24 जनवरी को अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में ट्रंप प्रशासन के ‘ऑपरेशन मेट्रो सर्ज’ के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के दौरान एक गंभीर और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसमें 37 वर्षीय आईसीयू नर्स अलेक्स प्रेट्टी की संघीय एजेंटों की गोलीबारी में मौत हो गई। सरकार ने इसे आत्मरक्षा बताया, लेकिन सामने आए वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अलेक्स निहत्थे थे, हाथ में मोबाइल फोन था और वे मिर्च स्प्रे से प्रभावित एक व्यक्ति की मदद के लिए आगे बढ़े थे, तभी उन्हें घेरकर जमीन पर गिराया गया और कथित तौर पर निरस्त्र किए जाने के बाद उन पर कई गोलियां चलाई गईं। इस घटना ने चौथे संशोधन के तहत नागरिक अधिकारों, बिना न्यायिक वारंट की कार्रवाई, संघीय और राज्य सरकार के अधिकारों की सीमा तथा मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर अमेरिका में बड़ा संवैधानिक और राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया है, जिससे देशभर में भय, आक्रोश और अविश्वास का माहौल बन गया है।