West Asia Tension: ईरान की दो-टूक, चाबहार पर US का हमला 'युद्ध अपराध'; जंग-टकराव पर GCC और अरब लीग क्या बोले?
West Asia Tension: ईरान ने अमेरिका के साथ जारी जंग के बीच कहा है कि चाबहार बंदरगाह पर अमेरिकी सेना का हमला 'युद्ध अपराध' है। चार महीने से अधिक समय से जारी इस जंग और ईरान समेत अन्य देशों के टकराव पर गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) और अरब लीग ने भी बयान दिए हैं। युद्ध पर किस पक्ष ने क्या कहा? जानिए इस खबर में
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ईरान ने दो-टूक लहजे में कहा है कि जंग के बीच चाबहार बंदरगाह पर अमेरिकी सेना का हमला स्पष्ट 'युद्ध अपराध' है। इस जंग और टकराव पर GCC और अरब लीग की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। ईरानी सेना की कार्रवाई की निंदा करते हुए अरब और खाड़ी देशों ने बढ़ते तनाव पर चिंता जाहिर की है। भारत में ईरानी दूतावास ने अमेरिकी सेना की कार्रवाई को लेकर कहा, 'शनिवार को चाबहार स्थित ईरान के शाहिद कलांतरी बंदरगाह पर अमेरिकी हमले में निगरानी टावर नष्ट हो गया। नागरिक और आर्थिक बुनियादी ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाए जाने की ये घटना 'युद्ध अपराध' है।
ईरानी दूतावास ने क्या कहा?
शनिवार को एक्स हैंडल पर जारी एक बयान में भारत में ईरानी दूतावास ने कहा, अमेरिकी सेना ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन करते हुए चाबहार बंदरगाह पर हमले किए।दूतावास ने संपत्तियों की रक्षा और अमेरिका के दायित्वों का जिक्र करते हुए कहा, नागरिक और आर्थिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर, अमेरिका ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ा है। सशस्त्र संघर्ष के दौरान अमेरिका ने संपत्तियों की रक्षा के अपने दायित्वों की भी अवहेलना की है।
यूएई ने ईरान के आक्रामक दृष्टिकोण पर क्या कहा?
बकौल अरब लीग प्रमुख फहमी, कुवैत, कतर, बहरीन, जॉर्डन और इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र पर ईरान के हमलों की बढ़ती गति उसके आक्रामक दृष्टिकोण को दिखाती है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, इसे बर्दाश्त या स्वीकार नहीं किया जा सकता है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के विदेश मंत्रालय ने भी ड्रोन और मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की। यूएई ने कहा कि ये शत्रुतापूर्ण कार्रवाई 'भाईचारे वाले देशों की संप्रभुता का घोर उल्लंघन' हैं। बहरीन, कुवैत और जॉर्डन के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए यूएई ने कहा, ये हमले उनकी सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा हैं। यूएई ने आत्मरक्षा के सभी उपायों का समर्थन करने की बात भी कही।
कतर, कुवैत और मिस्र ने क्या कहा?
कुवैत में बिजली और पानी से जुड़े नेटवर्क को सीधे निशाना बनाए जाने का जिक्र करते हुए कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा, हमले सभी स्वीकार्य सीमाओं को पार कर चुके हैं। दोहा ने कहा, ईरान के हमले अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अच्छे पड़ोसी के सिद्धांतों का घोर उल्लंघन हैं। कतर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) प्रस्ताव 2817 के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा, मौजूदा सैन्य अभियान उकसावा है जो खतरनाक तरीके से आगे बढ़ रहा है। इससे तनाव को नियंत्रित करने के प्रयासों को झटका लगेगा। ईरान और अमेरिका के बीच सुलह कराने के लिए मध्यस्थता कर चुके कतर ने एक बार फिर दोनों पक्षों से शत्रुता को तत्काल समाप्त करते हुए राजनयिक वार्ता बहाल करने की अपील भी की। मिस्र ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन को निशाना बनाने वाली ईरानी आक्रामकता की निंदा करते हुए कहा, इससे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ रही है। कुवैत ने भी तेल संयंत्रों, बिजली स्टेशनों और जल संयंत्रों पर ईरानी सैन्य हमलों की कड़ी निंदा की।
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अमेरिका-ईरान जंग के बीच समझौता, अब तेहरान ने क्या कहा?
गौरतलब है कि करीब 110 दिनों की जंग के बाद अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। अब तेहरान ने अपनी प्रतिबद्धताओं को निलंबित कर दिया है। मोजतबा खामेनेई युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक सामने नहीं आए हैं। उनके नाम से जारी बयान सरकारी टेलीविजन पर तब पढ़ा गया। इस बयान से पहले अमेरिका ने ईरान के बुनियादी ढांचे और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए।