सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   World ›   india economic growth rate 6.4 percent 2026 un report

संयुक्त राष्ट्र का भरोसा: वैश्विक संकट के बावजूद भारत की स्थिति मजबूत, इस साल 6.4 फीसदी रहेगी आर्थिक वृद्धि दर

एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र। Published by: Nirmal Kant Updated Wed, 22 Apr 2026 04:36 AM IST
विज्ञापन
सार

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था का इस साल 6.4 फीसदी और अगले साल 6.6 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान है, जिसमें मजबूत खपत और सेवा क्षेत्र प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। रिपोर्ट में भारत को एशिया-प्रशांत क्षेत्र की विकास प्रक्रिया का अहम इंजन बताया गया है। पढ़िए रिपोर्ट-

india economic growth rate 6.4 percent 2026 un report
GDP - फोटो : Adobe stock
विज्ञापन

विस्तार

पश्चिम एशिया संकट से उपजी वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था इस साल 6.4 फीसदी की रफ्तार से बढ़ेगी। अगले साल यानी 2027 में वृद्धि की यह रफ्तार और बढ़कर 6.6 फीसदी पहुंच सकती है। संयुक्त राष्ट्र ने भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद पर भरोसा जताते हुए कहा, आर्थिक वृद्धि के ये आंकड़े एशिया-प्रशांत क्षेत्र में विकास के एक प्रमुख चालक के रूप में देश की निरंतर मजबूत स्थिति को दर्शाते हैं।
Trending Videos


संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक आयोग एशिया-प्रशांत (ईएससीएपी) ने सोमवार को जारी रिपोर्ट में कहा, दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम एशिया की अर्थव्यवस्थाएं 2025 में 5.4 फीसदी की दर से बढ़ीं। इसमें भारत की मजबूत वृद्धि का प्रमुख योगदान रहा। 2024 में इन अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि दर 5.2 फीसदी रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इकनॉमिक एंड सोशल सर्वे ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक-2026 शीर्षक वाली रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में भारतीय जीडीपी 7.4 फीसदी की मजबूत रफ्तार से बढ़ी। इसे मजबूत खपत (विशेष रूप से ग्रामीण अर्थव्यवस्था से मांग), जीएसटी दरों में कटौती और अमेरिकी टैरिफ लागू होने से पहले निर्यात में तेजी से समर्थन मिला। हालांकि, भारत में 2025 की दूसरी छमाही में आर्थिक गतिविधियां धीमी पड़ीं, क्योंकि अगस्त, 2025 में 50 फीसदी टैरिफ लगाए जाने के बाद अमेरिका को निर्यात में 25 फीसदी गिरावट आई। सेवा क्षेत्र वृद्धि का प्रमुख चालक बना रहा। महंगाई के मोर्चे पर संयुक्त राष्ट्र ने कहा, भारत में मुद्रास्फीति इस साल 4.4 फीसदी और 2027 में 4.3 फीसदी रहेगी। 

एफडीआई और रेमिटेंस
व्यापार तनाव और अनिश्चितताओं के बीच विकासशील एशियाई एवं प्रशांत अर्थव्यवस्थाओं में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) घटा है। 2024 में 0.6 फीसदी वृद्धि के बाद 2025 में क्षेत्र में एफडीआई दो फीसदी घट गया, जबकि वैश्विक स्तर पर 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

ये भी पढ़ें: ऑटो डेबिट नियम सख्त: ग्राहकों को अपने पैसे पर मिलेगा अधिक नियंत्रण, आरबीआई ने लागू किए नए दिशा-निर्देश

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में पहले तीन तिमाहियों में जिन देशों ने नए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सबसे अधिक आकर्षित किए...वे भारत, ऑस्ट्रेलिया, कोरिया गणराज्य और कजाखस्तान हैं। इन देशों में क्रमशः 50 अरब डॉलर, 30 अरब डॉलर, 25 अरब डॉलर और 21 अरब डॉलर की निवेश घोषणाएं हुईं।

एशिया-प्रशांत क्षेत्र के श्रमिकों की ओर से भेजा जाने वाला व्यक्तिगत धन प्रेषण (रेमिटेंस) लगातार बढ़ रहा है। इससे घरेलू रोजगार की कमजोर परिस्थितियों के प्रभाव को कम करने में मदद मिली।



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed