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Cyber Crime: कंबोडिया में फर्जी पुलिस थाने का पर्दाफाश; गांधी-आंबेडकर की फोटो लगाकर भारतीयों को बनाते थे शिकार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, फोनों पेन्ह
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 12 Feb 2026 04:17 PM IST
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सार
कंबोडिया में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के दौरान एक फर्जी पुलिस स्टेशन का पर्दाफाश हुआ है। जहां गांधी और आंबेडकर की फोटो लगाकर एक नकली भारतीय पुलिस थाना बनाया गया था। इस फर्जी पुलिस के जरिए पीड़ितों को डिजिटल अरेस्ट किया जाता था।
Cyber Crime
- फोटो : FREEPIK
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विस्तार
कंबोडिया में अधिकारियों ने धोखाधड़ी केंद्रों पर कार्रवाई के दौरान एक फर्जी पुलिस स्टेशन का पर्दाफाश किया है, जिसमें गांधी और आंबेडकर की तस्वीर लगी हुई थी। अधिकारियों के मुताबिक, इसका इस्तेमाल भारतीयों को 'डिजिटल अरेस्ट' करने के लिए किया जा रहा था।
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धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई में 200 केंद्र पर लगे ताले
मामले में एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि कंबोडिया ने हाल के हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी पर नकेल कसने के अभियान में लगभग 200 घोटाले के केंद्रों को बंद किया है। वहीं इस दौरान 173 वरिष्ठ आपराधिक सरगनाओं को गिरफ्तार किया गया है और 11,000 श्रमिकों को निर्वासित किया गया है।
लोगों को फंसाने के लिए बने थे फोन स्टूडियो और ऑफिस
वियतनाम सीमा के पास कंपोट में मौजूद एक बड़े ऑफिस परिसर में, पत्रकारों को बड़े-बड़े ऐसे कमरे दिखाए गए जिनमें कंप्यूटर स्टेशनों की कतारें और डेस्क थे, वहां बड़े पैमाने पर पीड़ितों को धोखा देने के तरीके बताने वाले दस्तावेज पड़े हुए थे, इसके साथ ही फोन कॉल के लिए स्टूडियो बूथ और एक नकली भारतीय पुलिस स्टेशन भी दिखाया गया।
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पुलिस कर्मियों से ज्यादा थी कर्मचारी की संख्या
अधिकारियों ने बताया कि कंपोट में मौजूद माय कैसीनो परिसर के अंदर कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। कथित मालिक और कारोबारी ली कुओंग की गिरफ्तारी के बाद कर्मचारी भाग गए। मामले में एक वरिष्ठ पुलिस ने बताया कि उनके पर्याप्त पुलिसकर्मी नहीं थे, इस वजह से वे लोग कर्मचारियों को गिरफ्तार नहीं कर सके। कम्पोट प्रांत के पुलिस प्रमुख ने कहा, 'पूरे प्रांत में हमारे पास लगभग 1000 पुलिसकर्मी हैं, और लगभग 300 सैन्य पुलिसकर्मी हैं। उन्होंने आगे कहा, 'दोनों बलों को मिलाकर भी हम उन्हें नहीं रोक सकते क्योंकि जब वे यहां से निकले थे तब उनकी संख्या लगभग 6000 से 7000 थी।'
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धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई में 200 केंद्र पर लगे ताले
मामले में एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि कंबोडिया ने हाल के हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी पर नकेल कसने के अभियान में लगभग 200 घोटाले के केंद्रों को बंद किया है। वहीं इस दौरान 173 वरिष्ठ आपराधिक सरगनाओं को गिरफ्तार किया गया है और 11,000 श्रमिकों को निर्वासित किया गया है।
लोगों को फंसाने के लिए बने थे फोन स्टूडियो और ऑफिस
वियतनाम सीमा के पास कंपोट में मौजूद एक बड़े ऑफिस परिसर में, पत्रकारों को बड़े-बड़े ऐसे कमरे दिखाए गए जिनमें कंप्यूटर स्टेशनों की कतारें और डेस्क थे, वहां बड़े पैमाने पर पीड़ितों को धोखा देने के तरीके बताने वाले दस्तावेज पड़े हुए थे, इसके साथ ही फोन कॉल के लिए स्टूडियो बूथ और एक नकली भारतीय पुलिस स्टेशन भी दिखाया गया।
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पुलिस कर्मियों से ज्यादा थी कर्मचारी की संख्या
अधिकारियों ने बताया कि कंपोट में मौजूद माय कैसीनो परिसर के अंदर कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। कथित मालिक और कारोबारी ली कुओंग की गिरफ्तारी के बाद कर्मचारी भाग गए। मामले में एक वरिष्ठ पुलिस ने बताया कि उनके पर्याप्त पुलिसकर्मी नहीं थे, इस वजह से वे लोग कर्मचारियों को गिरफ्तार नहीं कर सके। कम्पोट प्रांत के पुलिस प्रमुख ने कहा, 'पूरे प्रांत में हमारे पास लगभग 1000 पुलिसकर्मी हैं, और लगभग 300 सैन्य पुलिसकर्मी हैं। उन्होंने आगे कहा, 'दोनों बलों को मिलाकर भी हम उन्हें नहीं रोक सकते क्योंकि जब वे यहां से निकले थे तब उनकी संख्या लगभग 6000 से 7000 थी।'