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World: एपस्टीन जांच में क्लिंटन दंपती का गवाही से इनकार; वेनेजुएला में हिरासत में लिए गए कई अमेरिकी रिहा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Wed, 14 Jan 2026 09:39 AM IST
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- फोटो : amar ujala graphics
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ईरान पर हमले की अमेरिकी धमकी पर रूस का सख्त ऐतराज
रूस ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की अमेरिकी धमकियों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह अस्वीकार्य करार दिया है। रूस के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो इसके मध्य पूर्व और वैश्विक सुरक्षा पर विनाशकारी परिणाम होंगे। मॉस्को ने चेताया कि ऐसे कदम हालात को और विस्फोटक बना सकते हैं और क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ेगी। रूसी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह ईरान के सहयोगी देशों को व्यापारिक टैरिफ की धमकी देकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। बयान में कहा गया कि ईरान में जारी विरोध-प्रदर्शन पश्चिमी प्रतिबंधों से पैदा हुई सामाजिक और आर्थिक समस्याओं का नतीजा हैं। रूस ने दावा किया कि बाहरी ताकतें इन हालात का फायदा उठाकर ईरानी राज्य को अस्थिर करना चाहती हैं। साथ ही, रूस ने अपने नागरिकों को ईरान में भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है और उम्मीद जताई कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होगी।
ईरान में प्रदर्शन के दौरान मारे गए सुरक्षाकर्मियों का अंतिम संस्कार
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच मारे गए सुरक्षाबलों के जवानों के लिए बुधवार को राजकीय अंतिम संस्कार किया जाएगा। ईरानी सरकारी टीवी के मुताबिक, इन सुरक्षाकर्मियों को ‘शहीद और सुरक्षा के रक्षक’ बताते हुए तेहरान विश्वविद्यालय परिसर में अंतिम विदाई दी जाएगी। यह बीते एक हफ्ते से तेज हुए प्रदर्शनों के बाद पहला बड़ा अंतिम संस्कार होगा। अर्ध-सरकारी तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार, आने वाले दिनों में ऐसे और भी अंतिम संस्कार आयोजित किए जाएंगे। उधर, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का दावा है कि सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है। इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई और हिंसा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है। सरकार का कहना है कि सुरक्षा बलों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की, जबकि विपक्षी समूह इसे दमन बता रहे हैं।
ड और क्रेडिट कार्ड उद्योग पर हमले रोकें, वॉल स्ट्रीट की ट्रंप को चेतावनी
अमेरिका के बड़े बैंक प्रमुखों और वॉल स्ट्रीट के शीर्ष अधिकारियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी है कि वह फेडरल रिजर्व और क्रेडिट कार्ड उद्योग पर हमले बंद करें। बैंक प्रमुखों का कहना है कि फेड की स्वतंत्रता पर सवाल उठाना अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए खतरनाक साबित हो सकता है और इससे ब्याज दरें बढ़ने का जोखिम है। ट्रंप ने क्रेडिट कार्ड ब्याज दरों पर 10 प्रतिशत की सीमा लगाने का प्रस्ताव रखा है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि इससे उपभोक्ताओं को फायदा नहीं, बल्कि नुकसान होगा, क्योंकि इससे कर्ज की उपलब्धता घटेगी। अनुमान है कि इस कदम से बैंकों को हर साल करीब 100 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है। निवेशकों की चिंता के चलते कई बड़े क्रेडिट कार्ड कंपनियों के शेयरों में गिरावट भी आई है। बैंकिंग उद्योग का कहना है कि इस तरह के फैसले अर्थव्यवस्था की स्थिरता को कमजोर कर सकते हैं।
एपस्टीन जांच में क्लिंटन दंपती का गवाही से इनकार, अवमानना की चेतावनी
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने जेफ्री एपस्टीन मामले की संसदीय जांच में गवाही देने से इनकार कर दिया है। क्लिंटन दंपती ने इसे कानूनी रूप से अमान्य बताते हुए कहा कि यह प्रक्रिया उन्हें जेल भेजने के इरादे से चलाई जा रही है। इसके बाद रिपब्लिकन सांसदों ने अवमानना की कार्रवाई की चेतावनी दी है। हाउस ओवरसाइट कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि क्लिंटन दंपती से सवाल पूछना जरूरी है, हालांकि उन पर किसी अपराध का आरोप नहीं है। इस बीच सांसदों ने एपस्टीन फाइलों की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग तेज कर दी है। उनका आरोप है कि न्याय विभाग जरूरी दस्तावेज जारी करने में देरी कर रहा है। मामले ने कांग्रेस की जांच शक्तियों और पूर्व राष्ट्रपतियों की जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
दक्षिण कोरिया में पूर्व राष्ट्रपति यून के लिए मौत की सजा की मांग
दक्षिण कोरिया में एक स्वतंत्र अभियोजक ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल के खिलाफ मार्शल लॉ लागू करने के मामले में मौत की सजा की मांग की है। अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा कि यून ने सत्ता में बने रहने के लिए संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की। यून ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है। अदालत फरवरी में फैसला सुना सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौत की सजा की संभावना कम है और उन्हें आजीवन कारावास हो सकता है। यह मामला दक्षिण कोरिया के लोकतांत्रिक इतिहास में एक अहम मोड़ माना जा रहा है।
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रूस ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की अमेरिकी धमकियों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह अस्वीकार्य करार दिया है। रूस के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो इसके मध्य पूर्व और वैश्विक सुरक्षा पर विनाशकारी परिणाम होंगे। मॉस्को ने चेताया कि ऐसे कदम हालात को और विस्फोटक बना सकते हैं और क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ेगी। रूसी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह ईरान के सहयोगी देशों को व्यापारिक टैरिफ की धमकी देकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। बयान में कहा गया कि ईरान में जारी विरोध-प्रदर्शन पश्चिमी प्रतिबंधों से पैदा हुई सामाजिक और आर्थिक समस्याओं का नतीजा हैं। रूस ने दावा किया कि बाहरी ताकतें इन हालात का फायदा उठाकर ईरानी राज्य को अस्थिर करना चाहती हैं। साथ ही, रूस ने अपने नागरिकों को ईरान में भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है और उम्मीद जताई कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होगी।
ईरान में प्रदर्शन के दौरान मारे गए सुरक्षाकर्मियों का अंतिम संस्कार
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच मारे गए सुरक्षाबलों के जवानों के लिए बुधवार को राजकीय अंतिम संस्कार किया जाएगा। ईरानी सरकारी टीवी के मुताबिक, इन सुरक्षाकर्मियों को ‘शहीद और सुरक्षा के रक्षक’ बताते हुए तेहरान विश्वविद्यालय परिसर में अंतिम विदाई दी जाएगी। यह बीते एक हफ्ते से तेज हुए प्रदर्शनों के बाद पहला बड़ा अंतिम संस्कार होगा। अर्ध-सरकारी तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार, आने वाले दिनों में ऐसे और भी अंतिम संस्कार आयोजित किए जाएंगे। उधर, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का दावा है कि सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है। इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई और हिंसा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है। सरकार का कहना है कि सुरक्षा बलों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की, जबकि विपक्षी समूह इसे दमन बता रहे हैं।
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ड और क्रेडिट कार्ड उद्योग पर हमले रोकें, वॉल स्ट्रीट की ट्रंप को चेतावनी
अमेरिका के बड़े बैंक प्रमुखों और वॉल स्ट्रीट के शीर्ष अधिकारियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी है कि वह फेडरल रिजर्व और क्रेडिट कार्ड उद्योग पर हमले बंद करें। बैंक प्रमुखों का कहना है कि फेड की स्वतंत्रता पर सवाल उठाना अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए खतरनाक साबित हो सकता है और इससे ब्याज दरें बढ़ने का जोखिम है। ट्रंप ने क्रेडिट कार्ड ब्याज दरों पर 10 प्रतिशत की सीमा लगाने का प्रस्ताव रखा है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि इससे उपभोक्ताओं को फायदा नहीं, बल्कि नुकसान होगा, क्योंकि इससे कर्ज की उपलब्धता घटेगी। अनुमान है कि इस कदम से बैंकों को हर साल करीब 100 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है। निवेशकों की चिंता के चलते कई बड़े क्रेडिट कार्ड कंपनियों के शेयरों में गिरावट भी आई है। बैंकिंग उद्योग का कहना है कि इस तरह के फैसले अर्थव्यवस्था की स्थिरता को कमजोर कर सकते हैं।
एपस्टीन जांच में क्लिंटन दंपती का गवाही से इनकार, अवमानना की चेतावनी
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने जेफ्री एपस्टीन मामले की संसदीय जांच में गवाही देने से इनकार कर दिया है। क्लिंटन दंपती ने इसे कानूनी रूप से अमान्य बताते हुए कहा कि यह प्रक्रिया उन्हें जेल भेजने के इरादे से चलाई जा रही है। इसके बाद रिपब्लिकन सांसदों ने अवमानना की कार्रवाई की चेतावनी दी है। हाउस ओवरसाइट कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि क्लिंटन दंपती से सवाल पूछना जरूरी है, हालांकि उन पर किसी अपराध का आरोप नहीं है। इस बीच सांसदों ने एपस्टीन फाइलों की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग तेज कर दी है। उनका आरोप है कि न्याय विभाग जरूरी दस्तावेज जारी करने में देरी कर रहा है। मामले ने कांग्रेस की जांच शक्तियों और पूर्व राष्ट्रपतियों की जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
दक्षिण कोरिया में पूर्व राष्ट्रपति यून के लिए मौत की सजा की मांग
दक्षिण कोरिया में एक स्वतंत्र अभियोजक ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल के खिलाफ मार्शल लॉ लागू करने के मामले में मौत की सजा की मांग की है। अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा कि यून ने सत्ता में बने रहने के लिए संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की। यून ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है। अदालत फरवरी में फैसला सुना सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौत की सजा की संभावना कम है और उन्हें आजीवन कारावास हो सकता है। यह मामला दक्षिण कोरिया के लोकतांत्रिक इतिहास में एक अहम मोड़ माना जा रहा है।
कजाखस्तान में हादसे में भारतीय छात्रा की मौत
कजाखस्तान में हुए भीषण सड़क हादसे में एक भारतीय छात्रा की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। भारतीय दूतावास ने कहा, मृत छात्रा की पहचान मिली मोहन (25) के रूप में हुई है, जो सेमे मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ती थीं। हादसे में आशिका संतोष और जेसीना बी घायल हैं।
भारत में घृणास्पद भाषण के मामले बढ़ने का दावा
अमेरिका के एक शोध समूह ने दावा किया है कि भारत में अल्पसंख्यकों के विरुद्ध घृणास्पद भाषण की घटनाएं 13 फीसदी बढ़ी हैं। इंडिया हेट लैब की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में ऐसे 1,318 मामले दर्ज हुए जबकि 2024 में यह संख्या 1,165 व 2023 में 668 थी। केंद्र सरकार ने रिपोर्ट को खारिज करते हुए इसे भारत की छवि खराब करने की कोशिश बताया है।
कजाखस्तान में हुए भीषण सड़क हादसे में एक भारतीय छात्रा की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। भारतीय दूतावास ने कहा, मृत छात्रा की पहचान मिली मोहन (25) के रूप में हुई है, जो सेमे मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ती थीं। हादसे में आशिका संतोष और जेसीना बी घायल हैं।
भारत में घृणास्पद भाषण के मामले बढ़ने का दावा
अमेरिका के एक शोध समूह ने दावा किया है कि भारत में अल्पसंख्यकों के विरुद्ध घृणास्पद भाषण की घटनाएं 13 फीसदी बढ़ी हैं। इंडिया हेट लैब की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में ऐसे 1,318 मामले दर्ज हुए जबकि 2024 में यह संख्या 1,165 व 2023 में 668 थी। केंद्र सरकार ने रिपोर्ट को खारिज करते हुए इसे भारत की छवि खराब करने की कोशिश बताया है।
संयुक्त आयोग की बैठक बुलाने पर भारत और केन्या सहमत
केन्या में भारत के उच्चायुक्त आदर्श स्वायका ने केन्या के प्रधान कैबिनेट सचिव मुसालिया मुदावदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए नई दिल्ली में भारत-केन्या संयुक्त आयोग की बैठक आयोजित करने पर सहमति जताई। बैठक में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, व्यापार और निवेश, विकास साझेदारी तथा जन-जन संपर्क बढ़ाने पर चर्चा हुई।
अमेरिका की हिरासत में 10 दिनों में चार प्रवासियों की मौत
अमेरिकी आव्रजन हिरासत में इस साल की शुरुआत में महज 10 दिनों के भीतर ही चार प्रवासियों की मौत हो गई। मृतकों में होंडुरास के दो, क्यूबा का एक और कंबोडिया का एक नागरिक शामिल हंै। अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) के अनुसार ये मौतें 3 से 9 जनवरी के बीच हुईं। जनवरी तक आईसीई की हिरासत में 69,000 लोग थे, जो बढ़ने की संभावना है। वहीं, साल 2025 में हिरासत में 30 मौतें दर्ज हुई थीं, जो दो दशकों में सबसे अधिक हैं। मानवाधिकार संगठनों ने इन मौतों पर चिंता जताते हुए इसे गंभीर बताया है।
जापान-दक्षिण कोरिया शिखर वार्ता में क्षेत्रीय चुनौतियों पर चर्चा
द.कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्यांग जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची से शिखर वार्ता के लिए मंगलवार को जापान पहुंचे। बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों को बेहतर बनाना है। विशेषतौर से ऐसे समय में जब जापान के चीन के साथ तनाव बढ़ रहा है। वार्ता में आर्थिक सहयोग, सुरक्षा और रणनीतिक चुनौतियों पर चर्चा की संभावना है। बैठक पीएम ताकाइची के लिए राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है, क्योंकि वह अपनी स्थिति मजबूत करने के साथ समय से पहले चुनाव की तैयारी कर रही हैं।
समझौते पर अमल न होने से पीओजेके में बढ़ा जन आक्रोश
पाकिस्तान के कब्जे वाला जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में सरकार के संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेकेजेएएसी) के साथ हुए समझौते को लागू न किए जाने से जन आक्रोश बढ़ा है। इसके चलते मुजफ्फराबाद में जनता ने विरोध प्रदर्शन करते हुए जेकेजेएएसी के कोर सदस्य शौकत नवाज मीर ने युवाओं को निशाना बनाए जाने और बल प्रयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 4-5 अक्तूबर को हुए समझौते के बावजूद सरकार ने लिखित वादों को अमल में नहीं बदला।
केन्या में भारत के उच्चायुक्त आदर्श स्वायका ने केन्या के प्रधान कैबिनेट सचिव मुसालिया मुदावदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए नई दिल्ली में भारत-केन्या संयुक्त आयोग की बैठक आयोजित करने पर सहमति जताई। बैठक में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, व्यापार और निवेश, विकास साझेदारी तथा जन-जन संपर्क बढ़ाने पर चर्चा हुई।
अमेरिका की हिरासत में 10 दिनों में चार प्रवासियों की मौत
अमेरिकी आव्रजन हिरासत में इस साल की शुरुआत में महज 10 दिनों के भीतर ही चार प्रवासियों की मौत हो गई। मृतकों में होंडुरास के दो, क्यूबा का एक और कंबोडिया का एक नागरिक शामिल हंै। अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) के अनुसार ये मौतें 3 से 9 जनवरी के बीच हुईं। जनवरी तक आईसीई की हिरासत में 69,000 लोग थे, जो बढ़ने की संभावना है। वहीं, साल 2025 में हिरासत में 30 मौतें दर्ज हुई थीं, जो दो दशकों में सबसे अधिक हैं। मानवाधिकार संगठनों ने इन मौतों पर चिंता जताते हुए इसे गंभीर बताया है।
जापान-दक्षिण कोरिया शिखर वार्ता में क्षेत्रीय चुनौतियों पर चर्चा
द.कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्यांग जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची से शिखर वार्ता के लिए मंगलवार को जापान पहुंचे। बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों को बेहतर बनाना है। विशेषतौर से ऐसे समय में जब जापान के चीन के साथ तनाव बढ़ रहा है। वार्ता में आर्थिक सहयोग, सुरक्षा और रणनीतिक चुनौतियों पर चर्चा की संभावना है। बैठक पीएम ताकाइची के लिए राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है, क्योंकि वह अपनी स्थिति मजबूत करने के साथ समय से पहले चुनाव की तैयारी कर रही हैं।
समझौते पर अमल न होने से पीओजेके में बढ़ा जन आक्रोश
पाकिस्तान के कब्जे वाला जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में सरकार के संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेकेजेएएसी) के साथ हुए समझौते को लागू न किए जाने से जन आक्रोश बढ़ा है। इसके चलते मुजफ्फराबाद में जनता ने विरोध प्रदर्शन करते हुए जेकेजेएएसी के कोर सदस्य शौकत नवाज मीर ने युवाओं को निशाना बनाए जाने और बल प्रयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 4-5 अक्तूबर को हुए समझौते के बावजूद सरकार ने लिखित वादों को अमल में नहीं बदला।
वेनेजुएला में हिरासत में लिए गए कई अमेरिकी रिहा
ट्रंप प्रशासन ने मंगलवार को कहा कि वेनेजुएला में हिरासत में लिए गए कई अमेरिकियों को रिहा कर दिया गया है। विदेश विभाग ने कहा, 'हम वेनेजुएला में हिरासत में लिए गए अमेरिकियों की रिहाई का स्वागत करते हैं।' विदेश विभाग ने कहा, 'यह अंतरिम अधिकारियों द्वारा सही दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।' वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के प्रमुख जॉर्ज रोड्रिग्ज ने पिछले हफ्ते कहा था कि मादुरो को सत्ता से हटने के बाद शांति के संकेत के तौर पर देश में कैद काफी संख्या में वेनेजुएला और विदेशियों को रिहा किया जाएगा। मंगलवार शाम तक, वेनेजुएला मानवाधिकार समूह फोरो पेनाल ने 56 कैदियों की पुष्टि की, जिनके बारे में उसने कहा कि उन्हें राजनीतिक कारणों से हिरासत में लिया गया था।