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G7 Summit: सम्मेलन से पहले फ्रांस-स्विट्जरलैंड में हाई अलर्ट, हिंसक प्रदर्शनों की आशंका के बीच कड़ी सुरक्षा
पीटीआई, जिनेवा
Published by: Pavan
Updated Thu, 11 Jun 2026 02:52 PM IST
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सार
फ्रांस के एवियां में होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन से पहले फ्रांस और स्विट्जरलैंड ने कड़ा सुरक्षा घेरा बनाया है। सीमा नियंत्रण, हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध और हजारों सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बीच संभावित हिंसक प्रर्दशनों को लेकर प्रशासन बेहद सतर्क है।
जी-7
- फोटो : weforum.org
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विस्तार
फ्रांस के एवियां-ले-बैंस में 15 से 17 जून तक आयोजित होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन से पहले फ्रांस और स्विट्जरलैंड ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत दुनिया की प्रमुख देशों के नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए दोनों ही देशों ने सीमा पार आवाजाही के साथ-साथ हवाई क्षेत्र और सार्वजनिक गतिविधियों पर तमाम प्रतिबंध लगाए हैं।
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हिंसा भड़कने की आशंका
अधिकारियों को आशंका है कि इस दौरान पर्यावरण, पूंजीवाद विरोधी और ट्रंप विरोधी गुट बड़े पैमाने पर प्रदर्शन कर सकते हैं। इस प्रदर्शन में हिंसा भड़कने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि सम्मेलन के दौरान ट्रंप की नीतियों, जलवायु परिवर्तन, ईरान युद्ध, व्यापार शुल्क और पूंजीवाद जैसे मुद्दों पर बड़े विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं। वर्ष 2003 में इसी क्षेत्र में आयोजित जी-8 सम्मेलन के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ को देखते हुए प्रशासन किसी भी जोखिम से बचना चाहता है।
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भारी संख्या में सुरक्षा बलों की हुई तैनाती
स्विट्जरलैंड ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए लगभग 4,000 सैनिक तैनात किए हैं। वहीं फ्रांस ने 13,000 से अधिक पुलिस और जेंडरमेरी कर्मियों को सुरक्षा में लगाया है। सीमा चौकियों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना अधिक सुरक्षा कर्मी सीमा पर तैनात किए गए हैं। इस सम्मेलन के कारण कई सड़क मार्ग बंद रहेंगे और 35 सीमा पार मार्गों में से केवल सात ही खुले रहेंगे। जिनेवा हवाई अड्डे और लेक जिनेवा क्षेत्र में भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। एवियां के आसपास के इलाकों में प्रवेश के लिए विशेष परमिट की व्यवस्था की गई है।
यह भी पढ़ें- Food Crisis in Philippines: फिलीपींस में भूकंप के बाद गहराया खाद्य संकट, प्रभावित इलाकों तक ऐसे पहुंच रही राहत
कई संस्थानों ने वर्क फ्रॉम होम लागू किया
विरोध प्रदर्शनों की आशंका के चलते जिनेवा में कई व्यवसायों ने अपनी प्रतिष्ठानों के बाहर सुरक्षा बोर्ड लगा दिए हैं। इसके साथ ही कुछ अंतरराष्ट्रीय संस्थानों, जिनमें विश्व व्यापार संगठन भी शामिल हैं, ने अपने दफ्तर अस्थायी रूप से बंद कर कर्मचारियों को घर से काम करने के निर्देश दिए हैं।
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हिंसा भड़कने की आशंका
अधिकारियों को आशंका है कि इस दौरान पर्यावरण, पूंजीवाद विरोधी और ट्रंप विरोधी गुट बड़े पैमाने पर प्रदर्शन कर सकते हैं। इस प्रदर्शन में हिंसा भड़कने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि सम्मेलन के दौरान ट्रंप की नीतियों, जलवायु परिवर्तन, ईरान युद्ध, व्यापार शुल्क और पूंजीवाद जैसे मुद्दों पर बड़े विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं। वर्ष 2003 में इसी क्षेत्र में आयोजित जी-8 सम्मेलन के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ को देखते हुए प्रशासन किसी भी जोखिम से बचना चाहता है।
भारी संख्या में सुरक्षा बलों की हुई तैनाती
स्विट्जरलैंड ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए लगभग 4,000 सैनिक तैनात किए हैं। वहीं फ्रांस ने 13,000 से अधिक पुलिस और जेंडरमेरी कर्मियों को सुरक्षा में लगाया है। सीमा चौकियों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना अधिक सुरक्षा कर्मी सीमा पर तैनात किए गए हैं। इस सम्मेलन के कारण कई सड़क मार्ग बंद रहेंगे और 35 सीमा पार मार्गों में से केवल सात ही खुले रहेंगे। जिनेवा हवाई अड्डे और लेक जिनेवा क्षेत्र में भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। एवियां के आसपास के इलाकों में प्रवेश के लिए विशेष परमिट की व्यवस्था की गई है।
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कई संस्थानों ने वर्क फ्रॉम होम लागू किया
विरोध प्रदर्शनों की आशंका के चलते जिनेवा में कई व्यवसायों ने अपनी प्रतिष्ठानों के बाहर सुरक्षा बोर्ड लगा दिए हैं। इसके साथ ही कुछ अंतरराष्ट्रीय संस्थानों, जिनमें विश्व व्यापार संगठन भी शामिल हैं, ने अपने दफ्तर अस्थायी रूप से बंद कर कर्मचारियों को घर से काम करने के निर्देश दिए हैं।