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'पाकिस्तान-इस्राइल में होने वाली थी डील': इमरान खान की बहन का दावा, क्या मुनीर को फील्ड मार्शल बनाने की साजिश?
Sun, 19 Jul 2026 01:36 AM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, लाहौर।
पीटीआई, लाहौर।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 19 Jul 2026 01:36 AM IST
सार
इमरान खान की बहन नोरीन नियाजी ने दावा किया है कि मई 2025 में भारत-पाकिस्तान संघर्ष को इस्राइल के कहने पर रोका गया था क्योंकि पाकिस्तान उसे मान्यता देने वाला था। उन्होंने इसे पीएम मोदी और पाक सेना की मिलीभगत बताया, जिसपर सत्तारूढ़ पीएमएल-एन ने इसे देश विरोधी और शर्मनाक बयान करार दिया है। उन्होंने और क्या-क्या कहा है? जानिए...
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नोरीन नियाजी का बड़ा दावा
- फोटो : @AI/अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन नोरीन नियाजी ने एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा है कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई जंग को भारत ने केवल इसलिए आगे नहीं बढ़ाया, क्योंकि पाकिस्तान इस्राइल को मान्यता देने की तैयारी कर रहा था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक इंटरव्यू में उन्होंने ये गंभीर आरोप लगाए हैं। नोरीन के इस बयान के बाद पाकिस्तानी सेना और सरकार पर चौतरफा हमले शुरू हो गए हैं।
क्या मई 2025 की जंग एक सोची-समझी साजिश थी?
नोरीन नियाजी ने मई 2025 के सैन्य संघर्ष को लेकर सीधे तौर पर पाकिस्तान की सेना और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि भारत बड़ी आसानी से जवाबी कार्रवाई कर सकता था। लेकिन भारत ने इस्राइल के कहने पर अपनी सेना को आगे बढ़ने से रोक दिया, क्योंकि पाकिस्तान इस्राइल को मान्यता देने वाला था। उन्होंने बिना कोई सबूत दिए यह भी दावा किया कि पाकिस्तान और इस्राइल के बीच पहले से ही गुप्त बातचीत चल रही थी।
जनरल आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाने का खेल?
नोरीन नियाजी ने यह भी दावा किया कि इस पूरे सैन्य टकराव की पटकथा केवल इसलिए रची गई थी ताकि पाकिस्तान की सेना की छवि को जनता के बीच सुधारा जा सके। उन्होंने सीधे तौर पर तत्कालीन थल सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर का नाम लिया। इस संघर्ष के बाद ही जनरल आसिम मुनीर को प्रमोट करके 'फील्ड मार्शल' का सर्वोच्च पद दिया गया था। नियाजी ने इसे साल 2020 के 'अब्राहम अकॉर्ड्स' से भी जोड़ा, जिसके तहत कई अरब देशों ने इस्राइल के साथ रिश्ते सामान्य किए थे।
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यह भी पढ़ें: अमेरिका से शांति समझौता खत्म?: ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की धमकी, कहा-सिखाएंगे कभी न भूलने वाला सबक
इस सैन्य संघर्ष की पांच बड़ी बातें
इमरान के परिवार पर देशद्रोह का आरोप?
नोरीन नियाजी के इस बयान पर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सूचना मंत्री अजमा बुखारी ने बेहद सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि नोरीन नियाजी का यह बयान उनके भाई इमरान खान की देश विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। इमरान खान का परिवार कभी भी पाकिस्तान की सैन्य सफलताओं को पचा नहीं पाता है। बुखारी ने नियाजी के बयान को बेहद 'शर्मनाक और निंदनीय' बताया। उन्होंने साफ किया कि पूरी दुनिया ने 'मारका-ए-हक' में पाकिस्तान की ऐतिहासिक जीत को स्वीकार किया था।
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क्या मई 2025 की जंग एक सोची-समझी साजिश थी?
नोरीन नियाजी ने मई 2025 के सैन्य संघर्ष को लेकर सीधे तौर पर पाकिस्तान की सेना और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि भारत बड़ी आसानी से जवाबी कार्रवाई कर सकता था। लेकिन भारत ने इस्राइल के कहने पर अपनी सेना को आगे बढ़ने से रोक दिया, क्योंकि पाकिस्तान इस्राइल को मान्यता देने वाला था। उन्होंने बिना कोई सबूत दिए यह भी दावा किया कि पाकिस्तान और इस्राइल के बीच पहले से ही गुप्त बातचीत चल रही थी।
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जनरल आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाने का खेल?
नोरीन नियाजी ने यह भी दावा किया कि इस पूरे सैन्य टकराव की पटकथा केवल इसलिए रची गई थी ताकि पाकिस्तान की सेना की छवि को जनता के बीच सुधारा जा सके। उन्होंने सीधे तौर पर तत्कालीन थल सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर का नाम लिया। इस संघर्ष के बाद ही जनरल आसिम मुनीर को प्रमोट करके 'फील्ड मार्शल' का सर्वोच्च पद दिया गया था। नियाजी ने इसे साल 2020 के 'अब्राहम अकॉर्ड्स' से भी जोड़ा, जिसके तहत कई अरब देशों ने इस्राइल के साथ रिश्ते सामान्य किए थे।
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इस सैन्य संघर्ष की पांच बड़ी बातें
- आतंकी हमला: अप्रैल 2025 में पहलगाम में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 आम नागरिक मारे गए थे।
- भारत का पलटवार: भारत ने सात मई को पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया।
- चार दिनों की जंग: दोनों देशों के बीच सात मई से 10 मई 2025 तक भीषण सैन्य झड़पें हुईं।
- युद्ध विराम: 10 मई 2025 को दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने पर आपसी सहमति बनी।
- पाकिस्तान का नाम: इस्लामाबाद ने इस चार दिवसीय सैन्य संघर्ष को 'मारका-ए-हक' नाम दिया था।
इमरान के परिवार पर देशद्रोह का आरोप?
नोरीन नियाजी के इस बयान पर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सूचना मंत्री अजमा बुखारी ने बेहद सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि नोरीन नियाजी का यह बयान उनके भाई इमरान खान की देश विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। इमरान खान का परिवार कभी भी पाकिस्तान की सैन्य सफलताओं को पचा नहीं पाता है। बुखारी ने नियाजी के बयान को बेहद 'शर्मनाक और निंदनीय' बताया। उन्होंने साफ किया कि पूरी दुनिया ने 'मारका-ए-हक' में पाकिस्तान की ऐतिहासिक जीत को स्वीकार किया था।