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Greenland Issue: ग्रीनलैंड पर अड़ा अमेरिका, नाटो में तनाव; स्थानीय लोगों का ट्रंप को जवाब- यह द्वीप बिकाऊ नहीं
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नुउक
Published by: अमन तिवारी
Updated Wed, 14 Jan 2026 12:47 PM IST
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सार
ग्रीनलैंड पर ट्रंप की जिद ने दुनिया को हैरान कर दिया है। नाटो में लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है और ग्रीनलैंड के लोग गुस्से में हैं। बर्फ से ढके इस द्वीप के नीचे ऐसा क्या खजाना छिपा है जिसके लिए ट्रंप किसी भी हद तक जाने को तैयार है? पूरी रिपोर्ट पढ़ें
अमेरिका का ग्रीनलैंड को लेकर घमासान जारी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
ग्रीनलैंड की बर्फीली सड़कों पर इन दिनों भारी तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस द्वीप पर नियंत्रण करना चाहते हैं। उनकी इस जिद ने एक भू-राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। डेनमार्क के प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी है कि यह विवाद नाटो (NATO) के अंत का कारण बन सकता है। वहीं, ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में रहने वालों ने साफ कह दिया है कि उनका देश बिकाऊ नहीं है।
आज होगी अहम बैठक
इस मुद्दे पर चर्चा के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बुधवार को वाशिंगटन में डेनमार्क और ग्रीनलैंड के विदेश मंत्रियों से मिलेंगे। ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र (Semi-autonomous region) है। व्हाइट हाउस ने द्वीप पर जबरन कब्जे की संभावना से इनकार नहीं किया है, जिससे डर और बढ़ गया है।
ये भी पढ़ें: Trump on Greenland: ग्रीनलैंड की मंत्री बोलीं- अमेरिकी योजना समझ से परे, ट्रंप के दावों से देश में भय का माहौल
ग्रीनलैंड ने चुना डेनमार्क का साथ
ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन ने मंगलवार को डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में एक प्रेस वर्ता में कहा, "अगर हमें अभी और यहीं संयुक्त राज्य अमेरिका और डेनमार्क के बीच चुनना है, तो हम डेनमार्क को चुनते हैं। हम NATO को चुनते हैं। हम डेनमार्क के साम्राज्य को चुनते हैं। हम यूरोपीय संघ को चुनते हैं।"
क्यों जरूरी है ग्रीनलैंड?
ग्रीनलैंड रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि, जैसे-जैसे जलवायु परिवर्तन के कारण बर्फ पिघल रही है। यह एशिया के लिए छोटे व्यापार मार्गों की संभावना खोलता है। इसके अलावा ग्रीनलैंड में महत्वपूर्ण दुर्लभ मृदा खनिज (रेयर अर्थ मिनरल्स) के बड़े भंडार हैं, जो कंप्यूटर, फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होते हैं। इन खनिजों को निकालना और परिवहन करना अब आसान हो सकता है। ग्रीनलैंड की रणनीतिक स्थिति और खनिज संसाधनों के कारण यह क्षेत्र भविष्य में एक महत्वपूर्ण व्यापारिक और रणनीतिक केंद्र बन सकता है।
क्या बोले स्थानीय लोग?
ट्रंप का तर्क है कि रूसी और चीनी जहाजों से खतरे के कारण अमेरिका को ग्रीनलैंड चाहिए। डेनमार्क ने कहा है कि अमेरिका, जिसकी पहले से ही ग्रीनलैंड में मिलिट्री मौजूदगी है। ग्रीनलैंड में अपने बेस बढ़ा सकता है। इसी वजह से सुरक्षा सिर्फ एक बहाना है। स्थानीय हीटिंग इंजीनियर लार्स विंटनर और उनके दोस्त हैंस नॉरगार्ड ने कहा कि उन्होंने यहां कभी चीनी या रूसी जहाज नहीं देखे। उनका मानना है कि ट्रंप की नजर यहां के प्राकृतिक संसाधनों और खनिजों पर है, जो फोन और कंप्यूटर बनाने में काम आते हैं। जलवायु परिवर्तन से बर्फ पिघलने के कारण यहां से एशिया के लिए नए व्यापारिक रास्ते भी खुल रहे हैं।
ये भी पढ़ें: Spain: स्पेन में 150 वर्षों में पहली बार कोई महारानी करेगी राज, जानिए कौन हैं 20 साल की राजकुमारी लियोनोर
ट्रंप के खिलाफ पुलिस शिकायत
नॉरगार्ड ने ट्रंप के आक्रामक व्यवहार के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि ट्रंप अमेरिकी विस्तार के लिए जहाजों की झूठी कहानी बना रहे हैं। ग्रीनलैंड की मंत्री नाजा नाथानिएलसन ने कहा कि एक नाटो सहयोगी पर कब्जा करने की बात समझ से परे है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन से आर्कटिक द्वीप के लोगों की आवाज सुनने का आग्रह किया।
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आज होगी अहम बैठक
इस मुद्दे पर चर्चा के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बुधवार को वाशिंगटन में डेनमार्क और ग्रीनलैंड के विदेश मंत्रियों से मिलेंगे। ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र (Semi-autonomous region) है। व्हाइट हाउस ने द्वीप पर जबरन कब्जे की संभावना से इनकार नहीं किया है, जिससे डर और बढ़ गया है।
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ग्रीनलैंड ने चुना डेनमार्क का साथ
ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन ने मंगलवार को डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में एक प्रेस वर्ता में कहा, "अगर हमें अभी और यहीं संयुक्त राज्य अमेरिका और डेनमार्क के बीच चुनना है, तो हम डेनमार्क को चुनते हैं। हम NATO को चुनते हैं। हम डेनमार्क के साम्राज्य को चुनते हैं। हम यूरोपीय संघ को चुनते हैं।"
क्यों जरूरी है ग्रीनलैंड?
ग्रीनलैंड रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि, जैसे-जैसे जलवायु परिवर्तन के कारण बर्फ पिघल रही है। यह एशिया के लिए छोटे व्यापार मार्गों की संभावना खोलता है। इसके अलावा ग्रीनलैंड में महत्वपूर्ण दुर्लभ मृदा खनिज (रेयर अर्थ मिनरल्स) के बड़े भंडार हैं, जो कंप्यूटर, फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होते हैं। इन खनिजों को निकालना और परिवहन करना अब आसान हो सकता है। ग्रीनलैंड की रणनीतिक स्थिति और खनिज संसाधनों के कारण यह क्षेत्र भविष्य में एक महत्वपूर्ण व्यापारिक और रणनीतिक केंद्र बन सकता है।
क्या बोले स्थानीय लोग?
ट्रंप का तर्क है कि रूसी और चीनी जहाजों से खतरे के कारण अमेरिका को ग्रीनलैंड चाहिए। डेनमार्क ने कहा है कि अमेरिका, जिसकी पहले से ही ग्रीनलैंड में मिलिट्री मौजूदगी है। ग्रीनलैंड में अपने बेस बढ़ा सकता है। इसी वजह से सुरक्षा सिर्फ एक बहाना है। स्थानीय हीटिंग इंजीनियर लार्स विंटनर और उनके दोस्त हैंस नॉरगार्ड ने कहा कि उन्होंने यहां कभी चीनी या रूसी जहाज नहीं देखे। उनका मानना है कि ट्रंप की नजर यहां के प्राकृतिक संसाधनों और खनिजों पर है, जो फोन और कंप्यूटर बनाने में काम आते हैं। जलवायु परिवर्तन से बर्फ पिघलने के कारण यहां से एशिया के लिए नए व्यापारिक रास्ते भी खुल रहे हैं।
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ट्रंप के खिलाफ पुलिस शिकायत
नॉरगार्ड ने ट्रंप के आक्रामक व्यवहार के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि ट्रंप अमेरिकी विस्तार के लिए जहाजों की झूठी कहानी बना रहे हैं। ग्रीनलैंड की मंत्री नाजा नाथानिएलसन ने कहा कि एक नाटो सहयोगी पर कब्जा करने की बात समझ से परे है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन से आर्कटिक द्वीप के लोगों की आवाज सुनने का आग्रह किया।
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