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US: मुस्लिम ब्रदरहुड पर ट्रंप प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, तीन शाखाओं को घोषित किया आतंकवादी संगठन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Wed, 14 Jan 2026 02:01 AM IST
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सार
रिपब्लिकन पार्टी के ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान 2019 में मुस्लिम ब्रदरहुड को आतंकवादी संगठन घोषित करने पर विचार किया था। ट्रंप के कुछ प्रमुख समर्थकों, जिनमें दक्षिणपंथी प्रभावशाली हस्ती लौरा लूमर भी शामिल हैं, ने उनके प्रशासन पर इस समूह के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का दबाव डाला है।
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने मुस्लिम ब्रदरहुड की तीन शाखाओं को आतंकवादी संगठन घोषित करने के अपने वादे को पूरा करते हुए उन पर और उनके सदस्यों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। इस फैसले का मध्य-पूर्व क्षेत्र में सहयोगियों के साथ अमेरिकी संबंधों पर असर पड़ सकता है।
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अमेरिकी वित्त और विदेश विभागों ने मंगलवार को मुस्लिम ब्रदरहुड की लेबनानी, जॉर्डन और मिस्र की शाखाओं के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा की। इनके बारे में उन्होंने कहा कि वे अमेरिका और अमेरिकी हितों के लिए खतरा पैदा करती हैं।
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जॉर्डन, मिस्र और लेबनान की शाखाओं पर कार्रवाई
अमेरिकी विदेश विभाग ने लेबनानी शाखा को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया है, जो सबसे गंभीर श्रेणी है। इसके तहत समूह को भौतिक सहायता प्रदान करना आपराधिक अपराध है। अमेरिकी विदेश विभाग ने जॉर्डन और मिस्र की शाखाओं को हमास को समर्थन देने के लिए विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किया है।
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विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक बयान में कहा, 'ये कार्रवाई मुस्लिम ब्रदरहुड की शाखाओं की ओर से की जाने वाली हिंसा और अस्थिरता को विफल करने के लिए चल रहे, निरंतर प्रयास की प्रारंभिक कार्रवाई को दर्शाते हैं, चाहे वह कहीं भी हो।' विदेश विभाग की ओर से कहा गया, 'अमेरिका मुस्लिम ब्रदरहुड की इन शाखाओं को आतंकवाद में शामिल होने या उसका समर्थन करने के लिए आवश्यक संसाधनों से वंचित करने के लिए सभी उपलब्ध साधनों का उपयोग करेगा।'
हिंसा और अस्थिरता फैलाने के लगे आरोप
रुबियो और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट को पिछले साल ट्रंप की ओर से हस्ताक्षरित एक कार्यकारी आदेश के तहत उन समूहों पर प्रतिबंध लगाने का सबसे उपयुक्त तरीका निर्धारित करने का आदेश दिया गया था, जिनके बारे में अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वे हिंसा और अस्थिरता अभियानों में संलग्न हैं या उनका समर्थन करते हैं जो अमेरिका और अन्य क्षेत्रों को नुकसान पहुंचाते हैं।
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अमेरिकी आतंकवाद एवं वित्तीय खुफिया मामलों के उप सचिव जॉन हर्ली ने एक बयान में कहा, 'मुस्लिम ब्रदरहुड ने हमास जैसे आतंकवादी समूहों को प्रेरित किया है, उनका पालन-पोषण किया है और उन्हें वित्त पोषित किया है, जो अमेरिकी लोगों और हमारे सहयोगियों की सुरक्षा के लिए प्रत्यक्ष खतरा हैं।'
इस्राइल का क्यों हुआ जिक्र?
ट्रंप के कार्यकारी आदेश में लेबनान, जॉर्डन और मिस्र में स्थित गुटों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया था, जिसमें कहा गया था कि लेबनानी गुट के एक हिस्से ने 7 अक्टूबर, 2023 को हमास द्वारा इस्राइल पर किए गए हमले के बाद उस पर रॉकेट दागे थे, जिसके कारण गाजा में युद्ध छिड़ा था। आदेश में यह भी कहा गया कि जॉर्डन में स्थित गुट के नेताओं ने हमास को समर्थन दिया है।
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मुस्लिम ब्रदरहुड की स्थापना 1928 में मिस्र में हुई थी, लेकिन 2013 में उस देश में इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। जॉर्डन ने अप्रैल में मुस्लिम ब्रदरहुड पर व्यापक प्रतिबंध की घोषणा की। जॉर्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय मामलों के प्रोफेसर नाथन ब्राउन ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात और मिस्र सहित अमेरिका के कुछ सहयोगी इस कार्रवाई से संभवतः खुश होंगे।
उन्होंने कहा, 'जिन सरकारों में मुस्लिम ब्रदरहुड को बर्दाश्त किया जाता है, उनके लिए यह द्विपक्षीय संबंधों में एक कांटा साबित होगा', जिनमें कतर और तुर्की भी शामिल हैं। हालांकि तुर्की की सत्तारूढ़ पार्टी अतीत में मुस्लिम ब्रदरहुड के सदस्यों से जुड़ी रही है, कतर सरकार ने इससे किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है।
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