जिमी लाई: एक पत्रकार से डरा चीन, लगा दिया देशद्रोह का आरोप, सजा तय करने के लिए कोर्ट में बहस
चीन के पत्रकार जिमी लाई देशद्रोह के आरोप में पिछले पांच वर्षों से जेल में हैं। उन्हें पर देश के खिलाफ साजिश का दोषी माना गया है। दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत दोषी पाए जाने पर उन्हें उम्रकैद हो सकती है।
विस्तार
हांगकांग की कोर्ट में पत्रकार जिमी लाई और उनके सह-आरोपियों पर सजा तय करने के लिए बहस हुई। वह कभी मीडिया टाइकून और लोकतंत्र का समर्थन करने के लिए जाने जाते थे। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत दोषी पाए जाने पर उन्हें उम्रकैद हो सकती है।
78 साल के लाई एप्पल डेली अखबार के संस्थापक थे। यह कंपनी अब बंद हो चुकी है। वह चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के मुखर आलोचक हैं। उन्हें 2020 में बीजिंग द्वारा लागू किए गए कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था। उन्हें बाहरी लोगों के साथ देश के खिलाफ साजिश रचने और लेख प्रकाशित करने का दोषी पाया गया है।
अमेरिका और ब्रिटेन ने गिरफ्तारी की आलोचना की
उनका मामला बीजिंग के राजनयिक संबंधों पर भी काफी असर डाल सकता है। इसका कारण यह है कि अमेरिका और ब्रिटेन सहित विदेशी सरकारों ने उनकी गिरफ्तारी की आलोचना की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि लाई को दोषी ठहराए जाने पर उन्हें बुरा लगा। लाई को कोर्ट लाए जाने से पहले दर्जनों लोग पब्लिक गैलरी में जगह पाने के लिए कोर्ट के बाहर कतार में लग गए थे।
जजों ने लाई को मास्टरमाइंड बताया
लाई को विदेशी ताकतों के साथ मिलकर साजिश रचने के दो मामलों में और देशद्रोह किताबें बांटने की साजिश के एक मामले में दोषी ठहराया गया। लाई ने सभी आरोपों में खुद को निर्दोष बताया।
सुरक्षा कानून के तहत मिलीभगत के आरोप में दोषी पाए जाने पर तीन साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है, जो अपराध की प्रकृति और उसमें उसकी भूमिका पर निर्भर करता है। सरकार द्वारा चुने गए तीन जजों ने दिसंबर में अपने फैसले में लिखा कि लाई ने ही इन साजिशों का नेतृत्व किया था।
लाई के वकीलों ने ट्रायल के दौरान माना कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू होने से पहले उन्होंने विदेशी प्रतिबंधों की मांग की थी, लेकिन उन्होंने कानून का पालन करने के लिए इन मांगों को छोड़ दिया था। उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के आधार पर भी तर्क दिया।
लाई को छोड़कर बाकि सबने जुर्म कबूल किया
एप्पल डेली के छह पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक और लाई के मामले में शामिल दो कार्याकर्ताओं ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था। उन्होंने यह माना था कि लाई और दूसरों के साथ मिलकर विदेशी ताकतों से प्रतिबंध लगाने, नाकेबंदी करने या दूसरी दुश्मन वाली गतिविधियों में शामिल होने का अनुरोध करने की साजिश रची थी।
जुर्म कबूल करने से आमतौर पर सजा कम हो सकती है। सुरक्षा कानून के तहत, दूसरों द्वारा किए गए अपराध की शिकायत करने वालों को कम सजा दी जा सकती है।
पांच साल से हिरासत में हैं लाई
लाई पांच वर्षों से हिरासत में हैं और वह काफी पतले हो गए हैं। अगस्त में, उनके वकीलों ने कोर्ट को बताया कि उन्हें दिल की धड़कन की समस्या है। हांगकांग सरकार ने कहा कि शिकायक के बाद लाई के स्वास्थ की जांच की गई। उनकी मेडिकल जांच में कोई असामान्यता नहीं पाई गई। फैसले के बाद, उनकी बेटी, क्लेयर ने कहा कि अगर लाई रिहा होते हैं, तो वह राजनीति के बजाय खुद को भगवान और अपने परिवार के लिए समर्पित कर देंगे।
ट्रम्प ने फैसले के बाद कहा कि उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से लाई के बारे में बात की और उनकी रिहाई पर विचार करने के लिए कहा। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा है कि उनकी सरकार ने ब्रिटिश नागरिक लाई की रिहाई सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी है।