सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistani army terror continues in Balochistan four more Baloch civilians killed News In Hindi

Balochistan: बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना का आतंक जारी, आम लोग बन रहे शिकार; चार अन्य बलूच नागरिकों की हत्या

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, क्वेटा Published by: शुभम कुमार Updated Thu, 12 Feb 2026 03:53 PM IST
विज्ञापन
सार

बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना का आतंक जारी है, जिसका शिकार आम लोग बन रहे है। इसी बीच मानवाधिकार संगठनों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने शिकार पजीर बलूच और करीम जान समेत चार लोगों को बिना कानूनी प्रक्रिया के मार डाला।

Pakistani army terror continues in Balochistan four more Baloch civilians killed News In Hindi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार

बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना और बलूच लड़ाके के बीच लगातार हिंसक तनाव बढ़ रहा है। हाल ही में पाकिस्तानी सेना ने इलाके में टैंक तैनात कर दिए हैं। वहीं, आम लोगों के खिलाफ हिंसा भी लगातार बढ़ रही है। बड़े मानवाधिकार संगठनों ने बताया कि प्रांत में पाकिस्तानी सेना ने बिना कानूनी प्रक्रिया के चार लोगों की हत्या की है।

Trending Videos

बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग पांक ने बताया कि 32 साल के पजीर बलूच का शव 7 फरवरी को मिला। उसे 25 नवंबर, 2025 को पंजगुर जिले के वाशबुड इलाके से पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वाड ने अगवा किया था। मानवाधिकार संगठन बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने कहा कि पजीर के शरीर पर टॉर्चर के निशान अमानवीय क्रूरता दिखाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

करीम जान की हत्या
35 साल के ड्राइवर करीम जान को 3 जनवरी को पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस ने अगवा किया था। करीब एक महीने तक हिरासत में रखने के बाद 1 फरवरी को पंजगुर के बालगाथर इलाके में उसकी लाश मिली। बीवाईसी ने कहा कि यह मामला उन बलूच लोगों की बढ़ती सूची में शामिल है, जिन्हें बिना किसी जवाबदेही के मार दिया गया।


ये भी पढ़ें:- Pakistan: पाकिस्तानी सेना के पूर्व चीफ बाजवा आईसीयू में भर्ती; फिसलकर गिरे, सिर में लगी गंभीर चोट

अन्य हत्या और अगवा करने की घटनाएं

  • 20 साल के मजदूर मलंग बलूच को 29 जनवरी को वाशबुड इलाके से गायब किया गया और पाकिस्तान समर्थित हथियारबंद समूह ने मार डाला।

  • 44 साल के किसान मुहम्मद अनवर बलूच को 4 जून, 2025 को सीटीडी ने हिरासत में लिया था। महीनों बाद 4 जनवरी को उनका शव मिला।

बीवाईसी ने कहा कि आज बलूचिस्तान में कोई भी सुरक्षित नहीं है, न मजदूर, न किसान, यहां तक कि मस्जिद में नमाज पढ़ने वाले भी। पाकिस्तानी सरकार ने इलाके को मिलिट्री जोन बना दिया है, जहां कानून की जगह दमन चलता है।

ये भी पढ़ें:- Bangladesh चुनाव: बांग्लादेश में 18 करोड़ लोगों की सरकार का दावा, जमात चीफ शफीकुर रहमान ने जताई जीत की उम्मीद

मानवाधिकार की चिंता
बीवाईसी ने जोर देकर कहा कि इन हत्याओं और गायब करने की घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का उल्लंघन हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी इन अपराधों को बढ़ावा देती है, और बलूच परिवार न्याय और जवाबदेही से दूर रह जाते हैं।

आईएएनएस

अन्य वीडियो

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed