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UN: भारत ने यूएन में लगाई पाकिस्तान को लताड़, कहा- PoK में कश्मीरियों के दमन की गवाह है पूरी दुनिया
Fri, 24 Jul 2026 03:30 AM IST
Devesh Tripathi
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
Published by: Devesh Tripathi
Updated Fri, 24 Jul 2026 03:30 AM IST
सार
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने पाकिस्तान द्वारा कश्मीर मुद्दा उठाए जाने का कड़ा विरोध किया। भारत ने कहा कि उसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आरोप लगाने के बजाय अपने देश और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। भारत ने पीओके में मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक अधिकारों के कथित दमन का मुद्दा उठाया। इसके साथ ही पाकिस्तान की आंतरिक राजनीतिक परिस्थितियों पर भी सवाल खड़े किए।
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यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
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विस्तार
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में भारत ने पाकिस्तान के कश्मीर मुद्दा उठाने पर कड़ा जवाब दिया। भारत ने कहा कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भ्रामक प्रचार करने के बजाय अपने देश और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हो रहे दमन पर ध्यान देना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में "विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के तंत्र को मजबूत करने" विषय पर आयोजित खुली बहस में भारत का पक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हालिया घटनाक्रम पाकिस्तान की वास्तविकता को उजागर करते हैं।"
भारत ने पाकिस्तान को जमकर सुनाया
राजदूत पी. हरीश ने आगे कहा, "पूरी दुनिया पीओके में कश्मीरियों के बुनियादी अधिकारों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संगठन बनाने की आजादी के लगातार दमन की गवाह है। यह कोई अलग-थलग घटनाएं नहीं हैं, बल्कि करीब आठ दशकों से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अपनाई जा रही एक व्यापक नीति का हिस्सा हैं। यही स्थिति पाकिस्तान के अन्य क्षेत्रों में भी देखने को मिलती है।"
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उन्होंने पाकिस्तान की आंतरिक राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि वहां लोकतांत्रिक संस्थाएं लगातार कमजोर हुई हैं। उन्होंने कहा, "पूर्व प्रधानमंत्री सहित कई नेताओं की गिरफ्तारी, मुख्य विपक्षी दल को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करना, 27वें संविधान संशोधन के जरिए सेना का संवैधानिक हस्तक्षेप और ऐसे अन्य कदमों ने लोकतंत्र की बची-खुची व्यवस्था को भी कमजोर कर दिया है।"
भ्रामक प्रचार बंद करे पाकिस्तान : पी. हरीश
भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा, "पाकिस्तान को चाहिए कि वह धार्मिक भावनाओं का सहारा लेकर झूठा प्रचार करने और संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों को गुमराह करने के बजाय अपने देश की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान दे।" भारत ने यह भी कहा कि अन्य देशों में इस तरह की घटनाओं पर संयुक्त राष्ट्र तीखी प्रतिक्रिया देता है, लेकिन पाकिस्तान में हो रहे ऐसे दमन पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता, जितना दिया जाना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा : स्थायी प्रतिनिधि
पी. हरीश ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की ओर से कश्मीर मुद्दा उठाने को वैश्विक मंच का दुरुपयोग बताया। उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश हमेशा भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और रहेगा। यह भारत की संवैधानिक और कानूनी वास्तविकता है, जिसे पाकिस्तान जानबूझकर नजरअंदाज करता है।"
उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर के संबंध में एकमात्र लंबित मुद्दा भारत के संप्रभु क्षेत्र पर पाकिस्तान का खुला आक्रमण और उसका अवैध कब्जा है।"
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संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में "विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के तंत्र को मजबूत करने" विषय पर आयोजित खुली बहस में भारत का पक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हालिया घटनाक्रम पाकिस्तान की वास्तविकता को उजागर करते हैं।"
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भारत ने पाकिस्तान को जमकर सुनाया
राजदूत पी. हरीश ने आगे कहा, "पूरी दुनिया पीओके में कश्मीरियों के बुनियादी अधिकारों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संगठन बनाने की आजादी के लगातार दमन की गवाह है। यह कोई अलग-थलग घटनाएं नहीं हैं, बल्कि करीब आठ दशकों से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अपनाई जा रही एक व्यापक नीति का हिस्सा हैं। यही स्थिति पाकिस्तान के अन्य क्षेत्रों में भी देखने को मिलती है।"
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उन्होंने पाकिस्तान की आंतरिक राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि वहां लोकतांत्रिक संस्थाएं लगातार कमजोर हुई हैं। उन्होंने कहा, "पूर्व प्रधानमंत्री सहित कई नेताओं की गिरफ्तारी, मुख्य विपक्षी दल को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करना, 27वें संविधान संशोधन के जरिए सेना का संवैधानिक हस्तक्षेप और ऐसे अन्य कदमों ने लोकतंत्र की बची-खुची व्यवस्था को भी कमजोर कर दिया है।"
भ्रामक प्रचार बंद करे पाकिस्तान : पी. हरीश
भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा, "पाकिस्तान को चाहिए कि वह धार्मिक भावनाओं का सहारा लेकर झूठा प्रचार करने और संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों को गुमराह करने के बजाय अपने देश की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान दे।" भारत ने यह भी कहा कि अन्य देशों में इस तरह की घटनाओं पर संयुक्त राष्ट्र तीखी प्रतिक्रिया देता है, लेकिन पाकिस्तान में हो रहे ऐसे दमन पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता, जितना दिया जाना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा : स्थायी प्रतिनिधि
पी. हरीश ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की ओर से कश्मीर मुद्दा उठाने को वैश्विक मंच का दुरुपयोग बताया। उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश हमेशा भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और रहेगा। यह भारत की संवैधानिक और कानूनी वास्तविकता है, जिसे पाकिस्तान जानबूझकर नजरअंदाज करता है।"
उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर के संबंध में एकमात्र लंबित मुद्दा भारत के संप्रभु क्षेत्र पर पाकिस्तान का खुला आक्रमण और उसका अवैध कब्जा है।"