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तिब्बत में फिर कांपी धरती: कुछ घंटों में तीन बार आया भूकंप; 4.6 रही सबसे तेज तीव्रता; चीन में भी लगे झटके

Sat, 24 Oct 2026 06:32 AM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवम गर्ग Updated Sat, 24 Oct 2026 06:32 AM IST
सार

तिब्बत में शनिवार को कुछ घंटों के भीतर भूकंप के तीन झटके दर्ज किए गए। एनसीएस के मुताबिक, सबसे तेज झटके का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था। इससे पहले गुरुवार को तिब्बत में 7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से भारी तबाही हुई थी, जिसमें कम से कम 16 लोगों की मौत और 54 लोगों के घायल होने की खबर थी।

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Earthquakes Hit Tibet Within Hours, Strongest Tremor Recorded at Magnitude 4.6
earthquake भूकंप - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

तिब्बत में शनिवार, 24 अक्तूबर 2026 को कुछ ही घंटों के भीतर तीन बार भूकंप दर्ज किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इन भूकंपों की तीव्रता 4.0, 4.6 और 4.5 रही। इनमें सबसे तेज झटका 4.6 तीव्रता का था, जिसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया। एनसीएस के आंकड़ों के मुताबिक, तीनों भूकंप भारतीय समयानुसार रात 1 बजे से सुबह 6 बजे के बीच दर्ज हुए। 

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कुछ घंटों में तीन बार दर्ज हुए भूकंप

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, तिब्बत में भूकंपीय गतिविधियों का ब्योरा इस प्रकार है:

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  • पहला भूकंप: रात 1 बजकर 8 मिनट पर 4.0 तीव्रता का झटका दर्ज किया गया। इसकी गहराई 15 किलोमीटर रही।
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  • दूसरा भूकंप: रात 2 बजकर 7 मिनट पर 4.6 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज हुआ।
  • तीसरा भूकंप: सुबह 5 बजकर 38 मिनट पर 4.5 तीव्रता का झटका दर्ज किया गया। इसकी गहराई भी 10 किलोमीटर रही।

कल भी तिब्बत में आया था भूकंप, 16 की गई थी जान
इससे पहले गुरुवार शाम आए 7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 76 लोग घायल हुए हैं। चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार, उत्तरी तिब्बत के नागचू शहर में भूकंप के झटकों से सैकड़ों मकान ढह गए।

नागचू के अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप के कारण 339 घर और पशुओं को रखने के 20 बाड़े गिर गए। घटना के बाद प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। इस काम में 1,600 से अधिक बचावकर्मियों को लगाया गया है। प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत सामग्री भी भेजी गई है। इसमें करीब 3,000 तंबू, 1,000 तैयार आवासीय इकाइयां, फोल्डिंग बेड, टॉर्च और सर्दियों में काम आने वाले कपड़े शामिल हैं।

चीन में भी 4.6 तीव्रता का भूकंप
इसके अलावा चीन में भी भारतीय समयानुसार सुबह 4 बजकर 9 मिनट पर 4.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर था। इसका केंद्र 32.920 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 93.761 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था।

क्यों आते हैं भूकंप?
पृथ्वी की बाहरी परत कई बड़ी और छोटी टेक्टोनिक प्लेटों में बंटी हुई है। ये प्लेटें लगातार गति करती रहती हैं। जब इनके बीच दबाव बढ़ता है और चट्टानों में जमा ऊर्जा अचानक निकलती है, तो भूकंपीय तरंगें पैदा होती हैं। इन्हीं तरंगों से धरती की सतह पर कंपन महसूस होता है।

भूकंप का असर उसके केंद्र से दूरी, गहराई, तीव्रता और स्थानीय जमीन की प्रकृति पर निर्भर करता है। अधिक तीव्रता वाले भूकंप के झटके दूर तक महसूस किए जा सकते हैं, लेकिन नुकसान की मात्रा केवल तीव्रता से तय नहीं होती।

भूकंप की तीव्रता कैसे मापी जाती है?
भूकंप की तीव्रता और उससे निकलने वाली ऊर्जा का आकलन आधुनिक भूकंपमापी उपकरणों और वैज्ञानिक माप-पद्धतियों से किया जाता है। समाचारों में अक्सर भूकंप का परिमाण बताया जाता है, जिसे कई बार सामान्य बोलचाल में रिक्टर स्केल की तीव्रता कहा जाता है। वैज्ञानिक रिपोर्टों में इसकी गणना के लिए अलग-अलग पैमानों का इस्तेमाल हो सकता है।

 

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