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West Asia Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान को चेतावनी से उछला कच्चा तेल, बढ़ी महंगाई की आशंका

अमर उजाला नेटवर्क, वॉशिंगटन/पेरिस। Published by: Devesh Tripathi Updated Tue, 19 May 2026 05:17 AM IST
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सार

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान ने जल्द कदम नहीं उठाए तो उनके पास कुछ भी नहीं बचेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम वार्ता आगे नहीं बढ़ पा रही है। ईरानी मीडिया ने दावा किया कि वॉशिंगटन ने तेहरान के नवीनतम प्रस्तावों पर कोई ठोस रियायत नहीं दी है।

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कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग - फोटो : ANI
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विस्तार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई नई चेतावनी के बाद सोमवार को वैश्विक ऊर्जा बाजारों में फिर उथल-पुथल तेज हो गई। युद्धविराम वार्ता ठप पड़ने और होर्मुज जलडमरूमध्य अब भी बंद रहने की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं, जबकि अमेरिका, जापान और यूरोप में सरकारी बॉन्ड यील्ड भी ऊपर चली गईं।


निवेशकों को आशंका है कि लंबे खिंचते संघर्ष से वैश्विक महंगाई और ब्याज दरों पर नया दबाव बन सकता है। बॉन्ड यील्ड यानी सरकार या किसी संस्था द्वारा जारी बॉन्ड पर निवेशकों को मिलने वाला प्रतिफल या ब्याज दर। सरल शब्दों में यह वह दर है जिस पर सरकार बाजार से उधार ले रही होती है।
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होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से गहराया संकट
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.7 फीसदी बढ़कर 111.13 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 2.1 फीसदी चढ़कर 107.62 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। ऊर्जा बाजारों में यह उछाल ऐसे समय आया है जब ईरान ने अमेरिकी और इस्राइली हमलों के जवाब में रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर रखा है।

दुनिया का करीब 20 फीसदी तेल इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान ने जल्द कदम नहीं उठाए तो उनके पास कुछ भी नहीं बचेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम वार्ता आगे नहीं बढ़ पा रही है। ईरानी मीडिया ने दावा किया कि वॉशिंगटन ने तेहरान के नवीनतम प्रस्तावों पर कोई ठोस रियायत नहीं दी है।

महंगाई के डर से बढ़ीं बॉन्ड यील्ड
ऊर्जा कीमतों में तेजी का असर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर भी दिखाई दिया। निवेशकों को आशंका है कि महंगाई बढ़ने से दुनिया के प्रमुख केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में और वृद्धि कर सकते हैं। अमेरिका में 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.63 फीसदी पहुंच गई, जो एक वर्ष से अधिक समय का उच्चतम स्तर है। यह दर मूल रूप से अमेरिकी सरकार के 10 वर्षों के कर्ज लेने की लागत को दर्शाती है। जापान में भी बॉन्ड यील्ड में तेज उछाल दर्ज किया गया।

ये भी पढ़ें: SBI Research: पेट्रोल-डीजल के दाम में ₹3 की बढ़ोतरी का राजकोषीय स्थिति पर सीधा असर नहीं, रिपोर्ट में दावा

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार जापानी सरकार युद्ध से पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए अतिरिक्त बजट की तैयारी कर रही है और इसके लिए नया कर्ज जारी किया जा सकता है। 30 वर्षीय जापानी सरकारी बॉन्ड यील्ड रिकॉर्ड 4.2 फीसदी तक पहुंच गई, जबकि 10 वर्षीय यील्ड अक्टूबर 1996 के बाद पहली बार 2.8 फीसदी तक चढ़ गई। यूरोजोन देशों के बॉन्ड यील्ड में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
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