NASA Psyche Mission: मंगल के बेहद करीब पहुंचा नासा का यान, लाल ग्रह की भेजीं हैरान करने वाली तस्वीरें
नासा का साइक अंतरिक्ष यान मंगल ग्रह के बेहद करीब से गुजरते हुए लाल ग्रह की दुर्लभ तस्वीरें भेजने में सफल रहा है। 15 मई को हुए फ्लाईबाय के दौरान यान मंगल से केवल 4,609 किलोमीटर दूर पहुंचा। इस मिशन में मंगल के गुरुत्वाकर्षण का इस्तेमाल कर यान की गति बढ़ाई गई।
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नासा का साइक अंतरिक्ष यान मंगल ग्रह के बेहद करीब से गुजरते हुए बड़ी वैज्ञानिक सफलता हासिल करने में कामयाब रहा है। इस यान ने लाल ग्रह की बेहद साफ और दुर्लभ तस्वीरें पृथ्वी पर भेजी हैं। 15 मई को हुए इस हाई-स्पीड फ्लाईबाय के दौरान यान मंगल की सतह से सिर्फ 4,609 किलोमीटर की दूरी तक पहुंचा। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह मिशन सिर्फ तस्वीरें लेने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका मकसद अंतरिक्ष यान की रफ्तार बढ़ाना और उसकी दिशा बदलना भी था। इस उपलब्धि को नासा के लिए तकनीकी और वैज्ञानिक दोनों नजरिए से बेहद अहम माना जा रहा है।
आखिर मंगल के इतने करीब क्यों पहुंचा था यान?
नासा के अनुसार साइक मिशन के तहत अंतरिक्ष यान को मंगल के गुरुत्वाकर्षण का फायदा देने के लिए उसके बेहद करीब ले जाया गया। वैज्ञानिक इस तकनीक को ग्रैविटी असिस्ट कहते हैं। इसमें किसी ग्रह की गुरुत्वाकर्षण शक्ति का इस्तेमाल कर यान को अतिरिक्त गति दी जाती है। इससे यान को अपने इंजन से कम ईंधन खर्च करना पड़ता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तकनीक की मदद से अंतरिक्ष मिशनों को लंबी दूरी तक अधिक प्रभावी तरीके से भेजा जा सकता है।
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यान ने कौन-कौन सी तस्वीरें भेजीं?
फ्लाईबाय के दौरान यान में लगे मल्टीस्पेक्ट्रल इमेजर ने मंगल ग्रह की सतह की कई शानदार तस्वीरें कैद कीं। इनमें मंगल के दक्षिणी उच्चभूमि क्षेत्र और विशाल डबल-रिंग ह्यूजेंस क्रेटर की तस्वीरें सबसे खास मानी जा रही हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक ह्यूजेंस क्रेटर का व्यास करीब 470 किलोमीटर है। तस्वीरों में मंगल की प्राचीन और गड्ढों से भरी सतह बेहद स्पष्ट दिखाई दे रही है। इन तस्वीरों से वैज्ञानिकों को लाल ग्रह के भूगर्भीय इतिहास को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मिशन के लिए यह फ्लाईबाय कितना अहम माना जा रहा है?
नासा और जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी के वैज्ञानिकों के अनुसार यह फ्लाईबाय पूरे मिशन का बेहद महत्वपूर्ण चरण था। मंगल के गुरुत्वाकर्षण का इस्तेमाल कर यान की दिशा को सही मार्ग पर स्थापित किया गया। खास बात यह रही कि इसके लिए अतिरिक्त ईंधन खर्च नहीं करना पड़ा। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह की तकनीक भविष्य के गहरे अंतरिक्ष मिशनों के लिए काफी मददगार साबित हो सकती है।
अंतरिक्ष अनुसंधान में क्यों महत्वपूर्ण है यह उपलब्धि?
विशेषज्ञों के मुताबिक साइक मिशन अंतरिक्ष विज्ञान के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। मंगल के करीब पहुंचकर इतनी स्पष्ट तस्वीरें लेना और साथ ही यान की गति बढ़ाना दोनों बड़ी सफलता हैं। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इससे भविष्य में दूसरे ग्रहों और क्षुद्रग्रहों तक पहुंचने वाले मिशनों को नई दिशा मिलेगी। नासा लगातार गहरे अंतरिक्ष मिशनों के जरिए ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने की कोशिश कर रहा है।