Russian Gas Ban: 2027 तक रूसी गैस पर पूरी तरह रोक, यूरोपीय संघ का बड़ा फैसला; ऊर्जा निर्भरता खत्म करने की मुहर
EU Russian Gas Ban: यूरोपीय संघ ने रूस के साथ अपने ऊर्जा संबंधों को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। यूक्रेन पर रूस के हमले के लगभग चार साल बाद अब ईयू देशों ने 2027 तक रूसी गैस आयात पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने वाले कानून को अंतिम मंजूरी दे दी है।
विस्तार
यूरोपीय संघ के सदस्य देशों ने एक अहम कानून को अंतिम मंजूरी दी, जिसके तहत रूस से गैस आयात पर 2027 तक पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाएगा। ब्रसेल्स में हुई मंत्रिस्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई, हालांकि हंगरी और स्लोवाकिया ने इसके खिलाफ मतदान किया, जबकि बुल्गारिया ने मतदान से दूरी बनाए रखी।
हंगरी ने साफ कर दिया है कि वह इस फैसले को यूरोपीय न्यायालय में चुनौती देगा। बावजूद इसके, यह कानून रेइन्फोर्स्ड मेजॉरिटी वोटिंग सिस्टम के तहत पारित हुआ, जिससे विरोध करने वाले देशों के बावजूद इसे लागू किया जा सके।
कब से लागू होगा प्रतिबंध?
इस समझौते के तहत:
- रूसी LNG (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) का आयात 2026 के अंत तक बंद कर दिया जाएगा।
- पाइपलाइन से आने वाली रूसी गैस पर 30 सितंबर 2027 तक पूरी तरह रोक लग जाएगी।
हालांकि, अगर किसी देश को सर्दियों से पहले गैर-रूसी गैस से भंडारण भरने में कठिनाई आती है, तो अंतिम समयसीमा को 1 नवंबर 2027 तक बढ़ाया जा सकता है।
रूस की घटती हिस्सेदारी
2022 से पहले यूरोपीय संघ की कुल गैस आपूर्ति में रूस की हिस्सेदारी 40% से अधिक थी। लेकिन ईयू के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 2025 तक यह घटकर लगभग 13% रह गई है। इसके बावजूद कुछ देश अब भी रूस से तेल, एलएनजी और पाइपलाइन गैस खरीद रहे हैं, जिससे यूक्रेन को समर्थन देने और रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था पर दबाव डालने के प्रयास कमजोर पड़ रहे हैं।
अब भी रूस को अरबों यूरो
पिछले महीने, यूरोपीय संघ के पांच सबसे बड़े आयातकों ने रूसी ऊर्जा पर 1.4 बिलियन यूरो (1.66 बिलियन डॉलर) खर्च किए, जिसमें मुख्य रूप से गैस और एलएनजी शामिल थे। यह जानकारी गैर-लाभकारी ऊर्जा और स्वच्छ वायु अनुसंधान केंद्र के आंकड़ों से मिली है। हंगरी सबसे बड़ा खरीदार था, जिसके बाद फ्रांस और बेल्जियम का स्थान आता है। यूरोपीय आयोग आने वाले महीनों में रूसी पाइपलाइन तेल को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने और देशों को रूसी परमाणु ईंधन पर निर्भरता से मुक्त करने के लिए कानून प्रस्तावित करने की भी योजना बना रहा है।
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