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Guinea-Bissau Elections: पश्चिमी अफ्रीकी देश में चुनाव की तैयारी, सेना बोली- दिसंबर में चुने जाएंगे राष्ट्रपति
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, गिनी-बिसाऊ
Published by: अमन तिवारी
Updated Thu, 22 Jan 2026 08:54 AM IST
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सार
पश्चिम अफ्रीका के गिनी-बिसाऊ में राजनीतिक अस्थिरता के बीच चुनावों का एलान कर दिया गया है। यहां पिछले साल नवंबर में सेना ने सत्ता संभाली थी। मौजूदा सैन्य सरकार का कहना है कि देश में अब निष्पक्ष चुनाव के लिए हालात पूरी तरह सामान्य हैं।
गिनी-बिसाऊ झंडा
- फोटो : एडोब स्टॉक
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विस्तार
पश्चिम अफ्रीका के गिनी-बिसाऊ देश ने पिछले साल सैन्य तख्तापलट के बाद अब नई सरकार के गठन के लिए देश में नए चुनावों की तारीख तय कर दी है। जुंटा (सैन्य अधिकारियों का एक समूह जो बलपूर्वक सत्ता पर कब्जा करके देश पर शासन करता है) के नेता जनरल होर्टा इंटा-ए ने बुधवार को बताया कि राष्ट्रपति और संसद के चुनाव छह दिसंबर को होंगे। जनरल ने एक आदेश जारी कर कहा कि अब देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए माहौल पूरी तरह तैयार है।
कई बार हुई है तख्तापलट की कोशिश
पिछले साल नवंबर में सेना ने यहां की सत्ता अपने हाथ में ले लिया था। इसके बाद पूर्व सेना प्रमुख इंटा-ए को एक साल के लिए सरकार चलाने की जिम्मेदारी मिली थी। गिनी-बिसाऊ दुनिया के सबसे गरीब देशों में गिना जाता है। पुर्तगाल से आजादी मिलने के 50 साल बाद भी यहां अक्सर तख्तापलट होता रहता है। पिछले साल अक्टूबर में भी तख्तापलट की एक कोशिश हुई थी।
ये भी पढ़ें: Russia-Ukraine War: 'रूस और यूक्रेन चाहते हैं समझौता', ट्रंप का दावा- शांति के प्रयास काफी हद तक सफल
पश्चिम अफ्रीका कई देशों में हुआ है तख्तापलट
यह देश लैटिन अमेरिका और यूरोप के बीच ड्रग्स की तस्करी का बड़ा केंद्र माना जाता है। जानकारों का कहना है कि इसी वजह से यहां राजनीतिक संकट बना रहता है। साल 2020 के बाद से पश्चिम अफ्रीका के कई देशों में सेना ने सत्ता संभाली है। माली, नाइजर और बुर्किना फासो में भी सेना ने सुरक्षा और बेहतर शासन के नाम पर सरकार गिरा दी थी। पड़ोसी देश गिनी में भी 2021 में जनरल ममादी डौम्बौया ने भ्रष्टाचार खत्म करने के वादे के साथ राष्ट्रपति को हटा दिया था।
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कई बार हुई है तख्तापलट की कोशिश
पिछले साल नवंबर में सेना ने यहां की सत्ता अपने हाथ में ले लिया था। इसके बाद पूर्व सेना प्रमुख इंटा-ए को एक साल के लिए सरकार चलाने की जिम्मेदारी मिली थी। गिनी-बिसाऊ दुनिया के सबसे गरीब देशों में गिना जाता है। पुर्तगाल से आजादी मिलने के 50 साल बाद भी यहां अक्सर तख्तापलट होता रहता है। पिछले साल अक्टूबर में भी तख्तापलट की एक कोशिश हुई थी।
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पश्चिम अफ्रीका कई देशों में हुआ है तख्तापलट
यह देश लैटिन अमेरिका और यूरोप के बीच ड्रग्स की तस्करी का बड़ा केंद्र माना जाता है। जानकारों का कहना है कि इसी वजह से यहां राजनीतिक संकट बना रहता है। साल 2020 के बाद से पश्चिम अफ्रीका के कई देशों में सेना ने सत्ता संभाली है। माली, नाइजर और बुर्किना फासो में भी सेना ने सुरक्षा और बेहतर शासन के नाम पर सरकार गिरा दी थी। पड़ोसी देश गिनी में भी 2021 में जनरल ममादी डौम्बौया ने भ्रष्टाचार खत्म करने के वादे के साथ राष्ट्रपति को हटा दिया था।
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