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वेनेजुएला में भूकंप के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई: अस्पतालों पर भारी दबाव; कैसे बढ़ा बीमारियों का खतरा?

Wed, 01 Jul 2026 07:42 AM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Wed, 01 Jul 2026 07:42 AM IST
सार

वेनेजुएला में आए दो भीषण भूकंपों के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। अस्पताल क्षमता से अधिक मरीजों का इलाज कर रहे हैं। ऐसे में संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भूकंप से अब तक 1,900 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है।

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Healthcare system crumbles after earthquake in Venezuela Hospitals immense pressure how risk disease increased
वेनेजुएला में तबाही का मंजर - फोटो : PTI

विस्तार

दो जबरदस्त भूकंपों के लगभग एक हफ्ते बाद वेनेजुएला का पहले से कमजोर स्वास्थ्य तंत्र अपनी क्षमता की सीमा तक पहुंच गया है। राहत संगठनों ने मंगलवार को चेतावनी दी कि क्षतिग्रस्त और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे अस्पताल घायलों से भर चुके हैं, जबकि आपदा प्रभावित इलाकों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।

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मंगलवार को कितने लोगों को बचाया गया? 
इस बीच, सरकार ने बताया कि पिछले तीन दिनों में आधिकारिक तौर पर बचाए गए लोगों की संख्या में भारी गिरावट आई है। भूकंप के बाद शुरुआती दो दिनों में 5,380 लोगों को बचाया गया था, जबकि सोमवार को अधिकारियों को केवल चार लोग जिंदा मिले। भूकंप के बाद जीवित लोगों को खोजने का सबसे अहम समय आमतौर पर 48 से 72 घंटे माना जाता है, लेकिन तापमान और पानी या भोजन की उपलब्धता जैसे कारकों के आधार पर इससे ज्यादा समय तक भी कोई जीवित रह सकता है। नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिग्ज ने बताया कि मंगलवार दोपहर तक बचाए गए लोगों में केवल एक छोटा बच्चा जिंदा मिला, जो छह दिनों तक गिरी हुई इमारत के मलबे में फंसा रहा। इन आंकड़ों में देशभर में स्वयंसेवी समूहों द्वारा किए गए कई बचाव अभियान शामिल नहीं हैं। सरकार की धीमी प्रतिक्रिया से निराश होकर इन समूहों ने अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के पहुंचने से कई दिन पहले ही अपने फंसे हुए परिजनों को बचाने के लिए अभियान शुरू कर दिया था।
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कितनी हुई मृतकों की संख्या?
सरकार के मुताबिक, मरने वालों की संख्या 1,900 से ज्यादा हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आंकड़ा वास्तविकता से काफी कम हो सकता है, क्योंकि हर दिन मलबे से और शव निकाले जा रहे हैं तथा मुर्दाघरों में शव रखने की जगह भी कम पड़ रही है। जीवित बचे लोगों के बीच मानवीय संकट गहराता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने हजारों बेघर लोगों की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता जताई है। ये लोग कई दिनों से खुले आसमान के नीचे या भीड़भाड़ और गंदगी वाले अस्थायी ठिकानों पर रहने को मजबूर हैं।
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भूकंप से अब तक कितने लोग हुए प्रभावित?
जिनेवा में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रवक्ता क्रिश्चियन लिंडमेयर ने कहा कि दशकों से कम निवेश और वर्षों के आर्थिक संकट से जूझ रही वेनेजुएला की स्वास्थ्य व्यवस्था अब अभूतपूर्व दबाव में है। अचानक बढ़े ट्रॉमा के मामलों ने अस्पतालों की क्षमता को पूरी तरह चुनौती दे दी है। संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी की प्रवक्ता कार्लोटा वोल्फ ने बताया कि वेनेजुएला के अधिकारियों के अनुसार भूकंप से 15,800 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। यह आंकड़ा उन लोगों का है जो बेघर हो चुके हैं। कई लोग कारों, पार्कों और दूसरी खुली जगहों पर रात बिताने को मजबूर हैं। वोल्फ ने कहा कि यह संख्या आगे और बढ़ सकती है। सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य ला गुएरा, जो राजधानी काराकास के पास समुद्र तटीय क्षेत्र में स्थित है, वहां बड़ी संख्या में लोग भोजन और पेयजल की गंभीर कमी का सामना कर रहे हैं।

किन चीजों का खतरा बढ़ा?
लिंडमेयर ने कहा कि शौचालय, स्नान की सुविधा और साबुन जैसी बुनियादी चीजों की कमी के कारण बेघर लोगों में खसरे जैसी रोकी जा सकने वाली बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि वहां पहले से ही टीकाकरण की दर कम है। इसके अलावा डेंगू, पीला बुखार और मलेरिया जैसी जलजनित और मच्छर जनित बीमारियों के फैलने के लिए भी हालात अनुकूल हैं।

कितने अस्पताल हुए प्रभावित? 
सरकार के अनुसार, पिछले सप्ताह आए भूकंपों से देशभर में 38 अस्पताल क्षतिग्रस्त हुए हैं या उनका कामकाज प्रभावित हुआ है। WHO ने अब तक इनमें से 21 अस्पतालों का आकलन किया है। इनमें तीन अस्पताल पूरी तरह बंद हो चुके हैं, छह को गंभीर नुकसान पहुंचा है और बाकी अस्पताल घायलों की लगातार बढ़ती संख्या से जूझ रहे हैं। WHO ने बताया कि मलबे में कई विशेषज्ञ डॉक्टर लापता हैं, जिनमें ला गुएरा में प्रसूति देखभाल के प्रभारी अधिकारी भी शामिल हैं। इससे उस देश में स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौती और बढ़ गई है, जहां से हाल के वर्षों में डॉक्टरों और नर्सों सहित लगभग 80 लाख लोग देश छोड़ चुके हैं। लिंडमेयर ने कहा, 'प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि मरीजों के इलाज और अस्पतालों तक पहुंच की व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो गई है। अस्पतालों में अत्यधिक भीड़ है, सर्जरी लंबित हैं और जैव सुरक्षा मानकों का भी ठीक से पालन नहीं हो पा रहा है।"

कहां लगी लंबी कतारें?
मंगलवार को ला गुएरा और आसपास के इलाकों में गैर सरकारी संगठनों की सक्रियता साफ दिखाई दी। रेड क्रॉस, वर्ल्ड फूड प्रोग्राम और अन्य संगठनों ने फुटपाथों, समुद्र किनारे बने रास्तों और खेल परिसरों में राहत शिविर लगाए। लोग तेज धूप में घंटों कतार में खड़े होकर मुफ्त टॉयलेटरी, भोजन, दवाइयां और फेस मास्क लेते नजर आए।

लापता लोगों का सही आंकड़ा अब भी रहस्य
सरकार ने अब तक पीड़ितों, जीवित बचे लोगों और लापता लोगों की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। यही वजह है कि हजारों वेनेजुएलावासी अब भी अपने परिजनों की तलाश में भटक रहे हैं। कई लोग व्हाट्सएप समूहों और गैर सरकारी डिजिटल डेटाबेस का सहारा ले रहे हैं। ऐसे ही एक डेटाबेस में कम से कम 43,220 लोगों के लापता होने का दावा किया गया है। अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के भाई और नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिग्ज ने मंगलवार को बताया कि आधिकारिक तौर पर अब तक 1,943 लोगों की मौत हुई है और 10,571 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने लोगों से केवल सरकार की ओर से जारी जानकारी पर भरोसा करने की अपील की। हालांकि, सरकारी आंकड़ों से अब भी हजारों लोगों का कोई पता नहीं चल पा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का अनुमान है कि भूकंप के समय ला गुएरा राज्य के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में करीब 30,000 लोग मौजूद थे। इनमें से लगभग 20,000 लोग या तो सुरक्षित निकलने में सफल रहे या बाद में उन्हें बचा लिया गया।


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नुकसान का दायरा बेहद व्यापक
नासा का अनुमान है कि भूकंप के कारण लगभग 59,000 इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं या पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। इससे प्रभावित लोगों की संख्या लाखों में पहुंच सकती है। संयुक्त राष्ट्र की बाल एजेंसी यूनिसेफ ने मंगलवार को कहा कि देशभर में करीब 6,80,000 बच्चों को तत्काल मानवीय सहायता की जरूरत है।

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