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ईरान का बड़ा दावा: '9/11 जैसा फर्जी हमला कर सकते हैं हमारे दुश्मन', लारिजानी ने एपस्टीन से जोड़ा कनेक्शन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: Pavan
Updated Sun, 15 Mar 2026 08:00 PM IST
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सार
Iran Big Claims: पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच ईरान की तरफ से दावा किया गया है कि एपस्टीन नेटवर्क से जुड़े कुछ लोग अमेरिका पर 9/11 जैसा आतंकी हमला कर सकते हैं और इसका आरोप ईरान पर लगा सकते हैं।
अली लारीजानी
- फोटो : एक्स/अली लारीजानी
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विस्तार
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है। ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी ने कहा है कि दिवंगत अमेरिकी कारोबारी जेफरी एपस्टीन के नेटवर्क से जुड़े कुछ लोग कथित तौर पर 11 सितंबर 2001 जैसे आतंकी हमले की साजिश रच रहे हैं, ताकि उसका आरोप ईरान पर लगाया जा सके। लारिजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि एपस्टीन नेटवर्क के बचे हुए सदस्य 9/11 जैसी घटना कराने की योजना बना रहे हैं और इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि ईरान ऐसी किसी भी आतंकी साजिश का कड़ा विरोध करता है और उसका अमेरिकी जनता से कोई दुश्मनी नहीं है।
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पश्चिम एशिया में हालात काफी तनावपूर्ण
यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में हालात काफी तनावपूर्ण हैं। हाल के दिनों में अमेरिका और इस्राइल ने ईरान से जुड़े ठिकानों पर कई हमले किए हैं। वहीं इस्राइल ने लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों को भी निशाना बनाया है। इसके जवाब में ईरान ने इस्राइल की ओर कई मिसाइल हमले किए और इराक तथा कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का भी दावा किया है।
क्या है 9/11 आतंकी हमला?
दरअसल, 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुआ आतंकी हमला आधुनिक इतिहास के सबसे भयावह हमलों में से एक माना जाता है। उस दिन अल-कायदा से जुड़े 19 आतंकियों ने चार यात्री विमानों को हाईजैक कर लिया था। इनमें से दो विमानों को न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की जुड़वां इमारतों से टकरा दिया गया, जिससे कुछ ही घंटों में दोनों टावर ढह गए। एक विमान वर्जीनिया मौजूद पेंटागन से टकराया, जबकि चौथा विमान पेनसिल्वेनिया में गिर गया। इन हमलों में करीब 3,000 लोगों की मौत हुई थी।
ईरान के सरकारी और उससे जुड़े मीडिया लंबे समय से एपस्टीन के पश्चिमी देशों के कई प्रभावशाली राजनेताओं और कारोबारियों से संबंधों का जिक्र करते रहे हैं। इसी संदर्भ में मौजूदा टकराव के दौरान इन कड़ियों को फिर से उठाया जा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पहले एपस्टीन को खतरनाक और संदिग्ध व्यक्ति बताया था, हालांकि अतीत में दोनों की कुछ तस्वीरें साथ में सामने आई थीं।
यह भी पढ़ें - West Asia Conflict: पश्चिम एशिया के समुद्री मार्गों पर हमले, अब तक 17 जहाजों को बनाया गया निशाना; जानें सबकुछ
ईरान के दावे अमेरिका की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल ईरान के इस दावे पर अमेरिका या अन्य पश्चिमी देशों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी टकराव के बीच इस तरह के आरोपों से तनाव और बढ़ सकता है।
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पश्चिम एशिया में हालात काफी तनावपूर्ण
यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में हालात काफी तनावपूर्ण हैं। हाल के दिनों में अमेरिका और इस्राइल ने ईरान से जुड़े ठिकानों पर कई हमले किए हैं। वहीं इस्राइल ने लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों को भी निशाना बनाया है। इसके जवाब में ईरान ने इस्राइल की ओर कई मिसाइल हमले किए और इराक तथा कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का भी दावा किया है।
क्या है 9/11 आतंकी हमला?
दरअसल, 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुआ आतंकी हमला आधुनिक इतिहास के सबसे भयावह हमलों में से एक माना जाता है। उस दिन अल-कायदा से जुड़े 19 आतंकियों ने चार यात्री विमानों को हाईजैक कर लिया था। इनमें से दो विमानों को न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की जुड़वां इमारतों से टकरा दिया गया, जिससे कुछ ही घंटों में दोनों टावर ढह गए। एक विमान वर्जीनिया मौजूद पेंटागन से टकराया, जबकि चौथा विमान पेनसिल्वेनिया में गिर गया। इन हमलों में करीब 3,000 लोगों की मौत हुई थी।
ईरान के सरकारी और उससे जुड़े मीडिया लंबे समय से एपस्टीन के पश्चिमी देशों के कई प्रभावशाली राजनेताओं और कारोबारियों से संबंधों का जिक्र करते रहे हैं। इसी संदर्भ में मौजूदा टकराव के दौरान इन कड़ियों को फिर से उठाया जा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पहले एपस्टीन को खतरनाक और संदिग्ध व्यक्ति बताया था, हालांकि अतीत में दोनों की कुछ तस्वीरें साथ में सामने आई थीं।
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ईरान के दावे अमेरिका की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल ईरान के इस दावे पर अमेरिका या अन्य पश्चिमी देशों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी टकराव के बीच इस तरह के आरोपों से तनाव और बढ़ सकता है।
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