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PM Norway Visit: 'भारत पर दुनिया भरोसा क्यों करे?' नॉर्वे की पत्रकार के तीखे सवाल पर सिबी जॉर्ज का करारा जवाब
एएनआई, ओस्लो
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Tue, 19 May 2026 04:53 AM IST
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सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे पर ओस्लो में एक प्रेस वार्ता के दौरान स्थानीय पत्रकार ने भारत में मानवाधिकारों और प्रेस की आजादी पर सवाल उठाए। उसने पूछा कि दुनिया भारत पर भरोसा क्यों करे। इस पर विदेश मंत्रालय के सचिव सिबी जॉर्ज ने करारा जवाब देते हुए भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों, महिला अधिकारों, कानून के शासन और शून्य, शतरंज तथा योग जैसी ऐतिहासिक देन का जिक्र कर पत्रकार की बोलती बंद कर दी।
सिबी जॉर्ज
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय नॉर्वे के बहुत ही अहम दौरे पर हैं। इस दौरान ओस्लो में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के समय वहां की एक महिला पत्रकार ने भारत की प्रेस स्वतंत्रता और मानवाधिकारों को लेकर कुछ तीखे सवाल खड़े किए। पत्रकार ने पूछा कि आखिर दुनिया को भारत पर भरोसा क्यों करना चाहिए। इस सवाल पर विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बेहद कड़ा और शानदार जवाब दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह पूरा वाकया तब हुआ जब सिबी जॉर्ज पत्रकारों से शांति से बात कर रहे थे। एक पत्रकार बार-बार उन्हें बीच में टोकते हुए पूछ रही थी कि 'भारत पर भरोसा क्यों किया जाए'। इस बात पर दोनों के बीच तीखी बहस हो गई। सिबी जॉर्ज ने कड़े शब्दों में कहा कि यह उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस है और उन्हें बीच में बिल्कुल न टोका जाए। इसके बाद उन्होंने बहुत ही अच्छे से समझाया कि कैसे भारत का संविधान अपने सभी नागरिकों को मौलिक अधिकार देता है। उन्होंने साफ किया कि अधिकारों का उल्लंघन होने पर भारत में न्याय पाने के लिए कानूनी रास्ते भी पूरी तरह से खुले हुए हैं।
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भारत में मानवाधिकार और महिलाओं के अधिकारों की असली स्थिति क्या है?
सिबी जॉर्ज ने यह भी कहा कि भारत हमेशा से समानता और मानवाधिकारों में पूरा विश्वास रखता है। उन्होंने बताया कि हमारे देश के संविधान में सभी लोगों के अधिकारों की पूरी गारंटी दी गई है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि साल 1947 में जब देश आजाद हुआ था, तभी भारत ने महिलाओं को वोट देने का समान अधिकार दे दिया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दुनिया के कई देशों में महिलाओं को यह आजादी भारत के कई दशकों बाद मिली थी। उन्होंने कहा कि वोट देने और अपनी मर्जी से सरकार को बदलने का अधिकार ही मानवाधिकार का सबसे बड़ा और अच्छा उदाहरण है, जिस पर हर भारतीय को गर्व है।
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भारत की मीडिया और प्रेस की आजादी पर सिबी जॉर्ज ने क्या कड़ा जवाब दिया?
प्रेस की आजादी पर उठ रहे फालतू सवालों को खारिज करते हुए सिबी जॉर्ज ने भारत की मीडिया की विशालता के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि भारत में एक बहुत ही सक्रिय और कई भाषाओं में काम करने वाला बड़ा प्रेस सिस्टम मौजूद है। अकेले राजधानी दिल्ली का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां अंग्रेजी, हिंदी और कई अन्य भाषाओं में कम से कम 200 टीवी चैनल चल रहे हैं। हर शाम वहां कितनी ही ब्रेकिंग न्यूज आती हैं। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि बाहर के लोगों को भारत की इस विशालता और विविधता की कोई समझ ही नहीं है।
दुनिया भारत पर क्यों करे भरोसा, इसके लिए क्या मजबूत तर्क दिए गए?
पत्रकार के इस बड़े सवाल का जवाब देते हुए सिबी जॉर्ज ने भारत के महान इतिहास और पूरी दुनिया के लिए किए गए कामों की याद दिलाई। उन्होंने कोरोना वायरस जैसी भयंकर महामारी के दौरान भारत द्वारा पूरी दुनिया को बचाने में निभाई गई अहम भूमिका का भी जिक्र किया। साथ ही, उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जो हमेशा कानून के राज में पूरा विश्वास करता है। हम हमेशा बनाए गए नियमों का पूरी ईमानदारी से पालन करते हैं। यही भारत की असली साख और पहचान है।
सिबी जॉर्ज ने आगे बोलते हुए दुनिया को भारत की ऐतिहासिक देन के बारे में भी बहुत अच्छे से बताया। उन्होंने पत्रकार से कहा कि अगर आप दुनिया में चारों तरफ देखेंगे, तो आपको हर जगह भारत से कुछ न कुछ जुड़ा हुआ नजर आएगा। उन्होंने कहा कि आप अपने मोबाइल फोन में जो नंबर देखते हैं, उनकी शुरुआत भी भारत में ही हुई थी। गणित में शून्य (जीरो) की खोज भारत में ही हुई थी। इतना ही नहीं, दुनिया भर में खेले जाने वाले शतरंज के खेल की शुरुआत भी हमारे ही देश से हुई थी।