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US: नौकरी और H-1B वीजा के बदले ₹94 लाख मांगने का आरोप, अमेरिका में भारतीय कर्मचारी ने मालिक पर किया केस

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: अमन तिवारी Updated Wed, 17 Jun 2026 08:39 AM IST
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सार

अमेरिका में एक भारतीय कर्मचारी ने अपने मालिक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारी का कहना है कि नौकरी और वीजा बचाने के लिए उससे 94 लाख रुपये मांगे गए। मना करने पर उसे डिपोर्ट करने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। अब यह मामला अदालत में है।

Indian employee in US has sued their employer, alleging demand of ₹94 lakh in exchange for job and H-1B visa
H-1B Visa - फोटो : ANI
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विस्तार

अमेरिका के टेक्सास में एक भारतीय कर्मचारी ने अपने मालिक के खिलाफ अदालत में केस दर्ज किया है। ऋषिकेश राज मीसाला नाम के इस कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि उसके मालिक ने नौकरी और वीजा बचाने के बदले उससे करीब 94 लाख रुपये (एक लाख डॉलर) की मांग की। ऋषिकेश का कहना है कि उनके भारतीय-अमेरिकी मालिक साई जितेंद्र कलागरा ने उन पर पैसे देने के लिए भारी दबाव बनाया।


शिकायत के मुताबिक, जब ऋषिकेश ने इन पैसों को लेकर सवाल उठाए, तो उन्हें डराया गया। मालिक ने धमकी दी कि वह उनकी शिकायत अमेरिकी इमिग्रेशन विभाग (ICE) से कर देगा। इतना ही नहीं, ऋषिकेश ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पिता को भी नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। हालांकि, अभी तक अदालत में ये आरोप साबित नहीं हुए हैं।
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ऋषिकेश साल 2023 में अपनी मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद छात्र वीजा पर अमेरिका आए थे। बाद में उन्हें एक ऐसी कंपनी में नौकरी मिली जो H-1B वीजा देती है। यह वीजा अमेरिकी कंपनियों को विदेशी पेशेवरों को काम पर रखने की अनुमति देता है। ऋषिकेश को उम्मीद थी कि इस नौकरी से उन्हें अमेरिका में पक्की नागरिकता मिल जाएगी।
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लेकिन कंपनी में शामिल होने के बाद उन्हें बेंच पर रख दिया गया। इसका मतलब है कि कर्मचारी के पास कोई सक्रिय प्रोजेक्ट नहीं है। केस के अनुसार, काम न होने के बावजूद ऋषिकेश से मोटी रकम मांगी गई ताकि कागजों पर उनकी नौकरी चलती रहे और उनका H-1B वीजा सुरक्षित रहे।

आरोप है कि कंपनी ने ऋषिकेश के वेतन से जुड़े दस्तावेज भी रोक लिए। ये दस्तावेज नौकरी बदलने या वीजा रिन्यू कराने के लिए बहुत जरूरी होते हैं। ऋषिकेश ने बताया कि वीजा खोने के डर से उन्होंने लगभग 8,800 डॉलर नकद भी दिए थे।

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अब ऋषिकेश की कानूनी टीम ने कंपनी पर मानव तस्करी और जबरन मजदूरी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कंपनी को ऋषिकेश के रुके हुए वेतन और जबरन लिए गए पैसों के बदले करीब 97,248 डॉलर चुकाने चाहिए।


यह मामला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में H-1B वीजा को लेकर काफी चर्चा हो रही है। भारत के लोग इस वीजा का सबसे ज्यादा फायदा उठाते हैं। साल 2024 के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में मंजूर होने वाले कुल H-1B वीजा में से 71 प्रतिशत भारतीय नागरिकों को मिले हैं। यह प्रोग्राम तकनीक और इंजीनियरिंग क्षेत्र की कंपनियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
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