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Bangladesh Violence: Hindu businessman dies in Bangladesh, wife makes this demand!
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Bangladesh Violence: बांग्लादेश में हिंदू व्यापारी ने तोड़ा दम, पत्नी ने की ये मांग!
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: आदर्श Updated Sat, 03 Jan 2026 08:10 PM IST
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बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शरियतपुर जिले में मेडिकल स्टोर चलाने वाले हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास की शनिवार सुबह ढाका के नेशनल बर्न इंस्टीट्यूट में इलाज के दौरान मौत हो गई। नए साल की पूर्व संध्या पर बदमाशों ने उन पर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था। यह घटना न सिर्फ मानवता को झकझोरने वाली है, बल्कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है।
डॉक्टरों के मुताबिक, खोकन दास के शरीर का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा बुरी तरह झुलस गया था। आग की लपटों से उनका चेहरा और श्वसन तंत्र गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। नेशनल बर्न इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर डॉ. शौन बिन रहमान ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 7:20 बजे खोकन दास ने अंतिम सांस ली। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन जख्म बेहद गंभीर थे।
स्थानीय अखबार प्रथम आलो के अनुसार, यह घटना 31 दिसंबर की रात करीब 9:30 बजे दामुदिया उपजिला के कोनेश्वर यूनियन स्थित केउरभांगा बाजार के पास हुई। खोकन दास रोज की तरह दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। तभी रास्ते में बदमाशों ने उन्हें रोका, पहले धारदार हथियारों से हमला किया और फिर उन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग की लपटों में घिरे खोकन दास जान बचाने के लिए पास के एक तालाब में कूद गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे।
गंभीर रूप से झुलसे खोकन दास को पहले शरियतपुर सदर अस्पताल ले जाया गया। हालत नाजुक होने पर उन्हें ढाका के नेशनल बर्न इंस्टीट्यूट रेफर किया गया, जहां कई दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद उनकी मौत हो गई।
खोकन दास की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी पत्नी सीमा दास, गोद में छोटे बच्चे को लिए फूट-फूटकर रोती नजर आईं। उन्होंने कहा, “मेरे पति रोज की तरह घर लौट रहे थे। हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। फिर उन्हें इतनी बेरहमी से क्यों मारा गया?” सीमा दास ने दावा किया कि उनके पति ने दो हमलावरों को पहचान लिया था, इसी वजह से बदमाशों ने उन्हें जिंदा जलाने की कोशिश की, ताकि कोई गवाह न बचे। परिवार ने निष्पक्ष जांच और सभी दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है।
खोकन दास के रिश्तेदार प्रांतो दास ने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या नहीं है, बल्कि पूरे हिंदू समुदाय में डर फैलाने की कोशिश है। उन्होंने मांग की कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए।
दामुदिया थाने के प्रभारी मोहम्मद रबिउल हक ने बताया कि पुलिस ने दो आरोपियों रब्बी और सोहाग की पहचान कर ली है। दोनों स्थानीय निवासी हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि अन्य संभावित आरोपियों की भी तलाश जारी है।
इस घटना ने एक बार फिर बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सवाल यह है कि क्या दोषियों को सख्त सजा मिलेगी, या यह मामला भी समय के साथ फाइलों में दब जाएगा।
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