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अमेरिका में फिर शटडाउन का खतरा: मिनेसोटा गोलीकांड के बाद ट्रंप सरकार के सामने नई चुनौती, DHS फंडिंग अटकी

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: पवन पांडेय Updated Mon, 26 Jan 2026 01:00 AM IST
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सार

अमेरिका में एक बार फिर शटडाउन का संकट गहराने लगा है। दरअसल, मिनेसोटा राज्य में आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन की कार्रवाई से डेमोक्रेट्स में गुस्सा है और वे सीधे गृह सुरक्षा विभाग की फंडिंग रोकने को तैयार हैं। बर्फीले तूफान के कारण सीनेट मंगलवार तक नहीं बैठेगी और अगर बिल बदला गया तो हाउस को फिर से वोट कराना होगा।

Democrats vow to oppose homeland security funding bill, that increases chance of shutdown
व्हाइट हाउस - फोटो : ANI
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विस्तार
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अमेरिका के मिनेसोटा राज्य में आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) की कार्रवाई से गुस्साए डेमोक्रेट्स अब सीधे गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) की फंडिंग रोकने को तैयार हैं। इससे राष्ट्रपति ट्रंप की सरकार के सामने शटडाउन का नया संकट खड़ा हो गया है। यह सिर्फ बजट की लड़ाई नहीं, बल्कि पुलिस और फेडरल एजेंसियों की जवाबदेही को लेकर एक बड़ा राजनीतिक टकराव बन चुका है।
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क्या है पूरा मामला?
अमेरिका में डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) के लिए फंडिंग बिल का विरोध करने का फैसला किया है। इसकी वजह मिनेसोटा में हुई एक और गोलीबारी है, जिसमें 37 साल के आईसीयू नर्स एलेक्स प्रेट्टी की मौत हो गई। आरोप है कि यह फायरिंग आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) के एक फेडरल एजेंट ने की। इस फैसले से अब हफ्ते के अंत तक अमेरिका में आंशिक सरकारी शटडाउन का खतरा बढ़ गया है।
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किस नेता ने क्या कहा?
सीनेट में डेमोक्रेट्स के नेता चक शूमर ने कहा, 'जो कुछ मिनेसोटा में हुआ है, वह बेहद शर्मनाक है। जब तक गृह सुरक्षा विभाग बिल में आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन को लेकर सुधार नहीं होते, हम इस पर वोट नहीं देंगे।' उन्होंने साफ कहा कि वे इस बिल के पक्ष में वोट नहीं करेंगे। सीनेटर पैटी मरे, जो पहले इस बिल के समर्थन में थीं, उन्होंने भी अब कहा है, 'जैसे हालात हैं, मैं गृह सुरक्षा विभाग बिल का समर्थन नहीं कर सकती। फेडरल एजेंट खुलेआम किसी की हत्या करें और उन्हें कोई सजा न मिले, यह स्वीकार नहीं किया जा सकता।'

क्यों भड़के हैं डेमोक्रेट्स?
डेमोक्रेट्स का कहना है कि आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंटों के व्यवहार में लगातार ज्यादती हो रही है। उनका आरोप है कि बिना वारंट गिरफ्तारियां की जा रही हैं, सही ट्रेनिंग नहीं है, एजेंट अपनी पहचान नहीं बताते और बॉर्डर पेट्रोल को सीमा पर रहने की बजाय शहरों में छापों के लिए भेजा जा रहा है।

डेमोक्रेट्स की प्रमुख मांगें
डेमोक्रेट्स चाहते हैं कि गृह सुरक्षा विभाग बिल में कुछ बदलाव जोड़े जाएं। जिसमें गिरफ्तारी के लिए वारंट अनिवार्य हो, आईसीई एजेंटों की ट्रेनिंग मजबूत की जाए, एजेंट अपनी पहचान स्पष्ट करें और बॉर्डर पेट्रोल को सीमा पर ही तैनात रखा जाए।

क्या कह रहे हैं रिपब्लिकन?
कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने जांच की मांग की है, लेकिन फंडिंग रोकने के फैसले का विरोध किया है। सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा 'यह समय गृह सुरक्षा विभाग को कमजोर करने का नहीं है। बॉर्डर सुरक्षा हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा का बड़ा मुद्दा है।' वहीं सीनेटर बिल कैसिडी ने कहा कि 'आईसीई और डीएचएस की साख दांव पर है, पूरी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।'

शटडाउन का खतरा क्यों?
अमेरिका के कुल 12 खर्च बिलों में से छह पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही साइन कर चुके हैं, वहीं बाकी छह अभी भी सीनेट में अटके हैं। अगर शुक्रवार आधी रात तक इन पर फैसला नहीं हुआ, तो कई सरकारी एजेंसियों की फंडिंग रुक जाएगी।

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क्या-क्या चलता रहेगा, क्या रुकेगा?
इस सूची में रक्षा विभाग, कृषि विभाग (फूड असिस्टेंस जारी रहेगी), न्याय, वाणिज्य, पर्यावरण, नासा जैसी एजेंसियां काम करती रह पाएंगी। वहीं होमलैंड सिक्योरिटी, इमिग्रेशन सेवाएं और कुछ फेडरल दफ्तरों की रोजमर्रा की गतिविधियों प्रभाव पड़ सकता है।

मिनेसोटा के नेताओं का रुख
वहीं मिनेसोटा के दोनों डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने कहा है कि वे गृह सुरक्षा विभाग फंडिंग का विरोध करेंगे। सीनेटर टीना स्मिथ बोलीं, 'आईसीई को फंड न देना शुरुआत करने की सबसे सही जगह है।' एमी क्लोबुशर ने कहा, 'हम पारदर्शी जांच चाहते हैं और रिपब्लिकन साथियों से सच के लिए खड़े होने की अपील करते हैं।'

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