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US-Iran War: ईरान युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के नाम जारी, कुवैत में ड्रोन हमले में गंवाई जान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Love Gaur
Updated Wed, 04 Mar 2026 07:56 AM IST
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सार
US-Iran War: पेंटागन (अमेरिकी रक्षा मंत्रालय) ने ईरान युद्ध में मारे गए छह में से चार अमेरिकी सैनिकों के नाम जारी किए हैं। ये सभी सैनिक आर्मी रिजर्व से जुड़े थे और कुवैत में एक कमांड सेंटर पर ड्रोन हमले में मारे गए। यह हमला उस समय हुआ जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी हमले किए।
अमेरिका ईरान में जंग
- फोटो : ANI Photos
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विस्तार
अमेरिका रक्षा विभाग पेंटागन ने ईरान युद्ध में मारे गए छह अमेरिकी सैनिकों में से चार के नाम जारी किए हैं। यह घटना कुवैत में हुए एक ड्रोन हमले में हुई, जिसमें ये सभी सैनिक मारे गए। यह हमला अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू करने के ठीक एक दिन बाद हुआ था, जिसके जवाब में ईरान ने भी जवाबी हमले किए थे। सभी चार आर्मी रिजर्व के सैनिक थे और 103वीं सस्टेनमेंट कमांड से जुड़े थे, जिसका मुख्यालय डेस मोइनेस, आयोवा में है।
सेना सचिव डैनियल ड्रिस्कॉल ने कहा कि इन सभी सैनिकों ने देश की सेवा के लिए खुद आगे बढ़कर जिम्मेदारी ली थी। उनकी कुर्बानी कभी नहीं भूली जाएगी। जबकि ट्रंप प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बढ़ते संघर्ष के परिणामस्वरूप और अधिक अमेरिकी हताहत हो सकते हैं।
बता दें कि 39 वर्षीय निकोल अमोर अपने पति और दो बच्चों के पास घर लौटने वाली थीं, लेकिन उससे पहले ही उनकी मौत हो गई। उनके पति ने कहा कि वो बहुत मददगार और दयालु थीं। उन्होंने कई लोगों की जिंदगी में रोशनी लाई। डेक्लन कोडी Drake University के छात्र थे और IT स्पेशलिस्ट के रूप में सेना में काम कर रहे थे। वे ईगल स्काउट भी थे और उन्होंने बेघर बच्चों के लिए कुर्सियां बनाकर दान की थीं।
अमेरिका का दावा: ईरान पर लगभग 2,000 सैन्य ठिकानों पर हमला किया
अमेरिकी सेनाओं के सेंट्रल कमांड ने कहा है कि अमेरिका ने ईरान में पिछले कुछ दिनों में लगभग 2,000 लक्ष्यों (टार्गेट्स) पर हमले किए हैं। इन हमलों में ईरान की मिसाइल लॉन्च साइट, नौसेना के जहाज, एक पनडुब्बी और अन्य सैन्य ढांचे निशाना बनाए गए। CENTCOM प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि इस ऑपरेशन में 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक, 200 फाइटर जेट, दो विमानवाहक पोत और बमबाज विमान शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि यह मध्य पूर्व में पिछले दशक का सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य अभियान है। अमेरिका ने ईरान की आकाश रक्षा, बैलिस्टिक मिसाइल, ड्रोन लॉन्चर और कमांड केंद्रों को भारी नुकसान पहुँचाने का दावा किया है, जिससे ईरान की युद्ध क्षमता कमजोर हुई है।
ये भी पढ़ें: US Iran War: 'अगर हमने पहले कार्रवाई नहीं की होती, तो वे हमला कर देते', ट्रंप ने ईरान पर हमले का किया बचाव
ईरान-इस्राइल युद्ध तेज
इस्राइल ने मंगलवार को कहा कि उसने ईरान के मिसाइल लॉन्चर और एक परमाणु रिसर्च सेंटर पर हवाई हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने इज़राइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे। अब तक...
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- कैप्टन कोडी ए. खॉर्क (35): फ्लोरिडा के विंटर हेवन के रहने वाले थे।
- सार्जेंट फर्स्ट क्लास नूह एल. टिटजेन्स (42): नेब्रास्का के बेलेव्यू के रहने वाले थे।
- सार्जेंट फर्स्ट क्लास निकोल एम. अमोर (39): मिनेसोटा के व्हाइट बेयर लेक की रहने वाली थीं।
- स्पेशलिस्ट डेक्लन जे. कोडी (20): आयोवा के वेस्ट डेस मोइनेस के रहने वाले थे।
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सेना सचिव डैनियल ड्रिस्कॉल ने कहा कि इन सभी सैनिकों ने देश की सेवा के लिए खुद आगे बढ़कर जिम्मेदारी ली थी। उनकी कुर्बानी कभी नहीं भूली जाएगी। जबकि ट्रंप प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बढ़ते संघर्ष के परिणामस्वरूप और अधिक अमेरिकी हताहत हो सकते हैं।
बता दें कि 39 वर्षीय निकोल अमोर अपने पति और दो बच्चों के पास घर लौटने वाली थीं, लेकिन उससे पहले ही उनकी मौत हो गई। उनके पति ने कहा कि वो बहुत मददगार और दयालु थीं। उन्होंने कई लोगों की जिंदगी में रोशनी लाई। डेक्लन कोडी Drake University के छात्र थे और IT स्पेशलिस्ट के रूप में सेना में काम कर रहे थे। वे ईगल स्काउट भी थे और उन्होंने बेघर बच्चों के लिए कुर्सियां बनाकर दान की थीं।
अमेरिका का दावा: ईरान पर लगभग 2,000 सैन्य ठिकानों पर हमला किया
अमेरिकी सेनाओं के सेंट्रल कमांड ने कहा है कि अमेरिका ने ईरान में पिछले कुछ दिनों में लगभग 2,000 लक्ष्यों (टार्गेट्स) पर हमले किए हैं। इन हमलों में ईरान की मिसाइल लॉन्च साइट, नौसेना के जहाज, एक पनडुब्बी और अन्य सैन्य ढांचे निशाना बनाए गए। CENTCOM प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि इस ऑपरेशन में 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक, 200 फाइटर जेट, दो विमानवाहक पोत और बमबाज विमान शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि यह मध्य पूर्व में पिछले दशक का सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य अभियान है। अमेरिका ने ईरान की आकाश रक्षा, बैलिस्टिक मिसाइल, ड्रोन लॉन्चर और कमांड केंद्रों को भारी नुकसान पहुँचाने का दावा किया है, जिससे ईरान की युद्ध क्षमता कमजोर हुई है।
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ईरान-इस्राइल युद्ध तेज
इस्राइल ने मंगलवार को कहा कि उसने ईरान के मिसाइल लॉन्चर और एक परमाणु रिसर्च सेंटर पर हवाई हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने इज़राइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे। अब तक...
- ईरान में लगभग 800 लोगों की मौत हो चुकी है।
- इस्राइल में 11 लोगों की मौत हुई है।
- अमेरिका के 6 सैनिक मारे गए हैं।