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पश्चिम एशिया में संघर्ष का चौथा दिन: जारी रहा हमलों का दौर, इस्राइल ने ईरान खूब बरसाए बम; ऊर्जा आपूर्ति बाधित

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई Published by: Shubham Kumar Updated Wed, 04 Mar 2026 03:39 AM IST
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सार

पश्चिम एशिया में संघर्ष दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। इस्राइल ने ईरानी मिसाइल ठिकानों पर हवाई हमले तेज किए, तो ईरान ने जवाब में इस्राइल और खाड़ी देशों में हमले किए। ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई, यात्रा प्रभावित हुई, और तेहरान-लेबनान में धमाके सुनाई दिए। ईरान ने दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसमें 11 लोग मारे गए। अब सवाल यह है कि यह युद्ध कब और कैसे रुकेगा?

Israel steps up airstrikes in Tehran as Iran widens its response across region News In Hindi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
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विस्तार

पश्चिम एशिया में शुरू हुए संघर्ष का आज चौथा दिन है, लेकिन यह हर दिन और भी खतरनाक मोड़ ले रहा है। इसी क्रम में इस्राइल ने मंगलवार को भी ईरानी मिसाइल लॉन्चिंग और निर्माण केंद्रों पर हवाई हमले तेज कर दिए, तो ईरान ने इसके जवाब में इस्राइल और खाड़ी देशों में खूब हमले किए। इन हमलों के कारण ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई और यात्रा भी प्रभावित हुई। तेहरान और लेबनान में धमाके सुनाई दिए। इस्राइल ने लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों को भी निशाना बनाया। तो दूसरी ओर ईरान ने सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला किया।

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बता दें कि यह युद्ध शुरू हुए चार दिन हो चुके हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह संघर्ष कुछ हफ्तों तक रह सकता है, लेकिन लंबा भी हो सकता है। अबतक इस संघर्ष में ईरान में सैकड़ों लोग मारे गए हैं, जिनमें कुछ ऐसे भी थे जिन्हें ट्रंप भविष्य के नेता मान रहे थे। इतना ही नहीं ईरान ने इस्राइल पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें दागी, जिससे पूरे देश में एयर रैड सायरन बज गए। अधिकांश मिसाइलों को इस्राइल ने रोक लिया, लेकिन कुछ मिसाइलें गिरीं और 11 लोगों की मौत हुई।
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अमेरिकी और इस्राइल रणनीति
ट्रंप के अनुसार अमेरिकी और इस्राइल के ईरान पर हमलों के चार उद्देश्य हैं।

  • ईरान की मिसाइल क्षमता को नष्ट करना।

  • ईरानी नौसेना को कमजोर करना।

  • ईरान को न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाने देना।

  • ईरान को अपने सहयोगी सशस्त्र समूहों को समर्थन देने से रोकना।

इसके साथ ही ट्रंप ने यह भी कहा है कि यह युद्ध के बाद ईरान के अंदर किसी नेता का चयन करना उनके नियंत्रण में नहीं है, क्योंकि कई संभावित नेता युद्ध में मारे जा चुके हैं।


अब समझिए ईरान की स्थिति
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की जगह नए सर्वोच्च नेता का चुनाव कर रहे हैं। यह 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद दूसरी बार हो रहा है। उम्मीदवारों में कठोर रुख वाले और पश्चिम के साथ वार्ता करने वाले सुधारवादी नेता शामिल हैं। तेहरान और अन्य शहरों में लगातार हवाई हमले हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने धमाकों और उड़ते हुए विमानों की आवाज सुनी। दुकानों और एटीएम पर भारी कमी देखने को मिली, जबकि कुछ सुपरमार्केट और बेकरी खुले थे।

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इस्राइल-लेबनान की स्थिति और होर्मुज जलसंधि
हिजबुल्ला के हमले के जवाब में इस्राइल ने बेरूत पर हवाई हमले किए और दक्षिण लेबनान में अतिरिक्त सैनिक तैनात किए। जवाब में ईरान ने कई देशों को निशाना बनाया। हाल ही में यूएई में दो अमेजन डेटा सेंटर, बहरीन में एक सेंटर, कतर और सऊदी अरब में ऊर्जा सुविधाएं और होर्मुज जलसंधि में कई जहाजों पर हमला किया। ईरानी अधिकारी ने चेतावनी दी कि होर्मुज जलसंधि को बंद कर दिया गया है और किसी जहाज को पार करने की कोशिश करनी होगी तो उसे आग लगा दी जाएगी। इन हमलों के कारण वैश्विक तेल और गैस की कीमतें बढ़ गईं और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर संकट पैदा हो गया है।

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