IMEC: 'भारत-इस्राइल बन सकते हैं दुनिया के सबसे ताकतवर साझेदार', जानें I2U2 पर क्या बोलीं इस्राइली विशेष दूत
इस्राइल की विशेष दूत फ्लेउर हसन-नाहूम ने कहा कि IMEC और I2U2 में अभी भी बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने भारत-इस्राइल साझेदारी को भविष्य की अजेय ताकत बताते हुए पीएम मोदी की इस्रािल यात्रा को बेहद अहम बताया।
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इस्राइल के विदेश मंत्रालय की विशेष दूत फ्लेउर हसन-नाहूम ने भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि IMEC परियोजना में अभी भी अपार संभावनाएं मौजूद हैं और भविष्य में I2U2 समूह फिर से गति पकड़ सकता है। उन्होंने भारत, इस्राइल और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच गहरे सहयोग की उम्मीद जताई। फ्लेर हसन-नाहूम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस्राइल यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच कई अहम व्यापारिक समझौते हुए हैं। उन्होंने कहा कि यूएई को भी इस साझेदारी का हिस्सा बनाया जा सकता है।
I2U2 क्या है?
I2U2 भारत, इस्राइल, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अमेरिका का एक साझा रणनीतिक मंच है, जिसकी शुरुआत 2021 में हुई थी। इस समूह का उद्देश्य आर्थिक सहयोग बढ़ाना, नई तकनीकों को बढ़ावा देना और विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त निवेश के जरिए आपसी साझेदारी को मजबूत करना है। इसे अक्सर पश्चिम एशिया का क्वाड भी कहा जाता है।
I2U2 पर क्या बोली नाहूम?
नाहूम ने कहा कि मैं नहीं मानती कि I2U2 खत्म हो चुका है। भारत, UAE और इस्राइल के बीच एक खास रिश्ता विकसित हो सकता है। अमेरिका इस पूरी कहानी में एक बड़े संरक्षक की भूमिका निभाता है।
भारत के साथ ऐतिहासिक रिश्तों का जिक्र किया
फ्लेर हसन-नाहूम ने अपने परिवार के भारत से ऐतिहासिक रिश्तों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके पति का परिवार कोलकाता का प्रसिद्ध नाहूम परिवार है, जो बगदादी यहूदियों से जुड़ा हुआ है। यह परिवार 1800 के दशक में भारत आया था और कोलकाता के न्यू मार्केट में पश्चिमी शैली की पहली बेकरी शुरू की थी, जो आज भी 150 साल बाद संचालित हो रही है।
उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह भारत की सामाजिक सद्भावना और विविधता की खूबसूरत मिसाल है। बेकरी के मालिक यहूदी हैं, प्रबंधन हिंदू करता है, कर्मचारी मुस्लिम हैं और ग्राहक हर धर्म के लोग हैं।
भारत के प्रति अपने लगाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने राजस्थान, दक्षिण भारत और कोलकाता समेत देश के कई हिस्सों की यात्रा की है। उन्होंने भारतीय संस्कृति, लोगों और खानपान की जमकर तारीफ की।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर क्या बोली नाहूम?
पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर बोलते हुए फ्लेर हसन-नाहूम ने कहा कि जब तक ईरान में मौजूदा शासन कायम है, तब तक स्थायी शांति की संभावना मुश्किल बनी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान क्षेत्र में आतंकवादी नेटवर्क और प्रॉक्सी समूहों के जरिए अस्थिरता फैलाता है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में युद्धविराम या शांति समझौते की कोशिशें हो सकती हैं, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि ईरान अपना परमाणु और बैलिस्टिक कार्यक्रम छोड़ेगा।
भारत-इस्राइल लोकतांत्रिक मूल्य साझा करते हैं
भारत-इस्राइल संबंधों पर उन्होंने कहा कि दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्य साझा करते हैं और समान क्षेत्रीय चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उनके मुताबिक भारत की मानव संसाधन क्षमता और इस्राइल की तकनीकी विशेषज्ञता मिलकर रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में बेहद मजबूत साझेदारी बना सकती है। उन्होंने कहा कि भारत और इस्राइल मिलकर एक अजेय साझेदार बन सकते हैं। भारत की प्रतिभा और इस्राइल के नवाचार का मेल भविष्य की दुनिया को नई दिशा दे सकता है।