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US: 'अब अंतिम चरण में ऐतिहासिक भारत-अमेरिका व्यापार समझौता', मार्को रुबियो के साथ बैठक के बाद जयशंकर का बयान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन डीसी।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 05 Feb 2026 08:24 PM IST
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सार
US: अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो के साथ बैठक के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संकेत दिया कि भारत और अमेरिका के बीच जल्द व्यापार समझौता हो सकता है। उन्होंने यहा कि इस व्यापार समझौते से दोनों देशों के संबंधों का नया दौर शुरू होगा।पढ़िए रिपोर्ट-
एस जयशंकर, मार्को रुबियो
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि 'ऐतिहासिक' भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अब अंतिम चरण में है। इसकी पूरी जानकारी बहुत जल्द तय हो जाएगी। यह बात उन्होंने गुरुवार को अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो के साथ व्यापक बातचीत के बाद कही।
व्यापार सौदे को लेकर जयशंकर ने क्या कहा?
वॉशिंगटन डीसी में जयशंकर और रुबियो के बीच यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब तीन दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई। इस बातचीत के बाद ट्रंप ने कहा था कि व्यापार समझौते के तहत भारतीय सामानों पर अमेरिका का टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी किया जाएगा। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि यह व्यापार समझौता भारत-अमेरिका संबंधों में एक नए चरण की शुरुआत होगी।
अमेरिका की ओर से टैरिफ कम किए जाने की पुष्टि और रूस से ऊर्जा खरीद को लेकर भारत पर लगाए गए 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ हटाने के संकेत के अलावा, इस व्यापार समझौते के बारे में अभी तक कोई स्पष्ट और ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनकी अमेरिका यात्रा 'उपयोगी' और 'सकारात्मक' रही।
द्विपक्षीय संबंधों पर विदेश मंत्री ने क्या कहा?
ये भी पढ़ें: वेनेजुएला से तेल खरीदेगा भारत?: रूस की प्रतिक्रिया पर विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब, जानें क्या कहा
50 फीसदी टैरिफ लगने के बाद संबंधों में दिखा तनाव
डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारतीय सामानों पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगाया था, जिसके बाद दोनों देशों के संबंधों में काफी तनाव देखने को मिला था। इसमें रूस से तेल खरीदने को लेकर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ भी शामिल था। टैरिफ के मुद्दे के अलावा, कई अन्य मामलों पर भी संबंधों में गिरावट देखी गई थी। इनमें ट्रंप का यह दावा शामिल था कि उन्होंने पिछले साल मई में भारत-पाकिस्तान संघर्ष को खत्म कराया। अमेरिका की नई आव्रजन नीति भी एक कारण रही। पीएम मोदी से फोन पर बातचीत के बाद ट्रंप ने दावा किया था कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा और अमेरिका व वेनेजुएला से ज्यादा तेल खरीदेगा।
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व्यापार सौदे को लेकर जयशंकर ने क्या कहा?
वॉशिंगटन डीसी में जयशंकर और रुबियो के बीच यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब तीन दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई। इस बातचीत के बाद ट्रंप ने कहा था कि व्यापार समझौते के तहत भारतीय सामानों पर अमेरिका का टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी किया जाएगा। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि यह व्यापार समझौता भारत-अमेरिका संबंधों में एक नए चरण की शुरुआत होगी।
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अमेरिका की ओर से टैरिफ कम किए जाने की पुष्टि और रूस से ऊर्जा खरीद को लेकर भारत पर लगाए गए 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ हटाने के संकेत के अलावा, इस व्यापार समझौते के बारे में अभी तक कोई स्पष्ट और ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनकी अमेरिका यात्रा 'उपयोगी' और 'सकारात्मक' रही।
द्विपक्षीय संबंधों पर विदेश मंत्री ने क्या कहा?
- विदेश मंत्री जयशंकर कहा कि ऐतिहासिक भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में है और बहुत जल्द पूरा हो जाएगा।
- उन्होंने कहा कि यह हमारे द्विपक्षीय संबंधों में नया दौर शुरू करेगा, जिसमें संबंधों को आगे बढ़ाने की बड़ी संभावनाएं हैं।
- उन्होंने यह भी कहा, महत्वपूर्ण खनिजों को लेकर हमारा सहयोग तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में रणनीतिक मुद्दों, रक्षा और ऊर्जा पर बातचीत देखने को मिलेगी। संबंधों में मजबूत गति दिखाई दे रही है।
- जयशंकर वॉशिंगटन डीसी में महत्वपूर्ण खनिजों पर अमेरिका की अगुवाई वाली मंत्रीस्तरीय बैठक में भाग लेने गए थे।
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50 फीसदी टैरिफ लगने के बाद संबंधों में दिखा तनाव
डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारतीय सामानों पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगाया था, जिसके बाद दोनों देशों के संबंधों में काफी तनाव देखने को मिला था। इसमें रूस से तेल खरीदने को लेकर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ भी शामिल था। टैरिफ के मुद्दे के अलावा, कई अन्य मामलों पर भी संबंधों में गिरावट देखी गई थी। इनमें ट्रंप का यह दावा शामिल था कि उन्होंने पिछले साल मई में भारत-पाकिस्तान संघर्ष को खत्म कराया। अमेरिका की नई आव्रजन नीति भी एक कारण रही। पीएम मोदी से फोन पर बातचीत के बाद ट्रंप ने दावा किया था कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा और अमेरिका व वेनेजुएला से ज्यादा तेल खरीदेगा।
