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अंतरिक्ष में भारतवंशी अनिल मेनन का कमाल: पहले ही स्पेसवॉक से ISS को दी नई ताकत; और ताकतवर होगा स्पेस स्टेशन
Fri, 07 Aug 2026 07:51 AM IST
प्रशांत तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Fri, 07 Aug 2026 07:51 AM IST
सार
नासा के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन और जेसिका मेयर ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के बाहर सफल स्पेसवॉक कर 3B पावर चैनल के लिए संशोधन किट स्थापित की। यह काम भविष्य में नए रोल-आउट सोलर एरे लगाने का रास्ता तैयार करेगा, जिससे स्टेशन को अतिरिक्त बिजली मिलेगी और उसके सुरक्षित डीऑर्बिट मिशन में भी मदद होगी।
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अनिल मेनन
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
नासा के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन और जेसिका मेयर ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के बाहर सफलतापूर्वक स्पेसवॉक पूरा किया। इस दौरान दोनों ने स्टेशन के 3B पावर चैनल के लिए संशोधन किट (मॉडिफिकेशन किट) स्थापित की, जिससे भविष्य में नए रोल-आउट सोलर एरे (IROSA) लगाए जा सकेंगे। यह स्पेसवॉक अंतरिक्ष स्टेशन में किया गया 281वां स्पेसवॉक था। जेसिका मेयर के करियर का यह छठा और अनिल मेनन का पहला स्पेसवॉक रहा।
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स्पेसवॉक कितनी देर चला और इसमें क्या-क्या किया गया?
स्पेसवॉक गुरुवार को सुबह 8:33 बजे (ईडीटी) यानी भारतीय समयानुसार शाम 6:03 बजे शुरू हुआ और 6 घंटे 27 मिनट बाद दोपहर 3:00 बजे (ईडीटी) यानी भारतीय समयानुसार शुक्रवार तड़के 12:30 बजे समाप्त हुआ। दोनों अंतरिक्ष यात्री क्वेस्ट एयरलॉक से बाहर निकले और अंतरिक्ष स्टेशन के बाहरी हिस्से पर कई महत्वपूर्ण संरचनात्मक सुधार किए।
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3B पावर चैनल पर क्या काम हुआ और यह क्यों अहम है?
इस स्पेसवॉक का मुख्य उद्देश्य स्टारबोर्ड-6 ट्रस पर स्थित 3B पावर चैनल में माउंटिंग हार्डवेयर स्थापित करना था। नासा के अनुसार, इस काम से भविष्य में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन रोल-आउट सोलर एरे (IROSA) लगाए जा सकेंगे। नए सोलर एरे स्टेशन को अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराएंगे, जिससे उसके महत्वपूर्ण सिस्टम अधिक प्रभावी ढंग से काम करेंगे। साथ ही, भविष्य में अंतरिक्ष स्टेशन के सुरक्षित और नियंत्रित डीऑर्बिट मिशन में भी यह अहम भूमिका निभाएंगे।
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IROSA परियोजना कितनी आगे बढ़ चुकी है?
नासा ने बताया कि वर्ष 2021 से अब तक अंतरिक्ष यात्रियों ने स्पेसवॉक के जरिए IROSA की छह असेंबली सफलतापूर्वक स्थापित कर दी हैं। अब केवल दो सोलर एरे लगाए जाने बाकी हैं, जिन्हें इसी वर्ष के अंत तक अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचाया जाएगा।
अनिल मेनन और जेसिका मेयर ने कौन-कौन से तकनीकी कार्य पूरे किए?
स्पेसवॉक के दौरान अनिल मेनन को एक आर्टिकुलेटिंग पोर्टेबल फुट रेस्ट्रेंट पर सुरक्षित स्थिति में रखा गया, जिससे उन्हें ट्रस पर काम करने के लिए स्थिर आधार मिल सका।
इसके बाद दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने भविष्य में लगाए जाने वाले IROSA से 3B पावर चैनल तक बिजली पहुंचाने वाली केबलें बिछाईं। साथ ही, ट्रस की संरचना को मल्टी-लेयर इंसुलेशन से भी ढक दिया, ताकि उसे अंतरिक्ष के अत्यधिक तापमान से सुरक्षित रखा जा सके।
स्पेसवॉक के दौरान चांद को लेकर क्या दिलचस्प बातचीत हुई?
काम के दौरान कुछ पल के लिए दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने बातचीत भी की। जेसिका मेयर ने अनिल मेनन से कहा, 'अनिल, तुम चांद को देख सकते हो... हालांकि मुझे नहीं पता कि तुम किस दिशा में देख रहे हो।' इस पर अनिल मेनन ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, 'मेरी दाईं ओर है। हां, मैं उसे देख रहा हूं। बताने के लिए धन्यवाद। वहां मुझे भविष्य का एक चंद्र आधार (मून बेस) दिखाई दे रहा है।'
अगले स्पेसवॉक में कौन-से अहम काम किए जाएंगे?
यह स्पेसवॉक एक्सपीडिशन-75 मिशन के तहत इस महीने होने वाले तीन स्पेसवॉक में पहला था। 13 अगस्त को होने वाले दूसरे स्पेसवॉक में अंतरिक्ष यात्री स्टेशन के स्पेस-टू-ग्राउंड एंटीना को बदलेंगे। यह एंटीना ह्यूस्टन स्थित मिशन कंट्रोल सेंटर और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के बीच तेज गति से डेटा और संचार बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
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25 अगस्त के स्पेसवॉक का उद्देश्य क्या होगा?
25 अगस्त को होने वाले तीसरे स्पेसवॉक में अंतरिक्ष यात्री पावर चैनल की केबलों और डेटा रिले सिस्टम को जोड़ेंगे। यह कार्य स्टेशन के नियमित रखरखाव के साथ-साथ उसके भविष्य के डीऑर्बिट मिशन की तैयारियों का हिस्सा है। इसके अलावा, हार्मनी मॉड्यूल के फॉरवर्ड पोर्ट पर लगे अंतरिक्ष यानों की डॉकिंग में इस्तेमाल होने वाले नेविगेशनल उपकरण को भी बदला जाएगा। नासा के अनुसार, यह कार्य अंतरिक्ष स्टेशन के सुरक्षित और सुचारु संचालन के लिए महत्वपूर्ण है।