सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Oman says it mediated indirect talks between Iran and the United States over Tehran's nuclear programme

US-Iran: ईरान और अमेरिका की बीच तनाव कम करने की कोशिशें जारी, ओमान कर रहा है मध्यस्थता

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मस्कट Published by: राहुल कुमार Updated Fri, 06 Feb 2026 03:39 PM IST
विज्ञापन
सार

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशें जारी है। शुक्रवार को ओमान ने दोनों देशों के बीच तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अप्रत्यक्ष वार्ता में मध्यस्थता की।

Oman says it mediated indirect talks between Iran and the United States over Tehran's nuclear programme
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार

ओमान ने शुक्रवार को कहा कि उसने तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत में मध्यस्थ की है। बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ दिनों से एक बार फिर से तनाव बढ़ गया है। हालांकि कई पश्चिम एशिया के कई देश तनाव को कम करने में जुटे हुए हैं। 

Trending Videos

ओमान के विदेश मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और पश्चिम एशिया के लिए अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ तथा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर से अलग-अलग मुलाकात की। पोस्ट के मुताबिक, बातचीत मुख्यत: राजनयिक और तकनीकी वार्ताओं को फिर से शुरू करने के लिए उपयुक्त परिस्थितियां तैयार करने पर केंद्रित थी, क्योंकि दोनों पक्ष स्थायी सुरक्षा और स्थिरता हासिल करने के लिए इनकी सफलता सुनिश्चित करने के वास्ते दृढ़ संकल्पित हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Islamabad Explosion: इस्लामाबाद में जुमे की नमाज के दौरान शिया मस्जिद में धमाका; 31 की मौत, 169 लोग घायल

जून में वार्ता हो गई थी विफल
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच कई दौर की बातचीत पिछले साल जून में उस समय विफल हो गई थी, जब इस्राइल ने तेहरान पर हमला कर दिया था। दोनों देशों के बीच 12 दिनों तक चले युद्ध के दौरान अमेरिका ने भी ईरान के परमाणु ठिकानों पर बम बरसाए थे, जिससे यूरेनियम संवर्द्धन के काम में जुटे कई सेंट्रीफ्यूज संभवत: नष्ट हो गए थे। वहीं, इस्राइली हमलों में ईरान की वायु रक्षा प्रणाली और बैलिस्टिक मिसाइल भंडार को निशाना बनाया गया था।

शुक्रवार को अमेरिकी अधिकारियों के काफिले को मस्कट के बाहरी इलाके में, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित एक पैलेस में दाखिल होते देखा। काफिले में शामिल वाहनों में से एक पर अमेरिकी झंडा लहरा रहा था। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का काफिला शुक्रवार सुबह मस्कट पहुंचे थे। ईरान के सरकारी टेलीविजन चैनल ने कहा कि अराघची ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी से मुलाकात के लिए मस्कट पहुंचे।
 

  • अमेरिकी विदेश मंत्री  मार्को रूबियो सहित कई शीर्ष अमेरिकी नेताओं का आकलन है कि ईरान का धार्मिक शासन इस समय बेहद कमजोर स्थिति में है।
  • मुद्रास्फीति और मुद्रा के तेज अवमूल्यन के कारण पिछले महीने ईरान में देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन हुए, जिससे शासन की जड़ें और हिला दीं।
  • जानकारों के अनुसार, यह दौर 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद ईरान के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
  • वर्षों से जारी छद्म युद्ध, गहरे आर्थिक संकट और बढ़ती आंतरिक अशांति ने ईरान को अस्थिरता के दौर में धकेल दिया है।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि इन परिस्थितियों का फायदा उठाकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ईरान पर दबाव बना सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed