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Iran-US Tension: पीछे हटेगी अमेरिकी सेना, होर्मुज के खुलेंगे रास्ते; ईरान-US शांति समझौते के मसौदे पर सहमति!

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 27 May 2026 06:56 PM IST
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सार

ईरान ने कहा है कि अमेरिका के साथ शांति समझौते का एक शुरुआती मसौदा तैयार हुआ है, जिससे होर्मुज जलमार्ग में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही फिर शुरू हो सकती है और समुद्री नाकाबंदी खत्म हो सकती है। पढ़िए रिपोर्ट-

Iran draft US peace deal would reopen Hormuz shipping, end naval blockade
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

ईरान ने कहा कि अमेरिका के साथ शांति समझौते का एक मसौदा तैयार हुआ है, जिससे होर्मुज जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो सकती है और समुद्री नाकाबंदी खत्म हो सकती है। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने यह जानकारी दी। 


मसौदे में क्या है?
इस प्रारूप के तहत ईरान एक महीने के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिये होने वाली व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को युद्ध के पहले के स्तर पर वापस लाएगा। वहीं, अमेरिका ईरान के आसपास से अपनी सैन्य ताकत को हटाएगा और नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करेगा। 
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'बहु-स्तरीय शांति प्रक्रिया होगी'
ईरान की समाचार एजेंसी मिजान ने इस प्रस्ताव के बारे में और विस्तार से बताया है, जो एक बहु-स्तरीय शांति प्रक्रिया शुरू करने की योजना है। 

ये भी पढ़ें: 'अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति सम्मान में आ रही गिरावट खतरनाक', संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख ने दी चेतावनी
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'सैन्य ताकत हटाएगा अमेरिका'
इसने कहा, अमेरिका ने कथित तौर पर वादा किया है कि वह ईरान के आसपास से अपनी सैन्य ताकत को हटाएगा। लेकिन इसमें यह शामिल होगा या नहीं कि वह क्षेत्र में भेजी गई सेनाएं हटाएगा या वहां के सैन्य ठिकानों पर मौजूद सैनिक भी हटाएगा, इस पर आगे बातचीत होगी।

रिपोर्ट में आगे कहा गया, अगर 60 दिनों के अंदर अंतिम समझौता हो जाता है, तो इस समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक बाध्यकारी (कानूनी रूप से मानने योग्य) प्रस्ताव के रूप में मंजूरी दी जाएगी। 

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम के दौरान भी पहले कई बार तनावपूर्ण घटनाएं हो चुकी हैं। मई की शुरुआत में भी अमेरिकी सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। उस समय अमेरिका ने आरोप लगाया था कि ईरान ने उसके युद्धपोतों पर मिसाइल, ड्रोन और छोटी नौकाओं से हमला करने की कोशिश की थी।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। यहां किसी भी सैन्य गतिविधि का असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पड़ता है। यही वजह है कि अमेरिका इस क्षेत्र में लगातार सैन्य निगरानी बनाए हुए है।

यूरेनियम पर ट्रंप का बयान
इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के संवर्धित यूरेनियम को लेकर भी बड़ा बयान दिया। ट्रंप ने कहा कि ईरान का संवर्धित यूरेनियम या तो अमेरिका को सौंपा जाए ताकि उसे नष्ट किया जा सके या फिर ईरान के साथ मिलकर उसी जगह पर खत्म किया जाए।

ट्रंप ने संकेत दिए कि दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बातचीत 'अच्छे तरीके से' चल रही है। वहीं, ईरान ने भी माना है कि कई मुद्दों पर सहमति बनी है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों के बार-बार बदलते रुख से बातचीत जटिल हो रही है।
 
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