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Haj Pilgrimage: UAE के 150 लोगों के साथ ₹6 करोड़ की धोखाधड़ी, दुबई पुलिस ने भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया
Thu, 26 Oct 2023 07:36 PM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 26 Oct 2023 07:36 PM IST
सार
हज के नाम पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के 150 नागरिकों के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार दुबई पुलिस ने ट्रैवल एजेंसी संचालक भारतीय नागरिक को छह करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
हज यात्रा का झूठा वादा करके यूएई के नागरिकों को धोखा देने के आरोप में भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। दुबई पुलिस की कार्रवाई पर आई रिपोर्ट के अनुसार, एक 44 वर्षीय भारतीय नागरिक को हज यात्रा के लिए 6 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। संयुक्त अरब अमीरात के 150 नागरिकों को कथित तौर पर धोखा देने के आरोप में गिरफ्तार शख्स पर आरोप है कि इसने हज यात्रा के नाम पर यूएई के नागरिकों से छह करोड़ रुपये का एडवांस लिया।
ट्रैवल एजेंसी चलाने वाले भारतीय की गिरफ्तारी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय नागरिक शबीन रशीद ने यूएई के 150 नागरिकों को हज यात्रा का वादा करके धोखा दिया, लेकिन यह कभी पूरा नहीं हुआ। खलीज टाइम्स की खबर में बुधवार को बताया गया कि कि शारजाह स्थित बैतुल अतीक ट्रैवल एजेंसी चलाने वाले शबीन को इस महीने की शुरुआत में दुबई पुलिस ने हिरासत में लिया था।
150 नागरिकों से लिए एडवांस पैसे
पुलिस की कार्रवाई के बारे में आई खबर के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद रशीद ने माफ़ी मांगी। उसने दावा किया कि वीजा जारी करने में आखिरी मिनट में बदलाव के कारण समस्याएं पैदा हुईं। लगभग 150 नागरिकों से लिए एडवांस पैसों को रिफंड करने का वादा करते हुए शबीन ने कहा कि यात्रियों के लिए जो आवास बुक किए गए, उन्हें दोबारा बेचने से मिली धनराशि वापस कर दी जाएगी।
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धोखाधड़ी की कई खबरें सामने आईं
दुबई में भारतीय की गिरफ्तारी के बारे में आई रिपोर्ट में कहा गया है कि लंबा समय बीतने के बाद भी हज यात्रियों के पैसे वापस नहीं मिले। पिछले वर्षों से इसी तरह की कई और धोखाधड़ी की घटनाओं की खबरें सामने आईं। पीड़ितों ने रशीद के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराईं, जिसके आधार पर उनकी गिरफ्तारी हुई।
सिर्फ पांच हजार दिरहम रिफंड मिला
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार रशीद के खिलाफ शिकायत करने वाले पीड़ितों में दुबई निवासी साकिब इमाम भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, हज के लिए पिछले साल अक्तूबर के आसपास ही उसने 20 हजार दिरहम का भुगतान किया था। उन्होंने कहा कि उन्हें अब तक केवल 5,000 दिरहम ही रिफंड मिला है।
1.30 लाख दिरहम का भुगतान, रिफंड केवल 13 फीसदी
रिपोर्ट में कहा गया है कि शारजाह में रहने वाली एक विधवा ने अपने किशोर बेटे के साथ हज तीर्थयात्रा पर जाने के लिए 1.30 लाख दिरहम का भुगतान किया था। पीड़िता ने कहा कि जब उसने शिकायत दर्ज कराई तो उसे अपनी धनराशि का केवल 13 प्रतिशत (लगभग 16,900 दिरहम) ही वापस मिले।
20 लोगों के पैसे लौटाने का दावा, विवरण नहीं दे सका आरोपी
रशीद की गिरफ्तारी पर आई खबरों के मुताबिक फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि ट्रैवल एजेंसी के खिलाफ कितनी पुलिस शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। कितने पुलिस कंप्लेन को आंशिक रूप से वापस किया गया है, इस संबंध में भी दुबई पुलिस की तरफ से कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रशीद ने 20 लोगों के पैसे लौटाने का दावा किया था, लेकिन खलीज टाइम्स के बार-बार अनुरोध के बावजूद रशीद नाम और संपर्क जैसे विवरण देने में विफल रहे।
2020 में हज के लिए पैसे दिए, बदले में केवल वादे मिले
बता दें कि सऊदी अरब ने COVID-19 महामारी के कारण विदेशी तीर्थयात्रियों को 2020 और 2021 में हज करने से रोक दिया था। जिन लोगों ने 2020 में बैतुल अतीक का भुगतान किया था, उन्होंने दावा किया कि उन्हें खोखले वादों के अलावा कुछ नहीं मिला है।
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ट्रैवल एजेंसी चलाने वाले भारतीय की गिरफ्तारी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय नागरिक शबीन रशीद ने यूएई के 150 नागरिकों को हज यात्रा का वादा करके धोखा दिया, लेकिन यह कभी पूरा नहीं हुआ। खलीज टाइम्स की खबर में बुधवार को बताया गया कि कि शारजाह स्थित बैतुल अतीक ट्रैवल एजेंसी चलाने वाले शबीन को इस महीने की शुरुआत में दुबई पुलिस ने हिरासत में लिया था।
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150 नागरिकों से लिए एडवांस पैसे
पुलिस की कार्रवाई के बारे में आई खबर के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद रशीद ने माफ़ी मांगी। उसने दावा किया कि वीजा जारी करने में आखिरी मिनट में बदलाव के कारण समस्याएं पैदा हुईं। लगभग 150 नागरिकों से लिए एडवांस पैसों को रिफंड करने का वादा करते हुए शबीन ने कहा कि यात्रियों के लिए जो आवास बुक किए गए, उन्हें दोबारा बेचने से मिली धनराशि वापस कर दी जाएगी।
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धोखाधड़ी की कई खबरें सामने आईं
दुबई में भारतीय की गिरफ्तारी के बारे में आई रिपोर्ट में कहा गया है कि लंबा समय बीतने के बाद भी हज यात्रियों के पैसे वापस नहीं मिले। पिछले वर्षों से इसी तरह की कई और धोखाधड़ी की घटनाओं की खबरें सामने आईं। पीड़ितों ने रशीद के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराईं, जिसके आधार पर उनकी गिरफ्तारी हुई।
सिर्फ पांच हजार दिरहम रिफंड मिला
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार रशीद के खिलाफ शिकायत करने वाले पीड़ितों में दुबई निवासी साकिब इमाम भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, हज के लिए पिछले साल अक्तूबर के आसपास ही उसने 20 हजार दिरहम का भुगतान किया था। उन्होंने कहा कि उन्हें अब तक केवल 5,000 दिरहम ही रिफंड मिला है।
1.30 लाख दिरहम का भुगतान, रिफंड केवल 13 फीसदी
रिपोर्ट में कहा गया है कि शारजाह में रहने वाली एक विधवा ने अपने किशोर बेटे के साथ हज तीर्थयात्रा पर जाने के लिए 1.30 लाख दिरहम का भुगतान किया था। पीड़िता ने कहा कि जब उसने शिकायत दर्ज कराई तो उसे अपनी धनराशि का केवल 13 प्रतिशत (लगभग 16,900 दिरहम) ही वापस मिले।
20 लोगों के पैसे लौटाने का दावा, विवरण नहीं दे सका आरोपी
रशीद की गिरफ्तारी पर आई खबरों के मुताबिक फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि ट्रैवल एजेंसी के खिलाफ कितनी पुलिस शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। कितने पुलिस कंप्लेन को आंशिक रूप से वापस किया गया है, इस संबंध में भी दुबई पुलिस की तरफ से कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रशीद ने 20 लोगों के पैसे लौटाने का दावा किया था, लेकिन खलीज टाइम्स के बार-बार अनुरोध के बावजूद रशीद नाम और संपर्क जैसे विवरण देने में विफल रहे।
2020 में हज के लिए पैसे दिए, बदले में केवल वादे मिले
बता दें कि सऊदी अरब ने COVID-19 महामारी के कारण विदेशी तीर्थयात्रियों को 2020 और 2021 में हज करने से रोक दिया था। जिन लोगों ने 2020 में बैतुल अतीक का भुगतान किया था, उन्होंने दावा किया कि उन्हें खोखले वादों के अलावा कुछ नहीं मिला है।