया गया है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का क्या है कहना?
वहीं इसको लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह अभियान मादुरो समर्थक खेमे की संगठित रणनीति का हिस्सा हो सकता है। इनका उद्देश्य आम जनता के बीच अपने समर्थन को मजबूत करना और राजनीतिक माहौल को अपने पक्ष में बनाए रखना है। खास तौर पर ऐसे समय में, जब देश आर्थिक चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय दबावों का सामना कर रहा है।
ये भी पढ़ें: Putin Greenland Price: क्या पुतिन ने ग्रीनलैंड की कीमत 200-250 मिलियन डॉलर आंकी? रूसी राष्ट्रपति का बयान वायरल
विपक्ष ने बताया राजनीतिक प्रोपेगेंडा
दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने इस तरह के सार्वजनिक प्रचार को एकतरफा राजनीतिक प्रोपेगेंडा करार दिया है। हालांकि, विरोध के बावजूद काराकास की सड़कों पर फिलहाल मादुरो का चेहरा ही सबसे प्रभावी नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह दृश्य वेनेजुएला की राजनीति और जनमत पर कितना असर डालता है।
क्या है विवाद?
यह विवाद मुख्य रूप से नार्को-टेररिज्म और सत्ता की वैधता को लेकर है। अमेरिका ने मादुरो पर दशकों से ड्रग तस्करी करने और 'कार्टेल ऑफ द संस' जैसे समूहों के जरिए अमेरिका में कोकीन भेजने का आरोप लगाया है। इसके अलावा, अमेरिका उन्हें एक अवैध तानाशाह मानता है। अमेरिका का कहना है कि मादुरो चुनावों में धांधली कर सत्ता पर कब्जा बनाए रखा। वर्तमान में मादुरो न्यूयॉर्क की जेल में हैं और उन पर नशीले पदार्थों की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं।
ये भी पढ़ें: US-Canada Relations: मार्क कार्नी की आलोचना पर भड़के ट्रंप, बोले- अमेरिका की वजह से ही जिंदा है देश
अमेरिका ने की थी कार्रवाई
बता दें कि अमेरिकी सेना ने तीन जनवरी 2026 को 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' (Operation Absolute Resolve) के तहत एक बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया था। इस ऑपरेशन में करीब 150 लड़ाकू विमानों और विशेष सैन्य बलों (डेल्टा फोर्स) का इस्तेमाल किया गया था। गिरफ्तारी के बाद मादुरो को सीधे न्यूयॉर्क ले जाया गया था।
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राजनीतिक विशेषज्ञों का क्या है कहना?
वहीं इसको लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह अभियान मादुरो समर्थक खेमे की संगठित रणनीति का हिस्सा हो सकता है। इनका उद्देश्य आम जनता के बीच अपने समर्थन को मजबूत करना और राजनीतिक माहौल को अपने पक्ष में बनाए रखना है। खास तौर पर ऐसे समय में, जब देश आर्थिक चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय दबावों का सामना कर रहा है।
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विपक्ष ने बताया राजनीतिक प्रोपेगेंडा
दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने इस तरह के सार्वजनिक प्रचार को एकतरफा राजनीतिक प्रोपेगेंडा करार दिया है। हालांकि, विरोध के बावजूद काराकास की सड़कों पर फिलहाल मादुरो का चेहरा ही सबसे प्रभावी नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह दृश्य वेनेजुएला की राजनीति और जनमत पर कितना असर डालता है।
क्या है विवाद?
यह विवाद मुख्य रूप से नार्को-टेररिज्म और सत्ता की वैधता को लेकर है। अमेरिका ने मादुरो पर दशकों से ड्रग तस्करी करने और 'कार्टेल ऑफ द संस' जैसे समूहों के जरिए अमेरिका में कोकीन भेजने का आरोप लगाया है। इसके अलावा, अमेरिका उन्हें एक अवैध तानाशाह मानता है। अमेरिका का कहना है कि मादुरो चुनावों में धांधली कर सत्ता पर कब्जा बनाए रखा। वर्तमान में मादुरो न्यूयॉर्क की जेल में हैं और उन पर नशीले पदार्थों की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं।
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अमेरिका ने की थी कार्रवाई
बता दें कि अमेरिकी सेना ने तीन जनवरी 2026 को 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' (Operation Absolute Resolve) के तहत एक बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया था। इस ऑपरेशन में करीब 150 लड़ाकू विमानों और विशेष सैन्य बलों (डेल्टा फोर्स) का इस्तेमाल किया गया था। गिरफ्तारी के बाद मादुरो को सीधे न्यूयॉर्क ले जाया गया था।
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