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USS Iwo Jima: How dangerous is the USS Iwo Jima, the warship that brought Maduro from Venezuela to the US?
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USS Iwo Jima: मादुरो को वेनेजुएला से अमेरिका लाने वाला युद्धपोत यूएसएस इवो जिमा कितना खतरनाक?
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: आदर्श Updated Tue, 06 Jan 2026 03:33 AM IST
समुद्र में तैरता किला… मिनी एयरक्राफ्ट कैरियर… और अमेरिका की सबसे घातक सैन्य रणनीति का केंद्र। आख़िर क्या है यूएसएस इवो जिमा, जिस पर बैठाकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका न्यूयॉर्क ले गया? क्यों इस एक युद्धपोत को चुना गया वेनेजुएला जैसे संवेदनशील ऑपरेशन के लिए? क्या यूएसएस इवो जिमा सिर्फ एक जहाज है या फिर अमेरिका की ‘रीजन कंट्रोल स्ट्रैटेजी’ का तैरता हुआ चेहरा? कितने मरीन कमांडो, कितने हेलीकॉप्टर और एफ-35 जैसे लड़ाकू विमान इस ऑपरेशन में शामिल थे? और क्या यूएसएस इवो जिमा का इस्तेमाल लैटिन अमेरिका के लिए एक खुली चेतावनी है?
शनिवार तड़के अमेरिका ने वेनेजुएला पर अब तक का सबसे बड़ा सैन्य हमला करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से बेदखल कर दिया। इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन के तहत अमेरिकी सेना ने मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को बंधक बनाकर न्यूयॉर्क पहुंचा दिया। फिलहाल दोनों अमेरिकी हिरासत में हैं और उन पर नार्को-टेररिज्म, ड्रग तस्करी और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, यह सैन्य कार्रवाई शनिवार तड़के काराकास स्थित फोर्ट ट्यूना मिलिट्री कॉम्प्लेक्स में की गई। ऑपरेशन के दौरान मादुरो को पहले एक अमेरिकी मिलिट्री बेस पर ले जाया गया, फिर उन्हें अमेरिकी नौसेना के युद्धक पोत यूएसएस इवो जिमा पर शिफ्ट किया गया। इसके बाद मादुरो और उनकी पत्नी को सीधे न्यूयॉर्क लाया गया। मादुरो को फिलहाल ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।
इस पूरे ऑपरेशन में अमेरिकी नौसेना के विशाल युद्धपोत यूएसएस इवो जिमा (LHD-7) की अहम भूमिका रही। यह पोत एक मिनी एयरक्राफ्ट कैरियर की तरह काम करता है। करीब 840 फीट लंबे और 140 फीट चौड़े फ्लाइट डेक वाले इस जहाज को समुद्र में तैरता किला कहा जाता है। यह मरीन सैनिकों, हेलीकॉप्टरों, फाइटर जेट्स और लैंडिंग क्राफ्ट को साथ लेकर चलने में सक्षम है।
यूएसएस इवो जिमा को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह समुद्र और जमीन दोनों मोर्चों पर हमले कर सके। इस पर स्थायी रूप से मरीन कमांडो तैनात रहते हैं और यह ‘वर्टिकल एनवेलपमेंट’ रणनीति के तहत हेलीकॉप्टरों और विमानों से सीधे दुश्मन इलाके में सैनिक उतार सकता है। जहाज पर मिसाइल लॉन्चर, रडार-गाइडेड गन, मशीन गन और अन्य अत्याधुनिक हथियार तैनात हैं।
यूएसएस इवो जिमा पर कुल 1208 नौसैनिक और करीब 1894 मरीन सैनिक तैनात रहते हैं। यह जहाज एक साथ 20 से 30 हेलीकॉप्टर ले जा सकता है, जिनमें सीएच-53 और एमवी-22 ऑस्प्रे जैसे भारी हेलीकॉप्टर शामिल हैं। इसके अलावा इस पर 6 एवी-8B या अत्याधुनिक एफ-35B फाइटर जेट भी तैनात किए जा सकते हैं। समुद्र से सीधे सैन्य वाहनों को उतारने के लिए इसमें लैंडिंग क्राफ्ट एयर कुशन की सुविधा भी मौजूद है।
युद्धक पोत इवो जिमा सिर्फ हमला करने तक सीमित नहीं है। इसमें आधुनिक मेडिकल फैसिलिटी भी है, जो युद्ध या आपात हालात में चलते-फिरते अस्पताल की तरह काम करती है। घायलों के इलाज से लेकर सर्जरी तक की सुविधा इस पोत पर मौजूद है।
यूएसएस इवो जिमा को साल 2001 में कमीशन किया गया था और यह अभी भी एक्टिव सर्विस में है। यह तीसरा जहाज है जिसे इवो जिमा नाम दिया गया है। इसका नाम द्वितीय विश्व युद्ध के प्रसिद्ध ‘बैटल ऑफ इवो जिमा’ पर रखा गया है, जिसे अमेरिकी सैन्य इतिहास का निर्णायक युद्ध माना जाता है।
अमेरिकी जनरल केन के मुताबिक, इस ऑपरेशन में एफ-22, एफ-35, एफ-18, ईए-18, ई-2, बी-1 बॉम्बर, कई सपोर्ट एयरक्राफ्ट और ड्रोन शामिल थे। ये सभी विमान पश्चिमी गोलार्ध के अलग-अलग ठिकानों से उड़ान भरकर समन्वय के साथ आगे बढ़े।
जनरल केन ने बताया कि रात 1:01 बजे अमेरिकी बल मादुरो के ठिकाने पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेर लिया गया। इस दौरान हेलीकॉप्टरों पर गोलीबारी हुई, लेकिन अमेरिकी बलों ने जवाबी कार्रवाई की। एक विमान को नुकसान पहुंचा, हालांकि सभी अमेरिकी विमान सुरक्षित लौट आए।
उन्होंने दावा किया कि वेनेजुएला की वायु रक्षा प्रणालियों को पहले ही निष्क्रिय कर दिया गया था और पूरी कार्रवाई में ‘सरप्राइज’ बनाए रखा गया। पकड़े जाने से पहले मादुरो और उनकी पत्नी ने आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद दोनों को न्याय विभाग की हिरासत में सौंप दिया गया।
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