फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Explainer: Three Years Since Hamas Attack on Israel, How Has the Conflict Changed Gaza?

एक्सप्लेनर: इस्राइल पर हमास के हमले के तीन साल, तब से जारी संघर्ष में अब कैसे हैं हालात, कितनी बदली तस्वीर?

Wed, 07 Oct 2026 06:01 AM IST
रिया दुबे स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: रिया दुबे Updated Wed, 07 Oct 2026 06:01 AM IST
सार

7 अक्तूबर 2023 के बाद शुरू हुआ संघर्ष तीन साल में कई चरणों से गुजर चुका है। गाजा में भारी तबाही के साथ लाखों लोग विस्थापित हुए, हजारों लोगों की जान गई और पुनर्निर्माण की चुनौती खड़ी हो गई। दूसरी ओर, इस्राइल को भी युद्ध की भारी आर्थिक कीमत चुकानी पड़ी। इस दौरान संघर्ष का दायरा गाजा से आगे बढ़कर पूरे पश्चिम एशिया तक पहुंच गया। आइए विस्तार से जानते हैं।

विज्ञापन
Explainer: Three Years Since Hamas Attack on Israel, How Has the Conflict Changed Gaza?
इस्राइल-हमास संघर्ष - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

हमास के इस्राइल पर किए गए हमले को आज तीन साल पूरे हो गए हैं। उस दिन से शुरू हुआ हमास-इस्राइल संघर्ष आज भी जारी है। हालांकि, इस दौरान गाजा में बहुत कुछ बदल चुका है। ऐसे में आइए जानते हैं कि तीन साल पहले आखिर हुआ क्या था? इसके बाद शुरू हुए हमास-इस्राइल संघर्ष में अब तक क्या-क्या हो चुका है? इस संघर्ष में कितने लोग मारे गए? कितना नुकसान हुआ? मौजूदा स्थिति क्या है? 

विज्ञापन

तीन साल पहले आखिर क्या हुआ था?

7 अक्तूबर 2023 की सुबह यहूदी धर्म के प्रमुख त्योहार सिम्हत तोराह के दिन गाजा पट्टी से इस्राइल पर अचानक बड़ा हमला हुआ। हमास और दूसरे सशस्त्र समूहों ने एक साथ बड़ी संख्या में रॉकेट दागे। इसके बाद लड़ाकों ने गाजा और इस्राइल के बीच सुरक्षा अवरोध को कई जगहों से तोड़ा और जमीन, समुद्र और हवा के रास्ते दक्षिणी इस्राइल में दाखिल हुए। रॉयटर्स के मुताबिक, शुरुआती रॉकेट हमले में हमास ने करीब 3,000 रॉकेट दागने की बात कही थी, जबकि इस्राइली सेना ने संख्या करीब 2,500 बताई थी। लड़ाके मोटराइज्ड पैराग्लाइडर और नावों के जरिए भी इस्राइल में पहुंचे।

विज्ञापन


हमलावरों ने गाजा सीमा के पास मौजूद कई कस्बों, किबुत्ज और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। नोवा म्यूजिक फेस्टिवल में मौजूद लोग भी हमले की चपेट में आए। इस्राइली अधिकारियों के अनुसार, हमले में 1,200 से ज्यादा लोग मारे गए और 251 लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले जाया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

Explainer: Three Years Since Hamas Attack on Israel, How Has the Conflict Changed Gaza?
7 अक्तूबर 2023 की घटना - फोटो : Amar Ujala Graphics

इसके बाद इस्राइल ने क्या किया?

हमले के कुछ ही घंटों बाद इस्राइल ने युद्ध की घोषणा कर दी। इसके बाद गाजा पर हवाई हमले शुरू हुए और अक्तूबर के शुरुआती दिनों में ही इस्राइल ने गाजा की नाकाबंदी कड़ी कर दी। 13 अक्तूबर को इस्राइल ने उत्तरी गाजा और गाजा सिटी के निवासियों को दक्षिण की ओर जाने का आदेश दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़कर दक्षिणी हिस्सों में चले गए।

27 अक्तूबर को इस्राइल ने गाजा में बड़े पैमाने पर जमीनी सैन्य अभियान शुरू किया। शुरुआत उत्तरी गाजा से हुई और बाद में अभियान दक्षिण की ओर बढ़ा। इस्राइल का कहना था कि सैन्य कार्रवाई का लक्ष्य हमास की सैन्य क्षमता को खत्म करना और बंधक इस्रायली लोगों को वापस लाना है। इसी दौरान गाजा में लगातार हवाई हमले और जमीनी लड़ाई जारी रही।

युद्ध में हमास के कई बड़े नेता मारे गए

इस्राइल की सैन्य कार्रवाई के दौरान हमास के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व को भी निशाना बनाया गया। जनवरी 2024 में हमास के वरिष्ठ नेता सालेह अल-अरूरी बेरूत में मारे गए। मार्च 2024 में हमास के डिप्टी मिलिट्री कमांडर मारवान ईसा की मौत की जानकारी इस्राइल ने दी। जुलाई 2024 में इस्राइल ने सैन्य शाखा के प्रमुख मोहम्मद दाइफ को मारने का दावा किया, जिसकी बाद में पुष्टि हुई। उसी महीने हमास के राजनीतिक प्रमुख इस्माइल हानिया तेहरान में मारे गए। इस्राइल ने उस समय उनकी मौत की जिम्मेदारी आधिकारिक तौर पर नहीं ली थी, हालांकि बाद में इस्राइली रक्षा मंत्री ने कहा कि हानिया को इस्राइल ने मारा था।

17 अक्तूबर 2024 को इस्राइल ने हमास के नेता याह्या सिनवार की मौत की पुष्टि की। सिनवार को 7 अक्तूबर के हमले की योजना से जुड़े प्रमुख लोगों में माना जाता था। उनकी मौत गाजा के राफा इलाके में इस्राइली सैनिकों के साथ मुठभेड़ के दौरान हुई।

Explainer: Three Years Since Hamas Attack on Israel, How Has the Conflict Changed Gaza?
युद्धविराम - फोटो : Amar Ujala Graphics

युद्ध के बीच कई बार हुआ युद्धविराम

युद्ध के दौरान लड़ाई रोकने और बंधकों की रिहाई के लिए कई दौर की बातचीत हुई। पहला बड़ा युद्धविराम नवंबर 2023 में हुआ। 24 नवंबर से शुरू हुए इस समझौते के तहत बंधकों और फलस्तीनी कैदियों की अदला-बदली हुई और मानवीय सहायता गाजा में पहुंचाई गई। यह युद्धविराम करीब एक सप्ताह चला और फिर लड़ाई दोबारा शुरू हो गई।

19 जनवरी 2025 को करीब 15 महीने की लड़ाई के बाद एक और युद्धविराम लागू हुआ। इसके तहत बंधकों की रिहाई और फलस्तीनी कैदियों की अदला-बदली शुरू हुई। लेकिन 2 मार्च 2025 को गाजा में मानवीय सहायता रोक दी गई और 18 मार्च को इस्राइल ने फिर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले शुरू कर दिए।

इसके बाद 10 अक्तूबर 2025 को अमेरिका की मध्यस्थता से एक और युद्धविराम लागू हुआ। पहले चरण में बंधकों की रिहाई, फलस्तीनी कैदियों की रिहाई और मानवीय सहायता बढ़ाने जैसे कदम उठे। हालांकि युद्धविराम के बाद भी गाजा में सैन्य गतिविधियां पूरी तरह बंद नहीं हुईं और इसके अगले चरणों में हमास के निरस्त्रीकरण, इस्राइली सैनिकों की पूरी वापसी और गाजा के पुनर्निर्माण जैसे मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी।

Explainer: Three Years Since Hamas Attack on Israel, How Has the Conflict Changed Gaza?
इस्राइल-हमास युद्ध - फोटो : Amar Ujala Graphics

तीन साल में कितने लोग मारे गए?

संघर्ष के दौरान करीब 1,671 इस्राइली और विदेशी नागरिकों की मौत हुई। वहीं, संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक और यूरोपीय संघ की अप्रैल 2026 में जारी त्वरित क्षति और जरूरत आकलन रिपोर्ट के मुताबिक, दो साल से ज्यादा वक्त से चल रहे इस संघर्ष में 71,000 से अधिक फलस्तीनी मारे गए और 1,71,000 से ज्यादा घायल हुए।

युद्ध का दोनों पक्षों पर क्या असर पड़ा?

युद्ध ने इस्राइल की अर्थव्यवस्था को बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। बैंक ऑफ इस्राइल की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 से 2026 के बीच युद्ध की कुल राजकोषीय लागत करीब 350 अरब शेकेल यानी 115 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। 2025 के अंत तक युद्ध के कारण देश का संचयी उत्पादन नुकसान करीब 177 अरब शेकेल यानी 58 अरब डॉलर रहा। इस दौरान सरकारी कर्ज-जीडीपी अनुपात बढ़कर 68.5% हो गया।

इसका असर महंगाई पर भी पड़ा। 2024 में महंगाई दर 3.2% रही, जो केंद्रीय बैंक के 1-3% लक्ष्य से ऊपर थी। आपूर्ति में रुकावट और श्रमिकों की कमी ने कीमतों पर दबाव बढ़ाया। 2025 में महंगाई घटकर 2.6% हो गई, लेकिन ऊंचा रक्षा खर्च और बढ़ा सरकारी कर्ज अब भी अर्थव्यवस्था के सामने चुनौती बने हुए हैं।

वहीं, विश्व बैंक, संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ के अप्रैल 2026 के आकलन के मुताबिक, गाजा की अर्थव्यवस्था 84 फीसदी सिकुड़ चुकी है। संघर्ष से 35.2 अरब डॉलर का भौतिक नुकसान और 22.7 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ। कुल अनुमानित प्रभाव 57.9 अरब डॉलर रहा।

गाजा के पुनर्निर्माण के लिए अगले 10 साल में करीब 71.4 अरब डॉलर की जरूरत का अनुमान है। शुरुआती 18 महीनों के लिए 26.3 अरब डॉलर की जरूरत बताई गई है।

Explainer: Three Years Since Hamas Attack on Israel, How Has the Conflict Changed Gaza?
क्या है मौजूदा हालात? - फोटो : Amar Ujala Graphics

गाजा का कितना हिस्सा इस्राइल के सैन्य नियंत्रण में?

अक्तूबर 2025 के युद्धविराम के दौरान गाजा में 'पीली रेखा' तय की गई थी। इसके आधार पर इस्राइली सेना की तैनाती और उसके नियंत्रण वाले क्षेत्र की सीमा तय हुई। उस समय इस्राइली सैनिक गाजा के करीब 53 फीसदी हिस्से में तैनात थे।

जून 2026 के संयुक्त राष्ट्र के आकलन में गाजा के करीब 64.9 फीसदी हिस्से पर इस्राइल के सीधे या कड़े सैन्य नियंत्रण की जानकारी दी गई थी। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे 70 फीसदी तक बढ़ाने का निर्देश दिया था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अब इस्राइल गाजा के करीब दो-तिहाई हिस्से पर सैन्य नियंत्रण रखता है।

गाजा में 19 लाख से ज्यादा लोग अपने ही क्षेत्र में विस्थापित हुए। कई लोगों को युद्ध के दौरान बार-बार अपना ठिकाना बदलना पड़ा। 12 लाख से ज्यादा लोग यानी करीब 60 फीसदी आबादी अपना घर खो चुकी है।

गाजा के अलावा इन देशों में भी पहुंची इस्राइल की सैन्य कार्रवाई

इन तीन वर्षों में इस्राइल की सैन्य कार्रवाई गाजा तक सीमित नहीं रही। लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ लड़ाई हुई, ईरान के साथ मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद जून 2025 में 12 दिन की सीधी जंग हुई। 2026 में अमेरिका और इस्राइल की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के बाद तनाव और बढ़ा।

यमन में हूती विद्रोहियों ने इस्राइल और लाल सागर के जहाजों को निशाना बनाया, जिसके जवाब में इस्राइल ने हूती ठिकानों, बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर हमले किए। सीरिया में इस्राइल ने ईरान से जुड़े सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया, जबकि इराक और सीरिया में ईरान समर्थित सशस्त्र समूह भी संघर्ष में सक्रिय रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed